आज सही आदमी से टकराया है एक मूर्ख इंसान जो भाषाई तौर पर अंधभक्त है।
बड़ा भाषा वाले बने हैं तो अंग्रेजी, हिन्दी आदि क्यों पढ़ते हैं अगर एक ही भाषा की चरस बोए रखनी है तो। ये नफ़रती सोच है अगर थोप रहे हैं तो।
@rapidoapp_ aaj rapido captain ne mere family k sath badtamizi ki aur bich raste me saman k sath uthar diya.
Capital ka mobile :- 8045805267
Gadi number:- HR xx 9959
Iske khilaf kuch action hoga?
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने बिल्कुल सही कहा,
NEET-UG पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य और भरोसा तोड़ दिया।
14 युवा ज़िंदगियाँ चली गईं,
लेकिन बीजेपी की तरफ़ से कोई जवाबदेही नहीं आई।
एजूकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान अब भी अपने पद पर बने हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक या संवेदना का एक शब्द भी नहीं आया।
क्या देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा रहा है?
ट्रेलर्स में देखा लेकिन मुख्य फिल्म में नहीं.!
आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों की टी -20 सीरीज में यंग ओपनर वैभव सूर्यवंशी के 'नो डेब्यू' पर भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सैयद किरमानी खफा हैं.
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक किरमानी ने कहा -"सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ नहीं खेलना एक गलती थी.
आयरलैंड से पहला मैच हारने के बाद दूसरे टी -20 में भी उन्हें नहीं देखकर मैं वाकई हैरान था. हम सभी ने देखा कि क्या हुआ.
सूर्यवंशी को पूरे मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में बैठाने के बजाय भारतीय प्लेइंग 11 में शामिल करने के लिए हमें ज्यादा दृढता दिखानी चाहिए. "
किरमानी ने आगे कहा -"वह एक बेहतरीन प्रतिभा है. वह एक एंटरटेनर है. मैं उसकी वजह से क्रिकेट देखता हूं. ब्रॉडकास्टर ने इस सीरीज की मार्केटिंग सूर्यवंशी के नाम पर की.
हमने उन्हें ट्रेलर्स में देखा लेकिन मुख्य फिल्म में नहीं, यह क्या है. "
भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह ने भी कहा -"आपको सूर्यवंशी के लिए जगह बनानी होगी.
चाहे पारी का आगाज़ करने में या तीसरे या चौथे नंबर पर. आप उसे कहीं बैटिंग कराएं वह वैसे ही बैटिंग करेगा, जैसे वह जानता है. उसे आयरलैंड के खिलाफ टीम में होना चाहिए था.
अगर आपके पास सूर्यवंशी जैसा आक्रामक बल्लेबाज है तो आपको उसे कहीं न कहीं शामिल करना होगा. "
अगर श्रेयस अय्यर के हिसाब से उसे IPL का परफॉरमेंस देखकर कैप्टन बनाया जा सकता है तो फिर IPL के ऑरेंज कैप होल्डर सूर्यवंशी को क्यों टीम में नहीं खेलाया जा सकता?
वहां लॉजिक वर्ल्ड कप परफॉरमेंस का है तो कैप्टन भी WC टीम में से किसी को बनाओ।वहाँ इनकी पैराशूट लैंडिंग क्यों?
गजबे है
Shreyas Iyer lives on Mars or what? 🤡🤡 He isn’t aware of Vaibhav’s popularity. Peak jealousy!
Everyone knew about lobbying and politics in Indian cricket, but in Vaibhav’s case, they’re being so openly biased.
A pack of jokers scared of being overshadowed by a kid.
ये पार्थिव पटेल जैसा प्लेयर जिसे ना विकेट कीपिंग आता था ना बैटिंग बाकि , इसको 16 साल मे मौका दे दिया गया इधर
Vaibhav लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है लेकिन पता नहीं क्यों मौका नहीं दिया जा रहा है |
ऐसा भी नहीं है की बाकि प्लेयर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हो जिससे वैभव का टीम मे जगह नहीं बन पा रहा हो |
अब तो सच मे लगता है टैलेंट नहीं आप कँहा से आते हो ये ज्यादे मैटर करता है |
मुंबई और गुजरात लॉबी बहुत मज़बूत है, ये लोग सियासत हर जगह करते है |
@GautamGambhir Bhai sun lo agar ab dogalapanti kiye to bahut heavy protest hoga tumhare khilaaf. Jhel nhi paoge plz humlog ko vaibhav suryavanshi ka international T20 match dekhna hai England k sath playing 11 me plz shamil kro 🙏🙏🙏
भारतीय टीम ने इसी साल T-20 विश्व कप जीता था।
श्रेयस अय्यर उस टीम में नहीं थे और विश्व कप के बाद भी T-20 टीम का हिस्सा नहीं थे।
आज वे T-20 कप्तान हैं... किस आधार पर?
जाहिर है, IPL के आधार पर
प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे ने भी IPL और इंडिया-A के प्रदर्शन के आधार पर टीम में जगह बनाई।
बाकी खिलाड़ियों में सिर्फ ईशान किशन ने IPL में जोरदार प्रदर्शन किया, जबकि अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा सहित बाकी औसत रहे।
अगर IPL के आधार पर अय्यर, प्रिंस यादव और शेडगे को मौका मिला, तो उसी आधार पर वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं? उसने इन सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, बड़ी और विध्वंसक पारियां खेलीं और इंडिया-A को ट्राय सीरीज का फाइनल 94(29) रन बनाकर जिताया।
1989 में सचिन तेंडुलकर को पाकिस्तान दौरे पर इसलिए देखा जा रहा था क्योंकि वह अद्भुत प्रतिभा थे। इससे बाकी खिलाड़ियों का महत्व कम नहीं हुआ था। वैभव सूर्यवंशी भी वैसी ही अद्भुत प्रतिभा हैं।
अच्छा हुआ उस समय गौतम गंभीर जैसा कोच नहीं था, नहीं तो सचिन भी अमोल मजूमदार बन गया होता।
स्पेशल खिलाड़ी को स्पेशल ट्रीटमेंट मिलना ही चाहिए, बाकी सारे लॉजिक गये चूल्हे में।
सिर्फ बिहार से होने के कारण हमारे बेबी बॉस वैभव सूर्यवंशी को जो कुछ नमूने हेट दे रहे है, ये देखकर बहुत दुख हो रहा है, टीम में जिसके नाम मात्र होने से लोग आयरलैंड जैसे टीम से भी मैच में रुचि लेने को तैयार थे, उससे कुछ लोगों का जलना ये बताता है कि देश में बिहारियों को लोग कैसे देखते है।
जब पश्चिमी देश भारत या भारत के किसी लोग को ऐसे ही फालतू के हेट करता है, गाली देता है तो इन ग्रॉसरी वालों को बुरा लगता है, जबकि अपने ही देश में एक 15 साल के बिहारी के सफलता को ये चिलगोजे सब पचा नहीं पा रहा है।
लो ग्रॉसरी वालों, Ireland वालों ने रेल दिया अच्छे से, जाओ अब किसी बिल में घुस जाओ चादरमोड़ो...
#Ireland #INDvIRE
बिहार के मुख्यमंत्री,बिहार के खेल मंत्री,बिहार क्रिकेट एसोसिएशन और तमाम बिहार के जनप्रतिनिधियों को तुरंत इस पर संज्ञान लेना चाहिए कि जब वैभव को खेलाया नहीं जाता तो वैभव को पोस्टर पर क्यों रखा जा रहा है,क्या वैभव को सिर्फ TRP के लिए आयरलैंड दौरा पर ले जाया गया है ?
@samrat4bjp@_ShreyasiSingh@BCACric@SanjayJhaBihar@iChiragPaswan