देश के नेताओं और मीडिया को खटकने ही थे
क्योंकि खान सर ने वो करके दिखा दिया था,
जो देश के 543 सांसद मिलकर नहीं कर पाए
जो बड़े बड़े उद्योगपति नहीं कर पाए.....
ब्लड टेस्ट 7 रुपए, CT scan 150/-
तो X-ray और ECG 25-30 रुपए में
और तो और हॉस्पिटल में सारी मशीनें हाई क्वालिटी
देश के बड़े-बड़े और जाने माने डॉक्टर.....
भाजपा सरकार में सबसे ज़्यादा रेपिस्ट भरे पड़े है
फिर भी न जाने देश का युवा BJP को वोट कैसे दे देता है, ये बहन यही पूछ रही है
क्या ये सही कह रही है? अगर हाँ तो आप अपने जमीर को कैसे माना लेते हो?
चलो छोड़ो क्या आगे भी बीजेपी को ही वोट करने वाले हो या आपकी आँखे खुल गई है?
जो जो सहमत है RT किया करो
अंकित अवस्थी ने ज्यादा सही तरीके से, ज्यादा बेहतरीन धोया है।
कितने दुख की बात है कि 12 साल पत्रकारिता करने के बाद मैं इनसे सहमत होने को मजबूर हूं।
जब मैं छात्र था तो तंगी की हालत में भी तीन अखबार मंगाता था और जब पढ़ाई खत्म हुई, नौकरी ढूंढनी शुरू की, उस समय में 6 अखबार मंगाता था।
आज मैं दावे से कह सकता हूं कि अगर किसी अखबार में पढ़ने लायक कुछ मिल जाए तो समझिए कि वह अपवाद है।
और चैनलों के तो कहने ही क्या? जिस दिन न्यूज़ चैनल देखना पड़ जाए, समझिए जिंदगी का सबसे खराब दिन है।
कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों को कोसने से पहले पत्रकारों को जरा अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए।
देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री देश को आम पना बनाने की रेसिपी बता रहे हैं।
जो CBSE के बड़े-बड़े इन्वेस्टिगेटर नहीं कर पाए- वो एक 19 साल के एथिकल हैकर ने कर दिखाया और सरकार का पूरा सिस्टम देश के सामने खोलकर रख दिया।
देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पोस्ट, वीडियो या संदेश निकालकर देख लीजिए 👇
जब आप इन दोनों को सुनेंगे तो समझ आएगा कि जिसे देश चलाने की जिम्मेदारी मिली है, वो आम की वैरायटी गिना रहा है और जो विपक्ष में है उसे नौजवानों की चिंता है।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
पटना में खान सर कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हुई है. दो कोचिंग सेंटर में विवाद को लेकर फायरिंग की खबर है. पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन में जुटी है. फायरिंग की घटना को लेकर खान सर का पहला बयान आया है.
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कथित तौर पर, UP में एक आदमी ने पूरे 3 साल तक IAS अधिकारी होने का नाटक किया—जिसमें ऑफिस जाना और मीटिंग्स अटेंड करना भी शामिल था
'3 इंजन' वाले दूरदर्शी लोग कितने तेज़ हैं! ज़रा सोचिए, अगर वह कोई जासूस होता तो क्या होता।