@REAL___HINDUVT फिलहाल तो नहीं है । जब जरूरत होगी तब तक कुछ तो बुढ़े हो जाएंगे और कुछ भगवान को प्यारे हो जाएंगे । अगर कुछ करना ही है तो जवान और नए चेहरे को आगे लाइए । जो ईमानदार, और क्रांतिकारी विचार रखते हो , मुस्लिम - क्रिश्चियन के जगह सिर्फ देश को शक्ति शाल�� बनाने की बात करते हो ।
@sureshkapse पप्पु यादव की बुद्धि पर तरस आता है की वे किस हिन भावना से ग्रस्त हैं । आंतकवादी हमेशा हमारे देश को बर्बाद करने ,हमारे देश की अमन और शांति को खण्डित करने आते हैं जबकी चुनाव आयुक्त चुनाव में होने वाली धांधलियों पर अंकुश और इमानदारी से चुनाव कराने की संवेधानिक व्यवस्था है ।
@REAL___HINDUVT मोदी जी को तब तक वोट देते रहें��े ,जब तक आप लोगों के दिमाग में सनातन ध��्म के प्रति नफ़रत का बिच्छू हलचल करता रहेगा , सेना के प्रति नफ़रत रहेगी ,टूकडे टूकडे गेंग को समर्थन करते रहेंगे ,एक कौम विशेष को ही स्पोट करते रहोगे , हम आपके दुश्मन नहीं , आपके कुविचारों के दुश्मन है ।
@sumit1kalra यह इंसान प्रधानमंत्री बनने की जल्दी में था , इसकी खुद की हरकतों ने, इसे अर्श से फर्श पर ला पटका ।
जो हमेशा बक बक करता था आज उसकी आवाज तक सुनाई नहीं देती ।
@Ramesh18498367 खाली चालिस पैसे चुकाने जितनी बात होती तो फिर भी हम समझ सकते हैं लेकिन भाजपा सरकार को हर दिन एक नया टेक्स हम भारतवासियों पर लगा रही है इतने टेक्स तो अंग्रेजो ने भी हम भारतवा��ियों पर नहीं लगाएं थे, भ्रष्ट और निकम्में सरकारी नौकरी ��ाले हमारे दर्द को क्या समझेंगे ,जो हमें ज्ञान दे ।
@Ramesh18498367 लोकप्रिय तो है इसलिए देश के प्रधानमंत्री है। लेकिन हम सब आज दुःखी हैं क्योंकि सरकार नित नए टेक्स हम पर थोप रहीं हैं और सरकार का महंगाई पर कोई कंट्रोल नहीं है । पैसे वालों के कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन सबसे ज्यादा बर्बाद मध्यम वर्ग परिवार हो रहे हैं ।
राजनीति कितनी कुर्ती चीज होती है यह साबित किया कपासन नगरपालिका चैयरमेन चुनाव ने । कांग्रेस के 25वार्डो मे से 13 पार्षद विजेता, भाजपा के 10 और 2 निर्दली लेकिन वोटों की गिनती हुई तो भाजपा को मिले 16 वोट और कांग्रेस को मिले 9 वोट ।
कपासन नगरपालिका में चेयरमैन चुनाव में बहुमत वाली कांग्रेस अपने वोटरों को सम्भाल नहीं पाई ,भाजपा के पक्ष में 16 और कांग्रेस के पक्ष में सिर्फ 9 वोट । जबकी कांग्रेस के पास 25 मेसे 13का बहुमत था , भाजपा 10और दो निर्दलीय उम्मीदवार थे ।
@aajtak निवेदन क्यों ,जनता को यह हक है की वे चुने हुए प्रतिनिधियों को काम करने का आदेश दे सकते हैं । भाजपा नेताओं की यही तो तकलीफ है ���े सत्ता में होते हैं तो अंहकारी हो जाते हैं और सत्ता से बाहर होते ही जनता के आगे पीछे दुम हिलाते फिरते हैं ।