बहुत ही बुरा हाल होने वाला है आने वाले समय में #मारवाड़ का भीषण गर्मी से
सोलर माफिया तुम्हें तबाह कर देंगे बाड़मेर जैसलमेर फलोदी बीकानेर जोधपुर वालों आप इन्हें नहीं बचा पाओगे। ओरण खेजड़ी वन्यजीव पर्यावरण सबको निगल गए।
बहुत ही बुरा हाल होने वाला है आने वाले समय में #मारवाड़ का भीषण गर्मी से
सोलर माफिया तुम्हें तबाह कर देंगे बाड़मेर जैसलमेर फलोदी बीकानेर जोधपुर वालों आप इन्हें नहीं बचा पाओगे। ओरण खेजड़ी वन्यजीव पर्यावरण सबको निगल गए।
मेहनत इतनी खामोशी से करों..
कि सफलता शौर मचायें..!!
ये सब हम सब का सहयोग ओर @thardesertphoto
श्रवण भाई की मेहनत का परिणाम है। जो सरकारी गाड़ियों का काफीला रोड़ पर लाने में मजबूर किया।
मेहनत इतनी खामोशी से करों..
कि सफलता शौर मचायें..!!
ये सब हम सब का सहयोग ओर @thardesertphoto
श्रवण भाई की मेहनत का परिणाम है। जो सरकारी गाड़ियों का काफीला रोड़ पर लाने में मजबूर किया।
पूरे राजस्थान को आप पर गर्व है
खेजड़ी के हितार्थ इस महाआन्दोलन के लिए
सभी पर्यावरण प्रेमियों को नमन ओर बधाई।
सरकार को अपनी मंशा बदलनी होगी इस जज्बे के आगे
नेता हो या कंपनी, सब एक ही थाली के चट्टे!
सोलर के नाम पर लाखों खेजड़ी काट डालो, फिर कैमरे पर आंसू बहाओ?
ऐ लालची नेताओं, ऐ काली कमाई वाली कंपनियों , अमृता देवी का खून तुम्हारे हाथों पर लगा है! थार की शान, बिश्नोई और सब समाज की आस्था, हमारी सांसों की रक्षा को चंद करोड़ों में बेच रहे हो?
प्रकृति अब और नहीं सहेगी , तुम्हारी इस कपटी सियासत और लूट को रेजा-रेजा करके रेत में मिला देगी!
खेजड़ी मरी तो थार मरेगा, हम मरेंगे तुम भी नहीं बचोगे! अब जागो, लड़ो, या चुपचाप कब्र खोदो!
#खेजड़ी_बचाओ
#खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव
#सोलर_के_नाम_पर_खेजड़ी_कटाई_बंद_करो
#अमृता_देवी_की_कसम
#थार_की_पुकार
ये वक्त भी क्या खूब याद रहेगा
जिन खेजड़ियों को हमारे पूर्वजों ने पनपाया था वो काटी जा रही थी
ज़मींदोज़ की जा रही थी।
उस सूखे प्रदेश में जिसे रेगिस्तान नाम दिया जाता है
जहां एक एक पेड़ की किमत होती है
उसे विरान किया जा रहा था
ना मुख्यमंत्री की चल रही थी ना मंत्रियों की
थोथे नेता कंपनियों के आगे बिक चुके थे
तब बिश्नोई समाज ओक कुछ पर्यावरण प्रेमी युवा लड़ रहे थे।
सिर साठे रुख रहे... खेजड़ी बचाने के लिए क्यों जान की बाजी लगा देता है बिश्नोई समाज राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष को बचाने के लिए बिश्नोई समाज और संत समाज ने सड़कों पर प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सौर ऊर्जा कंपनियों द्वारा सोलर पैनल लगाने के लिए खेजड़ी के पेड़ काटे जाने के विरोध में यह आंदोलन चल रहा है.
खबर https://t.co/QrTelxQdjf
#BishnoiCommunity #KhejriTree #SaveKhejri #RajasthanNews #Environment | @vikas_man7
“सत्यानाश कर दियो आगला को करियो काम को। इत्तो दोहोरो कानून है। मेरी बात सुणो अगर मरणों पड़ी थारो बेटों पेला मरी, ओ मरी और ऐ के हे नी मैं संत मंच पर बैठा कोनी, आज हु भगवा लेवे ने भी त्यार हूँ। मेरो कोई ब्याह कोनी होयोड़ो, मेरो कोई... आज हु भगवा लेवे ने भी त्यार हूँ।"
पर्यावरण संरक्षण के प्रति उपेक्षा भजनलाल सरकार की 'ऐतिहासिक भूल' साबित होगी।
बीकानेर में जारी 'खेजड़ी बचाओ महापड़ाव' आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है, किंतु राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन या स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है।
सरकार की इस अनदेखी के चलते बिश्नोई समाज सहित प्रदेश की सभी 36 कौमों के पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष व्याप्त है।
विडंबना यह है कि मुख्यमंत्री का प्रशासनिक घेरा उन्हें धरातल की कड़वी सच्चाई से दूर रख रहा है, जबकि गाँव-ढाणी तक केवल खेजड़ी संरक्षण की ही चर्चा है।
यदि समय रहते सरकार ने इस जन-आक्रोश को नहीं समझा, तो यह आगामी पंचायती राज चुनावों और भविष्य की राजनीति में आत्मघाती सिद्ध होगा।
भजनलाल सरकार के पास अभी भी इस 'ऐतिहासिक भूल' को सुधारने का समय है।
मुख्यमंत्री को तत्काल स्वयं संज्ञान लेकर पर्यावरण प्रेमियों की जायज मांगों को स्वीकार करना चाहिए।
प्रकृति के साथ किया गया खिलवाड़ और जन-भावनाओं का अपमान सरकार की जड़ों को हिलाने की क्षमता रखता है।
#खेजड़ी_बचाओ
राजस्थान की पहचान और बिश्नोई समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों की आस्था के प्रतीक 'खेजड़ी' को बचाने के लिए बीकानेर में चल रहा आंदोलन अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
विकास के नाम पर हज़ारों खेजड़ी के पेड़ों की निर्मम कटाई बेहद दुखद है। श्रीमती अमृता देवी बिश्नोई सहित सभी 363 शहीदों की विरासत को बचाने के लिए आज फिर संत और पर्यावरण प्रेमी अनशन पर हैं। अब यह समय की जरूरत हो गई है कि पर्यावरण के मुद्दे पर सभी को गंभीर होने की आवश्यकता है।
राज्य सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर तुरंत प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए और 'ट्री प्रोटेक्शन एक्ट' की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। हम पर्यावरण की कीमत पर ऐसा विकास स्वीकार नहीं कर सकते जो हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकारमय कर दे।