मणिपुर सालों से जल रहा है, और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए।
दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं - मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है, उसकी कल्पना भी मुश्किल है।
यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बाँटती है।
आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई।
मणिपुर बेहतर का हक़दार है - और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है।
राजस्थान के कृषि विभाग में भ्रष्टाचार व्यवस्था बन चुकी है। कृषि मंत्री छापे मार रहे हैं, और पीछे से अधिकारी कार्रवाई का भय दिखाकर माल छाप रहे हैं।
आज फिर अवैध उगाही पकड़ी गई, भिवाड़ी में निरीक्षण के नाम पर गए अधिकारियों के बैग से 2.63 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। ACB के अनुसार ये रकम अवैध वसूली से जुड़ी है।
पहले कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी के करीबी जुगल किशोर विश्नोई और स्वतंत्र ज्याणी 2.43 करोड़ रुपए के रिश्वतकांड में गिरफ्तार हुए। अब ACB खुद कह रही है कि कृषि विभाग की टीम कार्रवाई का डर दिखाकर औद्योगिक इकाइयों से अवैध वसूली कर रही थी।
पहले 2.43 करोड़… अब 2.63 लाख ... आखिर कृषि विभाग में अवैध उगाही की जड़े कितनी गहरी हैं? क्या कृषि विभाग के कुएं में भांग घुल गई है, या ऊपर से नीचे तक यही सिस्टम बन गया है?
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, ACB खुद कह रहा है कि कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली हो रही थी। सरकार इस पूरे नेटवर्क की जांच कराएं और पर्दे के पीछे खेल कर रहे भ्रष्टाचारियों का चेहरा सामने लाएं।
@RajCMO
बड़ी विडंबना है कि #पर्ची_सरकार के मंत्री केवल ट्रांसफर आवेदन ले सकते हैं, ट्रांसफर के अधिकार पर "ऊपर से अंकुश" लगा है।
जानकारी में आया है कि विभागों से तबादलों की हर सूची पहले CMO में जांच के लिए जाएगी, जहां तय होगा कि ट्रांसफर होगा या नहीं।
इसके क्या मायने हैं.. क्या मंत्री सक्षम नहीं हैं, या भाजपा में भ्रष्टाचार इस क़दर हावी है कि मुखिया को अपने मंत्रियों पर भरोसा नहीं है, या फिर कर्मचारियों को कहीं 'ऊपर' के काउंटर पर पर्ची कटानी पड़ेगी?
जब हर ट्रांसफर लिस्ट मुख्यमंत्री कार्यालय से ही पास होनी है, तो फिर विभागीय मंत्री किस बात के हैं? ये अधिकारों का विकेंद्रीकरण नहीं, सत्ता का केंद्रीकरण है। इसके पीछे चाहे जो कारण हो।
सरकार में विभाग हैं...मंत्री भी हैं...सचिव भी हैं...फिर भी फैसलों का सिर्फ एक ही ठिकाना तो सवाल स्वाभाविक है। आखिर सरकार सचिवालय से चल रही है.. या सिर्फ़ एक भवन से?
किशनगढ़ विधायक एवं अजमेर ग्रामीण से जिलाध्यक्ष युवा नेता डॉ. विकास चौधरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
@DrVikasAjmer
जयपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव कर रहे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय पर पुलिस का बल प्रयोग बेहद निंदनीय और भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का परिचायक है।
लोकतंत्र में दमन नहीं, संवाद ही समाधान है। सरकार को लाठी और आंसू गैस नहीं, संवाद का रास्ता अपना चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता।
सरकार डीएनटी समाज के प्रतिनिधियों से संवाद कर सकारात्मक अप्रोच दिखाएं एवं जनहित में निर्णय लें। @RajCMO
प्रवक्ता-राजस्थान कांग्रेस श्री भीमराज जाखड़ जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर आपको स्वस्थ, सुखी एवं चिरायु जीवन प्रदान करें।
@BhimrajJakhar