कोई कहानी नई तो
कोई पुरानी हो गई
जिंदगी की वही फिर
मेहरबानी हो गई
मुस्कुरा के कोई देखा करता था
अपने खिड़की से, मझे
आज वही नहीं फिर हम दोनों की
जवानी हो गई
पतझड़ आई बहारों में
जमी में फिर वही बरसात की पानी हो गई
आज फिर हम दोनों की कुछ मेहरबानी हो गई
प्रज्ञा त्रिपाठी शायर ♥️
@mohammed_shaad9 Khamosh आंखों से कुछ कहानी लिखेंगे
हर एक दुआ में अपनी किताबों की कुछ रवानी लिखेंगे
पन्ने हमेशा याद रहेंगे, ऐसे एक प्रेम की कहानी लिखेंगे
प्रज्ञा त्रिपाठी शायर ♥️
@mohammed_shaad9 चिता तो जल जाती है मगर राखे रह जाती है
दोस्ती तो बिछड़ जाती है
मगर यादें रह जाती है
रो के चल गया कोई रुला के चल गया हमें अपना
बनाने वाला अपना बना के चला गया, पत्थरों से शिकायत कैसी जनाब, जब खुल लोग
अपने ही घर में आग लगा के चले गए
@mohammed_shaad9 अभी मिटानी है कुछ दरिया
अभी है मेरा वो उड़ान बाकी
वो सपना मैने देखा, अभी है मेरा
आसमान बाकी
मेरे दिल को है यकीन सफर मेरा
कामयाब होगा, क्यों कि कही भी
पड़ेंगे प्रज्ञा त्रिपाठी शायर के 🐾 पांव
रह जाएंगे सिर्फ मेरे निशान बाकी🕊️
@mohammed_shaad9 बैठने से सकून मिलती है
फिर हर किसी को कहा वो जुनून मिलती है
मिट्ठी में लोग दम तोड़ देते है।
ऐसे वीरो को ही
मां का आँचल और खून मिलता है
@mohammed_shaad9 प्यार करने की कोई ऐसी सजा दो
आज तुमसे दूर न हो पाओ मै
हमें चलो कोई ऐसी दुआ दो,अपना
बना लो, बांहो में भर के, और जिंदगी भर साथ
रहने की हसीन कोई शिला दो
@mohammed_shaad9 उड़ते हुए परिंदों को रोक कैसे, पाओगे
हर किसी को अपना कैसे बनाओगे
लोग बीच राह में छोड़ जाएंगे, वक्त आने पे
फिर खुद आईने के सामने, अपना शक्ल कैसे दिखा
पाओगे!