अनुशासन, कर्मठता और संगठन-कौशल के अद्भुत समन्वय, लोकप्रिय जननेता एवं देश की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पी माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर यश की प्राप्ति हो।
आपका राष्ट्रसेवा और सहकारिता का पथ और भी जनकल्याणकारी बने, यही मंगलकामना है।
@AmitShah
Greetings on Pravasi Bharatiya Diwas. This is a day to celebrate the contributions and achievements of the Indian diaspora worldwide. Their dedication towards preserving our rich heritage and strengthening global ties is commendable. They embody the spirit of India across the globe, fostering a sense of unity and diversity.
A new marvel of connectivity is set to be unveiled!
PM Shri @narendramodi will inaugurate the magnificent Atal Setu Mumbai Trans Harbour Link, a 21.8 km long bridge on sea, on 12 January 2024.
नाशिक शहरातील पुरातन काळाराम मंदिरास भेट देऊन प्रभू श्रीरामांचे मनोभावे दर्शन घेतले. या ठिकाणी आरती करून महाराष्ट्रातील सर्व जनतेच्या कल्याणासाठी प्रार्थना केली.
यावेळी भारतीय जनता पार्टीचे महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष श्री. चंद्रशेखर बावनकुळे, केंद्रीय आरोग्य व कुटुंब कल्याण राज्य मंत्री मा. डॉ. भारतीताई पवार, प्रदेश सरचिटणीस विजय चौधरी यांच्यासह स्थानिक पदाधिकारी उपस्थित होते.
#JaiShreeRam #Nashik
@cbawankule@DrBharatippawar@iVijayChaudhari
Bharat's diverse landscapes are a treasure trove of beauty and experiences. Each destination, a unique gem in the crown of #IncredibleIndia. Let's embark on a journey to discover the rich tapestry of our country's culture and heritage.
#DekhoApnaDesh#ExploreIndianIslands
अयोध्या में प्रभु श्री राम के दिव्य-भव्य मंदिर में राम लला के आगमन का इंतजार खत्म होने वाला है। देशभर के मेरे परिवारजनों को उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की बेसब्री से प्रतीक्षा है। उनके स्वागत में गीताबेन रबारी जी का ये भजन भावविभोर करने वाला है।
#ShriRamBhajan
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अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की विशेषताएं:
1. मंदिर परम्परागत नागर शैली में बनाया जा रहा है।
2. मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट तथा ऊंचाई 161 फीट रहेगी।
3. मंदिर तीन मंजिला रहेगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रहेगी। मंदिर में कुल 392 खंभे व 44 द्वार होंगे।
4. मुख्य गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बालरूप (श्रीरामलला सरकार का विग्रह), तथा प्रथम तल पर श्रीराम दरबार होगा।
5. मंदिर में 5 मंडप होंगे: नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप व कीर्तन मंडप
6. खंभों व दीवारों में देवी देवता तथा देवांगनाओं की मूर्तियां उकेरी जा रही हैं।
7. मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से, 32 सीढ़ियां चढ़कर सिंहद्वार से होगा।
8. दिव्यांगजन एवं वृद्धों के लिए मंदिर में रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी।
9. मंदिर के चारों ओर चारों ओर आयताकार परकोटा रहेगा। चारों दिशाओं में इसकी कुल लंबाई 732 मीटर तथा चौड़ाई 14 फीट होगी।
10. परकोटा के चारों कोनों पर सूर्यदेव, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव को समर्पित चार मंदिरों का निर्माण होगा। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा, व दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर रहेगा।
11. मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीताकूप विद्यमान रहेगा।
12. मंदिर परिसर में प्रस्तावित अन्य मंदिर- महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी व ऋषिपत्नी देवी अहिल्या को समर्पित होंगे।
13. दक्षिण पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीला पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है एवं तथा वहां जटायु प्रतिमा की स्थापना की गई है।
14. मंदिर में लोहे का प्रयोग नहीं होगा। धरती के ऊपर बिलकुल भी कंक्रीट नहीं है।
15. मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी रोलर कॉम्पेक्टेड कंक्रीट (RCC) बिछाई गई है। इसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है।
16. मंदिर को धरती की नमी से बचाने के लिए 21 फीट ऊंची प्लिंथ ग्रेनाइट से बनाई गई है।
17. मंदिर परिसर में स्वतंत्र रूप से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, अग्निशमन के लिए जल व्यवस्था तथा स्वतंत्र पॉवर स्टेशन का निर्माण किया गया है, ताकि बाहरी संसाधनों पर न्यूनतम निर्भरता रहे।
18. 25 हजार क्षमता वाले एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र (Pilgrims Facility Centre) का निर्माण किया जा रहा है, जहां दर्शनार्थियों का सामान रखने के लिए लॉकर व चिकित्सा की सुविधा रहेगी।
19. मंदिर परिसर में स्नानागार, शौचालय, वॉश बेसिन, ओपन टैप्स आदि की सुविधा भी रहेगी।
20. मंदिर का निर्माण पूर्णतया भारतीय परम्परानुसार व स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है। पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल 70 एकड़ क्षेत्र में 70% क्षेत्र सदा हरित रहेगा।
सात्विकतेचे परिमाण असलेले मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभू श्री रामचंद्र मांसाहारी होते असे संतापजनक वक्तव्य जितेंद्र आव्हाड यांनी केले याबद्दल त्यांचा जाहीर निषेध!
अयोध्या में प्रभु श्री राम के स्वागत को लेकर पूरा देश राममय है। राम लला की भक्ति में डूबे भक्तजन इस शुभ दिन के लिए तरह-तरह से अपनी भावनाएं प्रकट कर रहे हैं। भगवान श्री राम को समर्पित हंसराज रघुवंशी जी का ये भजन सुनिए…
#ShriRamBhajan
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जित्या तू मटण खा किंव्हा गु💩खा.. आम्हा हिंदूना त्यात काडीमात्राचा रस नाही….
पण प्रभू श्री रामांचा नाव तुझ्या घाणेरड्या तोंडानी घेऊ नको..😡
#ArrestJitendraAwhad
जितुद्दीन आव्हाड तुमचा जाहीर निषेध!
जितुद्दीन आव्हाडांना आज चक्क प्रभू रामचंद्र आठवले.
जसे आचार तसे विचार त्यामुळे त्यांच्या विचारांमध्ये रामापेक्षा रावण प्रकर्षानं दिसतो.
यांना हिंदू दैवतांचा अपमान करण्यात काय धन्यता वाटते माहीत नाही.
खोटा आणि सोयीचा इतिहास लिहण्याची तुम्हा लोकांची जुनी खोड रामभक्त सहन करणार नाहीत.
लक्षात ठेवा वाल्यानं रामायण लिहलं नव्हतं त्यासाठी त्याला वाल्मिकी व्हावंच लागलं होतं.
प्रभू रामचंद्र तुम्हाला सद्बुध्दी देवो हीच त्यांच्या चरणी प्रार्थना!
@Awhadspeaks@NCPspeaks
#जाहीरनिषेध #माफी_मागा