ईस्वी सन् 1280 को महारावल शालिवाहन के पौत्र व मोकल के पुत्र डुंगरसी जी व उनके भतीजे कुंवर चाहड़ जी काठोड़ी गांव के पालीवाल ब्राह्मणों के गौवंश के रक्षार्थ जुझांर हुए जो डुंगरपीर के नाम से प्रसिद्ध हुए, श्री डुंगरपीर जी की ओरण को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करवाया गया।
आज के दिन की दूसरी ओरण भू राजस्व रिकार्ड दर्ज
फतेहगढ़ तहसील मैं स्थित गांव अचला की श्री आईनाथ देगराय मंदिर रासला ओरण भू राजस्व रिकार्ड मै दर्ज 💯👍
कोटि कोटि आभार विधायक महोदय
@RooparamDhandev@MeghwalAnjana
गौ रक्षक दाता श्री डूंगर पीर जी ओरण जल्द ही राजस्व रिकार्ड मै दर्ज
फतेहगढ़ तहसील मैं स्थित मेहरेरी की श्री नागाणा राय देवी ओरण भू राजस्व रिकार्ड मै दर्ज 💯👍
आभार एव धन्यवाद विधायक महोदय
@RooparamDhandev
गौ रक्षक दाता श्री डूंगर पीर जी ओरण भी जल्द राजस्व रिकार्ड मै दर्ज हो🙏
सामाजिक न्याय व कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य हेतु गतदिवस कैबिनेट बैठक में पूर्ण पेंशन हेतु सेवाकाल घटाने, OBS व MBC हेतु अवसरों का विस्तार व कार्यप्रभारित कार्मिकों को नियमित कार्मिकों के समान सुविधाएं प्रदान करने सहित अन्य कई जनहितैषी निर्णय लेकर सामाजिक सुरक्षा सशक्त करने के संकल्प को मजबूत किया।
आसदे की ढानी [देवा]
माननीय विधायक श्रीमान रूपाराम धनदेव की अनुशंसा पर स्वीकृत ट्यूबेल का किया सुभारम्भ।
ग्राम पंचायत #देवा के #आसदे_का_गांव में ट्यूबेल निर्माण के कार्य का सुभारम्भ किया ll