@AshwiniVaishnaw But Mr. R__l Minister, has it fully translated into the kind of deep, Indian-controlled industrial strength that would meaningfully change prices, innovation, or long-term economic security for the common Indian citizen!?
@girirajsinghbjp माहौल में मानसिक स्वास्थ्य का पाठ पढ़ाऊँगा,
और जब कोई मेरी दोहरी नीति पर सवाल करेगा तो कहूँगा – “ये तो सिर्फ एक संकल्प है, असली काम तो अलग है।”
संकल्प पूरा। अब वापस अपनी पुरानी रूटीन पर।
मन स्वस्थ? पहले अपना तो ठीक कर लो, गिरिराज जी।
@girirajsinghbjp आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मैं, गिरिराज, यह संकल्प लेता हूँ कि: साल भर नफरत, डर और विभाजन के भाषण देकर लोगों का मानसिक स्वास्थ्य खराब करूँगा, फिर एक दिन अचानक “मन स्वस्थ तो जीवन सशक्त” लिखकर खुद को संवेदनशील साबित करूँगा,
समाज को बाँटने वाला माहौल बनाऊँगा और बाद में उसी
@girirajsinghbjp वाह गिरिराजजी! आप जैसे लोग साल भर भाषणों, ट्वीट्स और रैलियों में समाज को बाँटने, नफरत फैलाने और डर पैदा करने का काम करते रहें, फिर एक दिन अचानक “मन स्वस्थ” की दुहाई दे दें। आप, मोदी और बाकी साथियों के “कोहोर्ट” ने जो माहौल बनाया है, उसमें मानसिक तनाव, डर और विभाजन तो आम हो गया।
@AshwiniVaishnaw तब न इस्तीफ़े का जिक्र, न नैतिक ज़िम्मेदारी का। साइट पर गए, बयान दिए, जाँच के वादे किए, और कुर्सी पर बैठे रहे। शास्त्री जी ने मौत के बाद कुर्सी छोड़ दी। वैष्णव जी मौत के बाद सिर्फ़ श्रद्धांजलि का ट्वीट छोड़ते हैं। एक ने जवाबदेही का मिसाल कायम किया, दूसरे ने “नमन” का।
@AshwiniVaishnaw ये नमन है या सिर्फ़ रस्मी तारीफ़?
लाल बहादुर शास्त्री जी ने नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दे दिया आज भी वो इस्तीफ़ा जवाबदेही का मापदंड माना जाता है। वैष्णव उन्हीं शास्त्री जी की जयंती पर पोस्ट करते हैं, बहुत सुंदर शब्द। लेकिन बालासोर जैसे हादसे में करीब 300 लोग मर गए,