दरभंगा में प्रोजेक्ट्स की घोसना ही इसलिए होती है ताकि यहाँ के प्रोजेक्ट्स को रोककर यानी लटकाकर सारा फंड्स कहीं और शिफ्ट कर लोगो को यह दिखाया जाए की दरभंगा में तो विकास ही रहा है लेकिन केवल घोसनायों और पेपर कटिंग में।इसमें दरभंगा के सारे कंसर डिपार्टमेंट पब्लिक और हर एक सक्श बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेता है 🤢🤢ताकि दरभंगा गर्त में जाता रहे और जान प्रतिनिधि तो केवल इलेक्शन के टाइम बड़े और लंबे चौड़े भाषणों में ही दिखाई देते हैं 😡
BJP को भी अपने सारे सदस्यों और कार्यकर्ताओं को दरभंगा एम्स में इलाज करने का आदेश पारित कर देना चाहिए मुकेश जी 🙏दरभंगा के लिए घोसना क्यों करती है सरकार जब कोई भी काम समय पे करना ही नहीं होता है ।दरभंगा एम्स की घोसना ने तो दरभंगा का नाम पूरे इंडिया ख़राब कर दिया हाई हँसी का पात्र बना दिया है 🤢२ सालो में बना गया तो क्या फिर दरभंगा से बीजेपी ही जीतेगी 🙏
But the bigger question is for us, the people of Darbhanga. We raise our voices for ponds, hand pumps and small local issues, yet rarely unite for critical infrastructure, roads, ROBs, industries, drainage, public transport and city development.
As long as public discourse remains limited to narrow interests, governments and representatives will continue to ignore Darbhanga’s larger needs.
A city develops when its people demand development. Unfortunately, Darbhanga is still waiting for that collective awakening. 🤢
दरभंगा में विकास से जुड़े मुद्दों पर लोगों की मानसिकता अक्सर निम्न स्तर की प्रतीत होती है। विडंबना यह है कि वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी, अव्यवस्था और उपेक्षा झेलने के बावजूद कुछ लोग यह सोचते हैं कि “दूसरे शहर से काम चल ही रहा है, फिर दरभंगा में विकास की मांग क्यों की जाए या विकास कार्यों को होने क्यों दिया जाए?”
स्थिति यह है कि कई सरकारी योजनाएँ और विकास परियोजनाएँ दरभंगा तक पहुँचते-पहुँचते धीमी पड़ जाती हैं, वर्षों तक अटक जाती हैं या फिर अपने मूल स्वरूप और उद्देश्य को ही खो बैठती हैं। इसके बावजूद व्यापक जनदबाव और जनचर्चा का अभाव देखने को मिलता है।
किसी भी शहर की प्रगति केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की जागरूकता और विकास के प्रति सकारात्मक सोच से भी तय होती है। यदि लोग अपने शहर के लिए बेहतर सड़कें, स्वच्छता, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और आधुनिक अवसंरचना की मांग नहीं करेंगे, तो विकास की गति हमेशा बाधित रहेगी। दरभंगा को भी अन्य विकसित शहरों की तरह बेहतर सुविधाओं और अवसरों का अधिकार है, और इसके लिए सामूहिक रूप से आवाज़ उठाना आवश्यक है🙏
बाकी विभागों की तरह लगता है कि NHAI को भी दरभंगा से विशेष लगाव नहीं है। पहले से निर्मित सड़कों पर आज तक न तो समुचित डिवाइडर ग्रिलिंग की व्यवस्था की गई, न पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग की, और न ही सुरक्षित पैदल यात्री मार्ग (Pedestrian Pathway) विकसित किए गए। कई सड़कें आज गड्ढों के लिए जानी जाती हैं। ऊपर से आमस–दरभंगा परियोजना भी अनावश्यक विलंब का शिकार बनी हुई है।
दरभंगा के लोगों को भी सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सड़क अवसंरचना का उतना ही अधिकार है जितना देश के अन्य क्षेत्रों को। आशा है कि NHAI इस उपेक्षा पर गंभीरता से ध्यान देगा।🙏
@Bijende38439307 ना ना हर एक प्रोजेक्ट और हर एक योजना ना की केवल रेलवे ।सही सही अवगत करवाइए ।पटना में कुछ भी काम शुरू होता है अच्छे से ख़त्म होता है लेकिन बाक़ी जगह कम सुरु हो जाए तो उपलब्धि होती है 🤢
@imRV15@santoshmishra69@dbgrail@spjdivn@ECRlyHJP@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw प्रमाण की जरूरत पहले भी नहीं थी और देना भी नहीं प्रमाण किसी को ।लेकिन रायवलय की स्टार्टेटेजी और प्रायोरिटी पहले रेलवे की तो पता होनी चाहिए ।जिस दिन ये होगा उस दिन १ क्या २ VB और अन्य प्रीमियम ट्रेन दरभंगा को और बाकी पोटेंशियल स्टेशंस को मिलेंगी 🙏
@UdayChatterje दरभंगा के किसी प्रोजेक्ट को environmental clearance ना मिलना बताता है की सरकार और concern डिपार्टमेंट दरबाहंगा के विकास को लेकर कितना सजग और चौकस हैं 🤢
सर ये भी वैसे ही बनेगा जैसे दोनार ने बन कर तैयार हो गया है🤢दरभंगा की सारी परियोजनाओं पे ग्रहण लव जाता है बाक़ी शहरों को कोई समस्या नहीं होती है ।ये बीजेपी की दूरदर्शिता है की दरभंगा आज भी गईं के जैसा दिखता है ।ना चौड़ी सड़क एंड स्ट्रीट लाइट्स एंड सड़कों पे डिवाइडर ना कोई एम्स ना कोई प्रोजेक्ट और ना ही कोई विज़न । कुछ ध्यान दीजिए आप लोग 🙏
Even IndiGo was getting very good passenger traffic from Darbhanga. That’s why the sudden reduction in flights feels difficult to understand. It almost seems like these decisions are being influenced externally, because stepping back from a successful and high-demand airport makes little practical sense🙏
समस्तीपुर दरभंगा रूट बंद कर देना चाहिए जितने समय में लोग सड़क मार्ग से पटना से दरभंगा आते हैं उससे ज़्यादा समय में समस्तीपुर से दरभंगा आना एक स्वप्न है ।आधे घंटे का हाल्ट होने का बाद भी जान बूझकर आय अनजाने में दरभंगा की और जाने वाले ट्रेन्स को कम से कम १ घंटा रोका जाता है ।नियत समय पे ट्रेन नहीं चल सकता तो दरभंगा की ही एक अलग डिवीज़न बना दो झंझट ख़त्म ।अपना रेलवे डिवीज़न जिसका जिला दरभंगा प्रमंडल के अंतर्गत आता है दरभंगा को कभी प्रायोरिटी नहीं देता 🙏
If such “world-class technology” had also been implemented at All India Institute of Medical Sciences, Indian Institute of Technology Patna, National Institute of Technology Patna, Indian Institute of Information Technology Gaya, Indian Institute of Management Bodh Gaya, Tata Memorial Centre Muzaffarpur, Mahatma Gandhi Central University or Central University of South Bihar, perhaps nobody would have objected.
But the moment it came to All India Institute of Medical Sciences Darbhanga, Bihar suddenly saw endless objections, politics, and resistance.
And the result is visible to everyone today. Bihar needs balanced development, not selective opposition🙏
@UdayChatterje@SanjayJhaBihar@gssjodhpur@AmitShah ना Darbahnga AIIMS बना ना सांस्कृतिक म्यूजियम ।हाँ बिहार किसी दूसरे शहर में होता तो बन जाता ।दरभंगा में घोषणा होते ही फंड्स की कमी ही जाती है और अकाल पर जाता है ।दोहरी नीति और संकीर्ण मानसिकता दरबहबगा के प्रति बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है 🙏
अगर एम्स दरभंगा को मिला है तो कितने लोगो ने इलाज करवाया, तो इससे आखिर किसका हक छिन गया? जिस तरह से दरभंगा एम्स को लेकर लगातार भ्रांतियां, विरोध और नकारात्मक माहौल बनाया गया, ऐसा लगता है मानो लोगों की नजर ही इस परियोजना पर लग गई हो।
बिहार में शायद ही किसी दूसरे शहर के विकास पर इतना विरोध देखने को मिलता हो। दरभंगा ने कभी किसी अन्य शहर के विकास का विरोध नहीं किया, ना ही किसी का हक मारा। लेकिन जैसे ही दरभंगा को कोई बड़ी परियोजना मिलती है, कुछ लोगों को ऐसा महसूस होने लगता है मानो उनका सब कुछ छिन गया हो।
सच्चाई यह है कि एम्स जैसे संस्थान किसी एक शहर के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लोगों के इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बनाए जाते हैं।
😂Criteria? What criteria? In Bihar, it often feels like cities are selected not on merit, population, or need, but on favoritism and lobbying. The cities that get preference are simply the ones backed by the right people, while places like Darbhanga continue to be ignored despite their importance and population🙏
@samrat4bjp क्यों Nitish Mishra सर,आखिर दरभंगा से इतनी बेरुखी क्यों?
हर बड़ी योजना में दरभंगा को नज़रअंदाज़ करना अब केवल संयोग नहीं लग रहा।ना उद्योग, ना आधुनिक शहरी सुविधाएं, ना पर्यटन को ज़मीन पर उतारने की गंभीर पहल — जबकि मिथिला का हृदय होने के बावजूद दरभंगा आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।अगर योजना में संशोधन की संभावना है, तो दरभंगा को भी उचित स्थान दीजिए।
यह शहर केवल वादों नहीं, वास्तविक विकास का हकदार है🙏 बाक़ी माननीय मुख्यमंत्री जी को भी इस भेदभावपूर्ण रवैये और दरभंगा के लगातार हो रहे उपेक्षा को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है🙏