ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर के ग्राम खेड़ी में बुजुर्ग जगत सिंह पर हुए जानलेवा हमले को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। कृपया मामले का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करें। @Uppolice@CP_Noida@CMOfficeUP
ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर अंतर्गत ग्राम खेड़ी में बुजुर्ग जगत सिंह जी के घर में घुसकर अज्ञात लोगों द्वारा लाठी-डंडों व लोहे के पाइप से जानलेवा हमला किया गया।
बुजुर्ग के सिर, छाती व हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।
@noidapolice@Uppolice@CMOfficeUP#uppolice#Surajpur
130 मीटर रोड से ग्राम खेड़ी को ग्राम सुनपुरा से जोड़ने वाला Link Road पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों एवं आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
@OfficialGNIDA से निवेदन ह कि इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण करे
@CMOfficeUP
📢 खेड़ी गाँव की सड़क की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।
ग्राम खेड़ी,ग्रेटर नोएडा में रास्ते की स्थिति काफी खराब है जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। संबंधित विभाग से निवेदन है कि सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द कराया जाए
@dmgbnagar@OfficialGNIDA
प्रयागराज में प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए छात्र प्रदर्शन कर रहे. 60 हजार शिक्षक भर्ती की मांग लेकर छात्र सड़क पर उतरे हैं. छात्र कह रहे 8 साल हो गए भर्ती नहीं आई.
#prayagraj#shikshakbharti#शिक्षकभर्ती
🚨 न्याय एवं कार्रवाई की मांग
ग्रेटर नोएडा के ग्राम खेड़ी निवासी अनुज के साथ कुछ अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से मारपीट कर उनकी सोने की चेन छीन ली गई।
संबंधित पुलिस अधिकारी कृपया मामले का संज्ञान लेकर FIR दर्ज करे
@Uppolice@noidapolice#GreaterNoida#Kheri#NoidaPolice
'मोदी से देश को छुड़वाओ, तभी कुछ हो पाएगा'
- देश के युवा
आज SSC की जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर भर्ती परीक्षा 12 बजे से होनी थी, लेकिन नोएडा के सेंटर पर तकनीकी खराबी होने की वजह से परीक्षा नहीं हो पाई।
मोदी सरकार में कोई ऐसी परीक्षा नहीं होती, जिसमें कुछ गड़बड़ी न हो। नरेंद्र मोदी और उनकी भ्रष्ट सरकार ने युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रखा है।
अब देश के युवा नरेंद्र मोदी से छुटकारा चाहते हैं।
मुखर्जी नगर पुलिस छावनी में तब्दील
मैंने मुखर्जी नगर में कभी इतनी पुलिस की मौजूदगी कभी नहीं देखी थी. ये पुलिस की तैनाती छात्रों के प्रोटेस्ट को रोकने के लिए बताई जा रही थी. कोई प्रोटेस्ट नहीं हुआ. कोई छात्र नहीं पंहुचा अपनी बात केहने के लिए. कोई नहीं बता पाया कि SSC CGL के दौरान उसे किन परेशानियों का सामना करना पड़ा. एक छात्र ने बताया कि उसका एग्जाम प्रीपोन हुआ था. जब वो एग्जाम देने गया तो सेंटर पर बायोमेट्रिक काम नहीं कर कर रहा था. उसे एंट्री ही नहीं मिली. उसका एग्जाम आजतक नहीं हुआ. रात भर मुखर्जी नगर में भरी संख्या में पुलिस मौजूद रही.
#ssc #ssccgl
एक पूजा पंडाल में ssc परीक्षा के पीड़ित छात्र टकरा गए। अपनी व्यथा बताते हुए उनकी आँखों में आंसू थे कि आख़िरी साल है। अब मौक़ा नहीं मिलेगा। हमारे मुद्दे को लेकर थोड़ा सा चला दीजिए। इसी थोड़ा सा को लेकर बातें होने लगीं, बात मीडिया को लेकर भी हुई। लेकिन उन बातों से युवक को संतोष नहीं हुआ कि परीक्षा क्यों नहीं ठीक हो सकती। ऐसा कोई राज्य नहीं है जहां यह समस्या नहीं है। दरअसल यह मुद्दा राजनीति में ऊपर तो आया है लेकिन अभी भी इसका ज़ोर मेरी परीक्षा तक सीमित है। सबके लिए सभी परीक्षा का मुद्दा नहीं बन पाया है। कहीं ssc को लेकर ट्विटर पर ट्रेंड है तो बिहार में bpsc को लेकर। बंगलुरू में छात्रों का वीडियो आया था, उत्तराखंड से भी इसी ट्विटर पर प्रदर्शनों के खूब सारे वीडियो देखे। जिस देश में पत्रकार की हत्या( राजीव प्रताप), पत्रकार पर मुक़दमा आम हो चुका है, उस देश में लोग मीडिया से उम्मीद करते हैं हैरानी होती है। उन्हें इतना नहीं दिख रहा है कि गोदी मीडिया का मतलब मीडिया नहीं होता है। गोदी मीडिया का मतलब है मीडिया का ख़त्म हो जाना। यू ट्यूबर पत्रकारिता कर रहे हैं लेकिन कोई एक यू ट्यूब अखबार और चैनल का विकल्प नहीं हो सकता और न सभी विषयों पर वीडियो बना सकता है। जो वीडियो बन रहे हैं उन्हीं का प्रशासन पर असर नहीं बल्कि प्रशासन का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि यू ट्यूबर पर केस कर देता है। अफ़सोस हुआ कि उनकी बात कहीं नहीं पहुंच रही है। छात्रों को मीडिया से उम्मीद करने से पहले गोदी मीडिया को समझना चाहिए। जिस माध्यम की कोई साख नहीं है उस पर थोड़ा सा उनका मुद्दा चल जाने से असर नहीं होगा। दुर्गा पूजा की शुभकामनाएँ । माँ दुर्गा सबको अन्याय के कारणों समझने की शक्ति दें। ध्यान से पढ़िएगा। अन्याय के कारणों को समझने की शक्ति दे।
SSC की परीक्षाओं में remote access से पेपर हल कराया जा रहा है। करोड़ों का घोटाला चल रहा है और सरकार, आयोग व चेयरमैन सब चुप हैं।
सवाल ये है कहीं इस चुप्पी का मतलब शामिल होना तो नहीं? 🤔
#SSCScam#BanEduquity#SSC_System_Sudharo
SSC की परीक्षाओं में remote access से पेपर हल कराया जा रहा है। करोड़ों का घोटाला चल रहा है और सरकार, आयोग व चेयरमैन सब चुप हैं।
सवाल ये है कहीं इस चुप्पी का मतलब शामिल होना तो नहीं? 🤔
#SSCScam#BanEduquity#SSC_System_Sudharo
छात्रों को पहले तो #Exam लेने के लिए लड़ना पड़ता है, फिर Admit Card के लिए लड़ना पड़ता है, उसके बाद सही Exam Center और सही सवालों के लिए लड़ना पड़ता है। और अब तो हालात इतने बिगड़ गए हैं कि Remote/Login Cheating और #Paper Repeat जैसी धांधलियों के ख़िलाफ़ भी लड़ना पड़ रहा है। ये कैसी व्यवस्था है जहाँ मेहनती छात्र सालों की तैयारी करते हैं, घर-परिवार सब दाँव पर लगा देते हैं, लेकिन सिस्टम बार-बार उनका मज़ाक बनाता है? हर बार नुकसान सिर्फ़ छात्रों का होता है और फायदा सिर्फ़ धांधलेबाज़ों का। सबसे बड़ा दर्द ये है कि इन ग़लतियों को छुपाने के लिए #SSC ने Transparency तक ख़त्म कर दी है। ये सिर्फ़ एक परीक्षा का सवाल नहीं, लाखों युवाओं के भविष्य और उनके सपनों का सवाल है। आखिर कब तक छात्रों को संघर्ष करते-करते अपना करियर खोना पड़ेगा?
#ssc_chairman_jwab_do
#cji_help_us #SSC_Scam2025
छात्रों को पहले तो #Exam लेने के लिए लड़ना पड़ता है, फिर Admit Card के लिए लड़ना पड़ता है, उसके बाद सही Exam Center और सही सवालों के लिए लड़ना पड़ता है। और अब तो हालात इतने बिगड़ गए हैं कि Remote/Login Cheating और #Paper Repeat जैसी धांधलियों के ख़िलाफ़ भी लड़ना पड़ रहा है। ये कैसी व्यवस्था है जहाँ मेहनती छात्र सालों की तैयारी करते हैं, घर-परिवार सब दाँव पर लगा देते हैं, लेकिन सिस्टम बार-बार उनका मज़ाक बनाता है? हर बार नुकसान सिर्फ़ छात्रों का होता है और फायदा सिर्फ़ धांधलेबाज़ों का। सबसे बड़ा दर्द ये है कि इन ग़लतियों को छुपाने के लिए #SSC ने Transparency तक ख़त्म कर दी है। ये सिर्फ़ एक परीक्षा का सवाल नहीं, लाखों युवाओं के भविष्य और उनके सपनों का सवाल है। आखिर कब तक छात्रों को संघर्ष करते-करते अपना करियर खोना पड़ेगा?
#ssc_chairman_jwab_do
#cji_help_us #SSC_Scam2025
हर तरफ़ अखबारों में खबरें साफ़-साफ़ छपी हैं
रिमोट एक्सेस, हैकिंग, गिरोह, एजेंसी के लोग सब पकड़े जा रहे हैं। स्टूडेंट के कंप्यूटर का सिस्टम बाहर से कंट्रोल हो रहा है, बच्चे को सिर्फ़ “माउस हिलाने” के लिए बोला जा रहा है और पूरा पेपर कोई और बैठकर दे रहा है।
ये खेल खुलेआम हो रहा है।
लेकिन दूसरी तरफ़, SSC का चेयरमैन कह रहे हैं
पेपर smooth हुआ है ।
मतलब चारों तरफ़ आग लगी है और ऊपर से कोई ठंडे दिमाग़ से कह रहा है “सब काबू में है।”
अब सवाल ये है क्या उन बच्चों की मेहनत की कोई क़ीमत ही नहीं, जो सालों से दिन-रात पढ़ाई कर रहे हैं?
इस बार 14,582 वैकेंसी आई है। सोचो, लाखों बच्चे अपने घर की उम्मीदें, अपनी नींद, अपना समय सब दांव पर लगाते हैं। लेकिन जब सिस्टम ही बिक चुका है, जब सर्वर ही गिरोह के हाथ में है, तो असली पढ़ने वाला बच्चा अपनी सीट कैसे पाएगा?
SSC बार-बार अपने काले सच को छुपाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाती है।
कोई paper analysis नहीं कर सकता।
कोई अपना answer key download नहीं कर सकता।
transparency नाम की चीज़ ख़त्म।
ये सब क्यों? क्योंकि अगर बच्चे असली data देख लें,
तो SSC का खेल उजागर हो जाएगा।
और सच मानो, अगर आज आवाज़ नहीं उठाई गई, तो आने वाले समय में और भी देर हो जाएगी।
आज भी ये remote access वाले गिरोह मज़े से काम कर रहे हैं, कल ये पूरे exam सिस्टम पर राज करेंगे।
इसलिए सवाल सीधा है क्या SSC उन मेहनती बच्चों का हक़ देगी या फिर ऐसे ही “smooth exam” के झूठे दावों के पीछे सबकुछ दबा दिया जाएगा?
कब तक मेहनत का मज़ाक बनता रहेगा? कब तक बच्चों के सपनों की कुर्बानी होती रहेगी?
SSC जैसा Corrupt Commision और घमंडी चेयरमैन सारे तथ्यों को नजरअंदाज करके परीक्षा में सीटों का जो व्यापार हो रहा है उस पर पर्दा डालने में लगे हैं, पर पाप का घड़ा भी कभी ना कभी भरता है, मेहनती बच्चों को एक fair परीक्षा ना देना संवैधानिक अधिकारों का हनन है !