लश्कर भी तुम्हारा है सरदार भी तुम्हारा है!
झूठ को तुम सच लिख दो अख़बार भी तुम्हारा है!
इस दौर के फरियादी जाए तो कहाँ जाए!
कानून तुम्हारा है दरबार भी तुम्हारा है!
कमाल है पूरी दुनिया को पता चल गया कि अयोध्या मे राम मंदिर मे डकैती हो गई लेकिन चंपत राय मानने को तैयार नही था। फिर भी आज भी मोदी चाटुकार RSS के चंपत को बचाने मे लगे है क्योंकि डकैती मे दोंनो डबल इंजन सरकार शामिल है!!
बीजेपी का इतिहास यही रहा है, पूरे देश me गुंडागर्दी अत्याचार करना इनका अधिकार बन गया है. ऐसा घृणित बयान डालते इनकी जबान क्यों नहीं कट गयी. कब जनता in संघियों की मानसिकता औऱ कुकर्तात्वों को. बारी सबकी आएगी यदि in संघियों को सत्ता से बेदखल नहीं किया गया.
@priyankac19
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन प्रदान करें। आप सदैव स्वस्थ रहें
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
@yadavakhilesh
पश्चिम बंगाल में बाली ब्लॉक के TMC अध्यक्ष सीतानाथ गांगुली को घर में घुसकर लोगों ने पीटा। अब पश्चिम बंगाल में यह आम है। भक्तों का जवाब है कि उन्होंने पहले ऐसा किया था इसलिए अब हम ऐसा कर रहे हैं।
पूरा हिन्दुस्तान जहां जहां बीजेपी की सरकार है बदला ले रहा है। जो आग पहले मुस्लिमों के खिलाफ थी अब हिन्दुओं को भी उसमें जला रहे है।
रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दे छोड़कर हिसाब चुकता करने का काम चल रहा है। खाए अघाये भक्त जेब में चवन्नी न हो लेकिन हर जगह पगलाए घूम रहे हैं। यही असल जंगलराज है।
मैने इसे ( चंपत रॉय) नंगा बदन पकड़ा था जिस लड़के के साथ पूरा अयोध्या जानता है।
सब नहीं खोलूंगा नहीं तो सब नंगे हो जायेंगे !
वैसे संघीयो की यही पहचान और संस्कार है।
भाजपा सरकार के बनाए हर ‘कॉरिडोर’ और ‘चौड़ीकरण’ की योजना के पीछे जो घपला-घोटाला है, उसके लिए एक बहुसदस्यी न्यायिक जाँच हो। इसमें संलिप्त न कोई ट्रस्टी बख़्शा जाए, न किसी कमेटी का कोई सदस्य और न ही कोई प्रशासनिक और विकास प्राधिकरण का अधिकारी। इतने बड़े घोटाले इन सबकी मिलीभगत से ही होते हैं। पिछले कुछ सालों में इन कामों से जो भी जुड़ा रहा है और जिन पदाधिकारियों और अधिकारियों ने मुख्य-मुख्य भूमिका निभाई है, उनकी ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से कमाई गयी काली संपत्ति व अकूत धन-संपदा की भी जाँच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों व बहुदलीय जनप्रतिनिधियों की निगरानी में हो।