सरकार के द्वारा वर्तमान में लगातार देश विरोधी निर्णयों के ख़िलाफ़
बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी
जिसमे मुख्य रूप से
सुरेश महिला जी
बीपी अशोक जी पूर्व आईपीएस
आईएएस महेश जी
आईपीएस रामलाल जी
एवं अन्य साथी सामिल हुए
प्रताप सिंह अहिरवार
राष्ट्रीय अध्यक्ष
समता मूलक संघ SMS
#ग्वालियर में 1 जनवरी को #बाबासाहेब के छायाचित्र को जलाया गया
#बहुजन_समाज को उकसाने की कोशिश की जा रहीहे
बहुजनों को कोई कमजोर समझने की भूल ना ही करे
देश का माहौल ख़राब हुआ तो जिम्मेदार सरकार होगी
#सम्राट अशोक की तलवार #देश को बचाने के लिए उठाई जा सकती हे,
हम सभी ग्वालियर की घटनाओं को देख रहे हे
जो भी हो रहा हे बहुत ज़्यादा चिंताजनक हे,
इस पर देश के संविधानवादियों,राष्ट्र समर्थकों को गंभीरता से सोचना चाहिए कि जो माहौल तैयार किया जा रहा है उसे कैसे रोका जाए.आंगे हालात गंभीर हो सकते हे,
@CMMadhyaPradesh@DGP_MP
#मनुस्मृति_दह��_दिवस पर समस्त देशवासियों को
हार्दिक मंगलकामनाएँ ,
देश को मज़बूत , शिक्षित, विकसित और आधुनिक बनाने के लिए देश के हर नागरिक को #मनुस्मृति जैसे गंदे क़ानून का विरोध करना चाहिए
जय भीम
कुलदीप सेंगर की जो सजा निलंबित हुई हे
यह देश की न्याय व्यवस्था को उज���गर करता है और यह स्पष्ट करता है कि भारत 🇮🇳 के अंदर न्याय ख़रीदा जा सकता है
collegium system ने न्याय व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है
देश हर नागरिक येसी व्यवस्था के ख़िलाफ़ खड़ा होगा
@PMOIndia @AmitShah @Uppolice
समता मूलक संघ (SMS)
@Mayawati जी के द्वारा आयोजित 9 अक्टूबर को लखनऊ मे साहब #कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर हो रहे कार्यक्रम में पूरा समर्थन देगा!
SMS पूरी तागत के साथ लखनऊ पहुंचेगा सभी साथी ज्यादा से ज्यादा संख्या मे पहुचे.
राष्ट्रीय अध्यक्ष (SMS)
#प्रताप_सिंह_अहिरवार
1. -:प्रेस विज्ञप्ति:-
12 सितंबर दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया
जय भीम साथियों
आज मैं आपके सामने बैठा हूँ लेकिन सिर्फ़ एक शायर या कार्यकर्ता के रूप में नहीं।
मैं आपके सामने उस यात्री के रूप में बैठा हूँ जिसने अपने पैरों से वो रास्ते नापे हैं जो बाबासाहेब के सपनों तक जाते हैं।
हमनें देश में 2 बहुत महत्वपूर्ण यात्राएँ कीं।
पहली यात्रा थी—बाबासाहेब अंबेडकर की जन्मस्थली से दिल्ली तक। उस यात्रा का नारा था: ‘अम्बेडकरवादी नेताओं, साथ आओ।’ उस पदयात्रा में समाज के हज़ारों लोग हमारे साथ जुड़े।
फिर हमनें दूसरी यात्रा की—��ुंबई से नागपुर तक, उसका नारा भी यही था लेकिन ये यात्रा इसलिए भी थी ताकि बाबासाहेब की कर्मभूमि और दीक्षाभूमि के संदेश को जोड़ा जा सके।
साथियो,
आज मुझे घर छोड़े हुए एक साल से ज़्यादा हो गया है।
मैं वापस अपने घर नहीं गया, क्योंकि यह रास्ता ही मेरा घर बन गया है।
मैंने अपना सुख, अपना आराम, सब इस मिशन को समर्पित कर दिया है।
इन य���त्राओं ने हमें एक सच्चाई सिखाई—
व्यक्तिगत आंदोलन से आग जलाई जा सकती है, लेकिन रोशनी तभी होगी जब हम सब मिलकर एक संघ खड़ा करें।
आज अम्बेडकरवादी नेता और संगठन अलग-अलग नदियों की तरह बिखरे हुए हैं।
कोई छोटी नदी है, कोई बड़ी धारा है, लेकिन अगर ये सब मिल जाएँ तो एक ऐसा समुंदर बन सकता है जिसे कोई रोक नहीं सकता।
और यही हमारा सपना है।
4. जब बहुजन पर अन्याय अत्याचार होगा
जब कोई दलित, पिछड़ा या वंचित उत्पीड़न का शिकार होगा
जब संविधान पर हमला होगा
जब पेड़ पौधे और प्राकृति की हत्या होगी तब यह क्रांतिकारी संगठन सड़कों पर उतरेगा।
संघ हमा���ी आत्मा होगा
संगठन हमारी आवाज
संघ शांति का मार्ग दिखाएगा और संगठन करती का
और जब ये दोनों साथ साथ चलेंगे, तभी ये आंदोलन अपूर्ण से पूर्ण होगा।
आज तक यही होता रहा है की बुद्धिजीवि और आंदोलन अलग अलग चलते रहे
कभी बुद्धिजीवी कमजोर पद गया तो कभी आंदोलन अधूरा रह गया
लेकिन हम दोनो को एक ढांचे में लेकर आ रहे हैं
संघ जोड़ेगा
संगठन जगाएगा
संघ संभालेगा
संगठन बदल देगा
और यही हमारी सबसे बड़ी ताक़त ���ोगी
5. साथियो,
हमारी यात्राएँ एक शुरुआत थीं—लेकिन अब हमें सामूहिक यात्रा करनी है।
हमारे कदमों की आहट अब लाखों करोड़ों कदमों की आहट में बदलेगी।
मेरी पुकार अब हमारी सामूहिक आवाज़ बनेगी।
साथियों
आज की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हम कोई औपचारिक घोषणा नहीं कर रहे हैं बल्कि हम आज पूरे समाज को ये सूचित कर रहे हैं की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उस इ���िहास की झलक है। और आने वाली 23 सितंबर को दिल्ली में हम संघ और संगठन दोनों की स्थापना करेंगे।
और वहाँ से ये कारवां नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा
मैं चाहता हूँ कि यह आंदोलन किसी एक शख़्स का न रहे—
यह आंदोलन आपका, हमारा और पूरे समाज का बने।
यही बाबासाहेब के सपनों के भारत की ओर बढ़ने का पहला कदम है।”
धन्यवाद
छतरपुर विक्रमपुर सरपंच
छतरपुर एसपी इस ��ात का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करें और उस सामंतशाही गुंडे को तत्काल जेल में डालने का काम करें
इससे समाज में भाईचारा और प्यार बना रहेगा अपराधी को सजा जितने जल्दी मिलेगी समाज में पुलिस के प्रति उतना ही सम्मान बढ़ेगा
@SpChhatarpur
जो छात्र सालों तक पढ़ते हैं, मेहनत करते हैं, वो सिस्टम की लापरवाही की वजह से बर्बाद हो रहे हैं
“SSC यानी Staff Selection Commission – वो संस्था जो लाखों बेरोज़गार युवाओं के सपनों की परीक्षा लेती है, आज खुद सवालों के घेरे में है।
पेपर लीक, देरी से रिज़ल्ट, कटऑफ में गड़बड़ी – ये रोज़ की कहानी बन चुकी है।
हर साल लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका रहता है।”
“कई छात्रों की उम्र निकल जाती है… तैयारी में साल बर��बाद होते हैं… और आख़िर में सिस्टम ही धोखा देता है।
ये सिर्फ छात्रों का नहीं, पूरे देश के भविष्य का सवाल है।”
“हम SSC System Sudharo आंदोलन का समर्थन करते हैं —
क्योंकि जब तक नौजवानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक भारत का विकास अधूरा है।
सरकार को जवाब देना होगा!”
और हम युवाओं के हक़ के लिए हमेशा उनके साथ खड़े हैं।
#SSC_System_Sudharo
#SSCMisManagement
#sscReforms2025
#SSC_VENDOR_FAILURE
इस व्यवस्था को मनुवादी व्यवस्था कहते हैं,
जो सरकार मनुवाद की हमेशा पक्षधर रही है आज उसीका भारत देश पर एक तरफ़ा कब्जा है समाज को अगर अपने आप को सुरक्षित रखना है तो इस मनुवादी सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.
नौगांव पुलिस प्रशासन के द्वारा चार आदिवासियों के साथ बर्बरता अमानवी है,
@SpChhatarpur साहब इस घटना को अंजाम देने वाले पुलिस कर्मियो पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाए हमें आप पर भरोसा है,
नहीं तो न्याय के लिए हमें आंदोलन करना पड़ेगा
@CMMadhyaPradesh