यह सवर्ण महिला जो कह रही है इसकी बात का मैं समर्थन करता हूं लेकिन तब
जब ऐसा नियम होगा मंदिर में अगर सवर्ण पुजारी है तो एससी -एसटी ओबीसी समाज का कोई व्यक्ति चढ़ावा नहीं चढ़ाएगा
एक ऐसा नियम बनाया जाए अगर कथावाचक कोई स्वर्ण है तो एससी -एसटी ओबीसी समाज का कोई भी व्यक्ति कोई सहयोग नहीं करेगा
एक ऐसा नियम बनाया जाए किसी भी चुनाव में प्रत्याशी अगर सवर्ण समाज का व्यक्ति है तो एससी- एसटी ओबीसी समाज का व्यक्ति न उसे वोट देगा न ही उसका समर्थन करेगा
अब जाकर इस नफरती महिला से पूछिए क्या यह तैयार है?