विश्व मानवाधिकार दिवस पर सबसे बड़ा प्रश्न चीख-चीख कर विश्व समुदाय से उत्तर मांग रहा है कि विश्व भर में हिंसा का तांडव जारी है ऐसी हिंसा पर और वर्तमान में भारत के पड़ोस में बांग्लादेश में हो रही मानवाधिकारों की हत्या पर विश्व समुदाय क्यों चुप है। ।#WorldHumanRightsDay
भारतीय परंपरा में मानवाधिकारों की एक समृद्ध यात्रा रही है। सनातन काल के नैतिक अवधारणा से लेकर आधुनिक काल तक लिखित और श्रुति साहित्य दोनों में यह उपलब्ध रही है।
#WorldHumanRightsDay#SaveBangladeshiHindus
प्रताप का जीवन स्वाभिमान एवं संघर्ष का पर्याय, इतिहास लेखन में उनके साथ अन्याय किया गया: मुकुल कानिटकर
कुंभलगढ़- वीर शिरोमणी #महाराणा_प्रताप जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा प्रताप के जन्मस्थान अजेय दुर्ग #कुंभलगढ परिसर में आयोजित हुई शौर्य सभा
#अजेय_प्रताप https://t.co/zk9XN6hBn3
जनजाति सुरक्षा मंच डिलिस्टिंग की मांग कर रही है..इसके अनुसार मूल संस्कृति को छोड़ने वाले आदिवासियों को आरक्षण के लाभ से अलग करना है #TribalHunkaarDelisting
आदिवासी हिन्दू समाज का अंग हैं..धर्मान्तरितों को जनगणना में भी आदिवासी की संज्ञा नहीं दी गई है.. इसके बाद भी नौकरी आदि में अधिकांश कन्वर्टेड लोग ही लाभ ले रहे हैं। यह बड़ा अन्याय है। डीलिस्टिंग जनजातीय समाज के जीवन मरण का प्रश्न है. #TribalHunkaarDelisting
इस रैली के माध्यम से जनजातीय समाज की यह मांग है कि जिन नागरिकों ने अपनी मूल संस्कृति और अपने मूल धर्म को छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाया है, उन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी से तत्काल बाहर किया जाए. #TribalHunkaarDelisting
बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के द्वारा मूल जनजातियों के हिस्से की सुविधाओं को अवैध रूप से छीना जा रहा है, जिसमें आरक्षण भी एक प्रमुख तत्व है. #TribalHunkaarDelisting
मूल पहचान छोड़ चुके अवैध लोग 70 साल से जनजातीय वर्ग के हम लोगों का अधिकार छीन रहे हैं। जनजातीय समुदाय के लोग दशकों से डीलिस्टिंग के लिए संघर्ष कर रहे हैं. #TribalHunkaarDelisting