एक दरोगा का दैनिक कार्य
1-सुबह 9.00बजे थाना प्रभारी के समक्ष उपस्थित होना।
थाना प्रभारी द्वारा कार्य के प्रति सचेत करना लिखा पढ़ी कर प्रारम्भिक जांच की रिपोर्ट देने की धमकी देना जिसे सुनकर मूड खराब हो जाना।
2-कोर्ट जाने वाले कागजात तैयार करके पैरोकार को देना पैरोकार 10बजे थाने से कोर्ट चला गया तो कागज़ कोर्ट तक पहुंचाना।
3-विवेचनाएं अध्यावधि अपडेट करना।
4-आईजीआरएस प्रार्थना पत्र की सही सही जांच कर आख्या फीड कर फीडबैक लेना।
5-समय 11से 2.00बजे तक बैंक एवं महत्वपूर्ण संस्थानों की चेकिंग करना ।
6- उच्चाधिकारियों की यदि मीटिंग बुलाई गई तो उनके आफिस जाना वहां भी धमकी सुनना।
7-शाम 6.00बजे से 9.00बजे रात तक चौराहे पर वाहन चेकिंग करना।
8- गणना के बाद 10.00 बजे रात्रि में भोजन करना अगर सारे ग्रह ठीक हुए तो ?
9- 11.00बजे रात्रि से 4.00बजे भोर तक रात्रि गश्त करना।
10. भोर 4.30बजे से 8.00बजे सुबह तक सोने का अवसर
11. सुबह 8-9बजे तक नित्य क्रिया वर्दी साफ करना सुबह का खाना खाना सब एक घंटे में करना है।
12. यदि मुकदमे का बादी आरोपी अपहृता दूसरे जिले प्रांत का है या भागकर बाहर रह रहे हैं तो अपने खर्चे से जाकर उन्हें ले आना विवेचना करना।
13. मुकदमे में चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट लगाना है तो एसपीओ से केश डायरी व रिपोर्ट ले जाकर विधिक राय प्राप्त करना यदि पीओ को हजार पांच सौ नहीं दिए तो आपत्ति लिखकर वापस कर देगा।
14. पीड़िता का बयान कोर्ट में कराने पर बाबू को बयान के लिफाफे को पहले बंद कराना और अवलोकन के बाद पुनः सीलबंद कराने में 200+200 देना ।
15. चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने पर 500 बाबू को देना।
16. विवेचना में चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट लगेगी यह थाना प्रभारी या उच्चाधिकारी एवं क्षेत्रीय मंत्री विधायक तय करते हैं।
माननीयों की डिमांड अलग !
*दरोगा का दायित्व निभाने वाले 80% डिप्रेशन में जीते हैं*
यदि दरोगा ईमानदार है तो वह सिस्टम में फिट नहीं है उससे सबसे ज्यादा कार्य लिया जाएगा।
इसमें पार्लर ,कुत्ता जैसे कार्य तो लिखे ही नहीं ?
ऐसी ,शॉपिंग ,व्यवस्थाओं का जिक्र नहीं ?
बाकी बदनाम भी है दरोगा ?
@Uppolice की ये तस्वीर बदल सकती है लेकिन इंसान को पहले इंसान समझे तो @IPS_Association@UPGovt ?
@dgpup@ChiefSecyUP@myogiadityanath@jayantrld