दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने ना दिया,
जब चली सर्द हवा मैंने तुझे याद किया।
इसका रोना नहीं की तुमने किया दिल बर्बाद,
इसका गम है कि बहुत देर में बर्बाद किया।।
(जोश मलीहाबादी) एक छुपा हुआ देश का गद्दार।।
@BaatBiharKii तुम्हारी तरह गद्दार बहुत है , जो उनको न सिर्फ देश में घुसने में मदद करते है बल्कि अपनी रिश्तेदारी दिखा कर उन्हें बसा भी रहे है देश में ।।