Brother made his sister a widow. 💔
A caste Hindu man murdered a Dalit youth over an inter-caste marriage in Rajkot, Gujarat. She has been left a widow with a son.
Literally, we are fighting casteist monsters who are so bloodthirsty, barbaric and cruel.
यह प्रोफ़ेसर दुल्ला ख़तरनाक व्यक्ति है, 2020 में दलित छात्र दर्शन सोलंकी को भी इसने सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था, जिसके बाद उसने भी आत्महत्या कर ली थी,
Fine करना अलग बात है लेकिन पब्लिकली ह्यूमिलिएट करना बिल्कुल अलग बात है, यह आदतन अपराधी है, बच्चों को एब्यूज करता है, करियर तबाह करने की धमकी देता है,
यह सब जाति देखकर ही किया जाता है, इस दुष्ट के समर्थन में आ रहे हैं मनुवादी, 🔥
इस देश में CJI, President, LOP, CM, IAS,IPS खुद को जातिवाद से बचा नहीं पाए तो एक निहत्था मासूम छात्र ख़ुद को बचा लेगा?
हमें रात में कैंपसों में night vigil करना पड़ता है "जागते रहो एकलव्य, द्रोणाचार्य घूम रहे है.."
जैसी पैनल की डाइवर्सिटी है, वही कॉलेज संस्थानों में है।
ये मेघा रूपम है। नोएडा की DM हैं। मेघा पर आरोप है कि इसने DU की एक छात्रा को फ़र्जी केस में फंसाकर NSA लगाया और 5 महीने जेल में रखा।
मामल हाईकोर्ट में गया तो DM साहिबा को कोर्ट ने लताड़ लगाते हुए 5 लाख का जुर्माना लगा दिया।
IAS मेघा रूपम कोई और नहीं देश के सबसे बड़े राजद्रोही ज्ञानेश कुमार की बेटी है।
अरे भाई,
तुमने इंजीनियरिंग की है या नहीं,मैं नहीं जानता,परन्तु मैने खुद इंजीनियरिंग की है,
साइंटिफिक calci के साथ उसका कवर भी होता है,इस वीडियो में भी साफ़ दिख रहा कि कवर टेबल पर है और हाथ में calci है,
अंत में भाई calci को cover में रखता भी है,
फिर से देखो और नफरत न फैलाओ,
She is Bindu Gujjar, An Independent Journalist.
Her platform "Samachar by Bindu" has been Suspended.
She was the first to Publish the True Story of the 30 Adivasi Children — the Children who Died.
She also Mentioned the Cause of Death in Her Report.
Hear What Happened Next From Her 👇
#Democracy #ElectionCommission #GyaneshKumar
The face of "merit", founding member of anti-reservation gang Anuradha Tiwari (@talk2anuradha) openly confesses to cheating in exams, buying exam papers and using proxies.
Revoke her degree immediately!
में पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि AI जनरेटेड video बना रहे हैं नेशनल मीडिया वाले, TRP के लिए, 🔥🔥
एक ही वीडियो में एक ही बंदे की टीशर्ट का रंग अलग अलग कैसे हो सकता है,
बहुत नीचता के स्तर पर आया है मीडिया उस मनुवादी बुल्ले को बचाने के लिए,
सुधर जाओ मनु की औलादों, तुम्हारी औलाद के साथ ऐसा होता तब भी तुम यही करते, 🔥🔥🔥
Why are some NRI’s who are from IIT ( created by Nehru) just so happy to be a Sanghi bigot???
I met one such atrociously accented pseudo-nationalist on NDTV who had no answer to my question on how caste discrimination against Dalits in now a serious issue even in Silicon Valley???
Despite several interruptions, you will get my argument.
Monsters against the Humanities.
Casteist monsters are opposing Humanities in IITs, claiming that it gives some importance to marginalized sections in India.
This is enough to prove how inhuman, cruel and hostile they can be towards Dalits.
But they wants equality in US, UK...
Literally within 2 hours of my reaching IIM Lucknow & going through the admission paperwork, I was asked by 2 different employees, "Yeh Sabnis kaunsi jaati mein aata hai? (What caste is Sabnis)".
साहिल बहुत ही होनहार लड़का था वो अपने जूनियर बच्चों को पढ़ाया करता था ।
लेकिन जातिवादी द्रोणाचार्यो ने उसकी जान ले ली और उसके ऊपर चीटिंग जैसा फर्जी आरोप लगा दिया ।
IIT बॉम्बे में प्रोफेसर कैसे पिछड़े क्षेत्र से आने वाले साधारण परिवारों से आने वाले छात्रों की मानसिक प्रताड़ना करते है, इसकी पूरी संघर्ष की कहानी IIT बॉम्बे के छात्र रहे दीपक बघेल ने बताई है।
दीपक बघेल आज इंदौर में बहुत सफल एग्रो बिज़नेस चला रहे है। लेकिन अपने रूट से आज भी पूरी तरह जुड़े हुए है। 👇👇🫶
आज Indian Express की स्टोरी ने साबित कर दिया है कि मोदी जी और अमित शाह वोटों की बहुत बड़ी चोरी करके चुनाव जीत रहे हैं। इस चोरी के सरगना ज्ञानेश कुमार हैं।
हम मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करके तुरंत उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ सालों में जितने चुनाव हुए हैं, वे सब रद्द करके दोबारा करवाए जाएं।
भारत के पिछड़ेपन का कारण जातिवाद और मुट्ठीभर जातियों का ओवर रिप्रजेंटेशन है.
• मीडिया में ओवर रिप्रजेंटेशन है. विश्व प्रेस स्वतंत्रता में भारतीय मीडिया का रैंक 157 है.
• न्यायपालिका और पुलिस विभाग के उच्च स्तर में ओवर रिप्रजेंटेशन है. न्याय-कानून व्यवस्था में भारत का स्थान 86 है.
• ब्यूरोक्रेसी में ओवर रिप्रजेंटेशन है. Transparency और Corruption Perceptions Index में भारत का स्थान 91 पर है.
लेकिन सवर्ण समाज ने नैरेटिव आरक्षण के खिलाफ खड़ा किया है ताकि इन मुद्दों पर बहस नही हो. वो नही चाहते हैं उनका ओवर रिप्रजेंटेशन राष्ट्रीय मुद्दा बने,
इसी कारण आरक्षण, यूजीसी एक्ट और SC ST एक्ट के खिलाफ माहौल बनाते हैं.
आज रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन वाली cheater धरा गई, मैंने उनका चीटिंग करने का कबूलनामा वाला वीडियो भी चलाया है।
हमारे बच्चों को चीटर बोलने वाली का चेहरा तो जरा देखिए
Hatred of Hindus towards a dead Dalit is nauseating. A dead student is being mocked because of his caste. And one day they will pay for their sins dearly.
सलमान खान सोबत 'मैने प्यार किया' चित्रपटातून भाग्यश्री पटवर्धनला देशाचं प्रेम मिळालं. पण मारवाडी प्रियकराशी लग्न केलं म्हणून तिच्याच घरात ती अस्पृश्य ठरली.
आपल्या कुटुंबासह सांगलीच्या पटवर्धन संस्थानातल्या गणपतीसाठी इतक्या वर्षांनी ती आरतीला गेली, तर त्यांचा गणपतीच बाटला.
भाग्यश्रीचे वडील म्हणाले, "आमच्या मंदिरात फक्त कोकणस्थ चित्पावन ब्राह्मणांनाच प्रवेश आहे. चार मारवाडी घेऊन ती गाभाऱ्यात घुसली, हे आमच्या लोकांना आवडलं नाही."
छत्रपतींकडून पटवर्धनांना सांगलीची गादी मिळाली. पण खुद्द छत्रपती शाहू महाराजांनाच या गादीने दगा दिला. महाराजांना शूद्र ठरवलं. आता पोटच्या मुलीला. मुलीचा मुलगाही गादीला वारस चालत नाही.
फक्त कोकणस्थ चित्पावन ब्राह्मणांनाच प्रवेश म्हणजे देशस्थ ब्राह्मणही कोकणस्थांच्या देवासाठी अस्पृश्य. संन्याशांची पोरं म्हणून ज्ञानेश्वरांच्या भावंडांना अतिशूद्र ठरवलं गेलं होतं. ७०० वर्षांनंतरही शुद्र शेतकरी जाती आणि अतिशूद्र दलित जाती अजूनही अस्पृश्यच आहेत. चार मारवाडी असा शब्दप्रयोग करत अस्पृश्य ठरवलं गेलं, तरीही मारवाडी समाज अपमान गिळून आहे. तर आयआयटीत शिकणाऱ्या साहिलने आत्महत्या केली तरी प्राध्यापक मंडळी म्हणतात, जातीवरून डिस्क्रिमिनेशन होत नाही. मनुस्मृती डोक्यातून गेलेली नाही.
#पटवर्धनसंस्थान #Patwardhan #भाग्यश्री #Bhagyashree #मारवाडी #Marwadi #IIT #Sahil #साहिल #आयआयटी
Why is one of our most renowned journalists, Ravi Nair being imprisoned in a frivolous case filed by Adani?
The Gujarat High Court’s conduct here is most concerning. Rule of law cannot be taken for a ride. Release Ravi now!