Concerned citizen, सशक्त राष्ट्र के लिए सजग नागरिक RTs/Likes are not endorsing anyone's ideology/thought. रीपोस्ट/लाइक किसी के आईडिया/सोच को समर्थन नहीं है
यह वीडियो देखिए। आपको पूरी सच्चाई समझ में आ जाएगी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद यादव और उनके परिजनों ने 168 एकड़ में फैले दर्जनों प्लॉट खरीदे हैं।
गजब का विकास किया है मोहन यादव जी ने!!
मोहन यादव जी दूरदर्शी नेता हैं,
चूंकि मध्यप्रदेश के ऊपर कर्जा बहुत ज्यादा हो गया है,
इसी कारण से मोहन जी जमीन खरीद रहे हैं, ताकि भविष्य में वो जमीन बेचकर प्रदेश का कर्ज उतार सके।
लेकिन कुछ लोग इस पर भी राजनीत कर रहे हैं।
कड़ी निंदा।
लोग तब समझ नहीं पाए थे, जब शिवराज जी ने कहा था कि,
कई किसानों की आय दुगुनी हुई है, कई की चौगुनी भी हुई है, कई की 8 गुनी भी हुई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दूं, वो किसान मोहन यादव जी हैं।
जो मोहन यादव पूरे प्रदेश में कर्जा लेकर लाड़ली बहन योजना का पैसा बाँट सकता है
उसने थोड़ा अपने लाडलों में क्या बाँट लिया लोगों की आंतों में ऐठन होने लगी
बिहार पुलिस ने कहा कि भरत तिवारी ‘मानसिक विक्षिप्त’ था। सच ही कहा। कोई सिरफिरा ही होगा जो ‘तिवारी’ होकर दलित-पिछड़ों की बस्तियों के लिए लड़ रहा था। पागल ही होगा जो अपनी पदयात्रा के दौरान यह कहे कि वह संयोग से अवश्य ब्राह्मण है, किंतु उसके लिए यह मायने नहीं रखता। उसे हिंदुओं को एकजुट करना है।
जहाँ तुम्हारे विचारों की एहमियत तुम्हारी जाति से तय होती हो, वहाँ तुम जाति से ऊपर उठकर अपने प्राणोत्सर्ग भी कर दोगे, तब भी तुम्हारी मृत्यु पर अट्टाहास करने वाले कम नहीं होंगे।
भरत आखिरी क्षणों में जैसी ‘बहकी-बहकी’ बातें कर रहा था, सिवाय गोली के उसे और क्या ‘उपहार’ मिल सकता था?
इंस्टाग्राम के आकाश में भरत की फ़ोटो के साथ क्रांतिकारी नगमें गूँज रहे हैं। कुछ दिनों के बाद एल्गोरिदम की चक्की में पिसकर धूल हो जाएँगे। माँ ने अपना लाल खोया। पिता ने अपना सहारा। सिस्टम ने यह संदेश पहुँचा दिया कि आँख दिखाई तो भून दिए जाओगे। मुकदमा फाइलों में दबकर रह जाएगा।
लखनऊ में 15 बच्चे ज़िंदा जल गए।
जल कर मरे तो मरे।मरना तो है ही।कब तक बचते? इतना हो हल्ला क्यो? इस आग से बचते तो सांप्रदायिकता की आग में मरते,धार्मिक उन्माद में जलते।परीक्षा पेपर लीक से मरते।मिलावटी तेल, पनीर से मरते।सड़क पर बिना फिटनेस की दौड़ती गाड़ी से कुचलकर मरते।अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी से मरते।नकली इंजेक्शन से मरते। नक़ली दवाई से मरते।नक़ली कफ सिरप से मरते। स्कूल में मिड डे मिल में सड़ा हुआ अनाज खाकर मरते।स्कूल में जर्जर छत गिरने से मरते। स्कूल की टंकी से जहरीला पानी पीकर मरते।ट्यूबवेल के लिए खुदे गड्डे में गिरकर मरते।मंदिर में भगदड़ से मरते।कब तक बचते?
किसी तरह बच जाते तो महंगाई मार देती, बेरोजगारी में दम तोड़ देते।सड़क पर खुले गड्डे में गिरकर मरते।सरकार की लापरवाही से मरते।टूटे ब्रिज में दबकर मरते।नाव में डूबकर मरते।जर्जर और खतरनाक इमारतों में दबकर मरते।
उपर से नीचे तक फैले भ्रष्टाचार से मरते।मरना तो तय है।इस सिस्टम में बच नहीं सकते।सिस्टम से लड़ने वाले मर गए,तुम तो बच्चे हो।
अब सरकार की जान लोगे क्या? मुआवजा मिल जाएगा।कमेटी बना देंगे।2-4 को निलंबित कर देंगे।घटना स्थल पर आंसू बहा देंगे। सरकार से ओर क्या उम्मीद करते हो? अगर ज़्यादा उम्मीद है तो बड़े नादान हो।
आराम से सो जाइए।
शहीद भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए कल चल रहे हैं ना , यदि आने में असमर्थ हैं तो वही से इस क्रांति को समर्थन दीजिए, भरत तिवारी को शहीद का दर्जा मिले और उनका स्मारक बने, उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये मिले ।
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग,लेकिन आग जलनी चाहिए।
Mob -9452075270 @aajtak@bstvlive@ZeeNews
One man dares to file a complaint with Bihar Police on the online hate crimes and false propaganda against Bihar.
The response : Visit police station in person and file a written complaint.
This is the cyber police of Bihar. Far from proactive, they do not even want to act on complaints. This is pure lethargy and a deterrence for ordinary citizens.
But my question to them : Recently, a singer was arrested for speaking online against Samrat Choudhary. Did Samrat Choudhary visit police in person and file a written complaint?
Anybody speaking against Nitish Kumar were also promptly arrested from places as far as Gujarat. Did Nitish personally file written complaint?
Bihar police does everything to protect the image of their masters politicians and don't care about the image of Bihar and Biharis itself.
Royal College of Surgeons (Edinburgh) has installed a bronze statue of Sushruta.
Sushruta, the ancient Indian physician & surgeon, is considered the "Father of surgery", who authored "Sushruta Samhita".