#BROIndia#DeshKaBRO#Tawang#CommunityConnect
📚🏔️ BRO - Book Reading Outlets
763 BRTF under Project Vartak@BRO has launched Book Reading Outlets, establishing mini libraries at schools and popular tourist destinations across Tawang to foster a culture of reading and knowledge sharing.
📖 Take a Book. Leave a Book. Borrow a book, and when you can, leave one behind—keeping the love of reading alive for the next reader.
🎒 Inspiring young minds, travellers and local communities.
🌄 Creating spaces where stories travel as freely as people.
Strengthening communities through the sharing of knowledge.
BRO doesn't just build roads—it builds minds, inspires dreams and connects communities.
*Connecting Roads. Connecting Minds.*
Jai Hind 🇮🇳
@rajnathsingh_in@sethsanjayMP@spokespersonMoD@adgpi@pib_India@ani
सुन लो अंधभक्तो तुम्हारे पप्पा का विदेश मंत्रालय क्या कह रहा है। अब करो उल्टियाँ 🤣
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MEA के प्रवक्ता:
"मुझसे CJP के विरोध-प्रदर्शन को मिलने वाली फंडिंग के बारे में कई बार पूछा गया है।
मैं कहना चाहता हूँ कि हमारी खुफिया और जांच एजेंसियों की जानकारी के अनुसार इसमें किसी भी प्रकार की विदेशी फंडिंग नहीं मिली है।"
गोडी मीडिया और भक्ति करने वालों के दावों पर एक और करारा तमाचा।
यूपी में एक लड़के की बाइक चोरी हो गई. वो चोरी की शिकायत करने पुलिस थाने गया.
गिड़गिड़ा कर शिकायत करने लगा. दारोगा जी ने अच्छा इलाज किया, करारा थप्पड़ जड़ दिया.
मतलब ये भी कोई बात है. देश के हर लड़के को जय शाह वाली सुविधा चाहिए. अपनी औकात भूल जाते हैं.
लड़का बिना टिकट के यात्रा कर रहा है तो जुर्माना कर दो!! या हमेशा की तरह रिश्वत लेकर सलटा दो!! या फिर अगले स्टेशन पर उतार दो!! मगर चलती ट्रेन से फेंकने जैसी हरक़त क्यों? वर्दी पहने हो तो ख़ुदा हो गए क्या?
@RailMinIndia@RPF_INDIA@RPFCR
वीडियो ट्रेन नंबर 11463 का है। खाने और पानी पर ओवर चार्जिंग की शिकायत ट्विटर के माध्यम से की गई तो @RailwaySeva वालों ने अपने गुंडों से यात्रियों को पिटवा दिया।
@AshwiniVaishnaw जी ने रेलवे की मटिया पलीत कर दी है।
@RailMinIndia बताए कि वीडियो में दिख रहे गुंडों पर क्या कार्रवाई हुई?
यूपी के अमरोहा में 3 साल पहले शानदार पुल बनवाया गया. इसकी क्वालिटी वर्ल्ड क्लास रखी गई. 'स्पेस टेक्नोलॉजी' से काम हुआ.
मतलब सरकार ने शानदार से शानदार काम किया, लेकिन पुल देशद्रोही निकला. सरकार को बदनाम करने के लिए ट्रैक्टर के साथ मिलकर साजिश रची और आज धंस गया.
पुल को सजा हो
वंदे भारत में सीट नहीं बदली तो विधायक ने पिटवाया: भोपाल आ रही थी ट्रेन, झांसी में किया हमला; भाजपा एमएलए के समर्थकों पर आरोप
https://t.co/9e6DoGHZSQ
#Madhyapradesh#Bhopal#VandeBharat
“आप भी चलाइए हेलिकॉप्टर जिसमें न मरें लोग, गारंटी देकर चलाइये”
जवाबदेही के बजाय यह बदज़ुबानी करने वाले BJP महासचिव & उत्तराखंड प्रभारी, पूर्व राज्यसभा MP दुष्यंत गौतम हैं
उत्तराखंड में पिछले 6 हफ्तों में 5 हेलीकॉप्टर क्रैश हुए हैं जिनमें 13 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है
छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा।
बलौदा बाजार जिले में एक युवक को मुखबिरी के शक में बीच चौराहे पर खंभे से बांधकर बेल्ट से पीटा गया।
यह घटना भाजपा सरकार की नाकामयाबी की बानगी है, जहां अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम आदमी की सुरक्षा कागजों तक सीमित नजर आती है।
- क्या यही है वो 'सुरक्षा' जिसका वादा किया गया था?
- क्या यही है वो 'कानून का राज' जिसकी बात की जाती है?
रेत माफियाओं का आतंक प्रदेश में जारी है, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
आज़मगढ़ में तहसीलदार “शैलेश कुमार” को चढ़ा सिंघम बनने का बुख़ार
काला चश्मा, पुलिस सुरक्षा और रील बनवाते हुए गुमटी की जाँच करने पहुँचे तहसीलदार
पहले गुमटी के पेपर माँगे, मोबाइल पर पेपर दिखाने से पहले जड़ा “झन्नाटेदार तमाचा”
दुकान के CCTV में क़ैद हुआ तहसीलदार शैलेश कुमार के जाँच करने का तरीक़ा
@dmazamgarh@CMOfficeUP @ChiefSecy_UP
बनारस रेलवे स्टेशन पर अगर कोई साइकिल खड़ा करके 3 दिन के लिए चला जाए और चौथे दिन आए तो उसे 3600 रुपए देने होंगे।
यहां उसके पास दो विकल्प हो सकते हैं, एक या तो वह साइकिल छुड़ाए या नई साइकिल खरीद ले।
दुनिया में इतना महंगा कहीं पार्किंग चार्ज है क्या?
जब महिलाओं को शिकायत दर्ज करवाने से पहले दरोगा की 'सेवा' करनी पड़े, तब सवाल सिर्फ सिस्टम पर नहीं, उन संगठनों पर भी उठता है जो खुद को महिलाओं के हक का ठेकेदार कहते हैं। कहाँ हैं वो आवाज़ें जो नारी सम्मान की दुहाई देती थीं? चुप क्यों हैं अब ?
Challenge accepted.
बताओ कहाँ आना है
भारत और भाजपा नफ़रत में एंकर महोदय फालतू में माहौल बना रहे हैं और झूठ बोल रहे हैं
दरअसल उनको ख़ुद कुछ पता नहीं इस विषय में और व्हाट्सएप ज्ञान फैला रहे हैं
बात लगभग सही बोली गई है - और उसके प्रमाण भी हैं
रोहिणी के लांसर कॉन्वेंट स्कूल ने कथित तौर पर छोटे-छोटे बच्चों को सिर्फ इसलिए रोके रखा क्योंकि उनके माता-पिता उन्हें स्कूल बस की बजाय प्राइवेट कैब से भेजते हैं।
क्या यह बच्चों के साथ अन्याय नहीं है?
क्या उनकी सुरक्षा और शिक्षा से बड़ा स्कूल का ट्रांसपोर्ट बिज़नेस हो गया है?
अगर यही घटना @ArvindKejriwal सरकार के दौरान हुई होती, तो शायद स्कूल की मान्यता ही रद्द हो चुकी होती।