दुकान का नाम 'हिन्दू फल की दुकान' रखने पर FIR हो गयी है,अब एक दोस्त पूछ रहा है कि अब वो उसकी दुकान का नाम जैन मेडिकल ही रखे या बदल के यूनानी दवाखाना रख ले 😄
#Hinduphobia_in_Jharkhand
एक टाइम था जब दो कौड़ी का पाकिस्तानी भी ऊँगली दिखाकर बोलते थे की आप हमारे लिए चाय की ट्रे लेकर आये थे.. हमें चाय पिलाई थी.
ऐसे ताकतवर प्रधानमंत्री थे कांग्रेस के राज में... 🙂
झारखंड के आदिवासी इलाकों में चर्च की बढ़ती संख्या पर मेरे बयान से काफी हंगामा हुआ। अपना धर्म बदल चुके कई लोग इस बात से परेशान हैं कि मैने सिर्फ चर्च की बात की, मंदिरों की नहीं। चलिए, आज इस मुद्दे पर विस्तार से बात करते हैं।
झारखंड के अधिकतर गांवों में आदिवासी-मूलवासी एक साथ रहते हैं। हमारे गांवों में हजारों सालों से जाहेरस्थान/ सरना स्थल/ देशाउली/ मांझी थान है और सनातन समाज के मंदिर भी, जिनमें मूलवासी पूजा करते हैं। आदिवासी- मूलवासी दोनों समुदाय एक दूसरे के पूजा स्थलों में सिर झुकाते हैं, एक-दूसरे के पर्व - त्योहारों में शामिल होते हैं और दोनों सबकी आस्था का सम्मान करते हैं।
इसके अलावा दिउड़ी मंदिर, रंकिणी मंदिर जैसे कई ���ंदिर हैं, जहाँ आदिवासी समाज के पाहन पुजारी की भूमिका में होते हैं, और सनातनी लोग भी वहाँ पूजा करते हैंं। ठीक उसी प्रकार, हम भी उनके पर्व-त्योहारों में शामिल होते हैं। लेकिन एक दूसरे के धार्मिक स्थलों एवं परंपराओं का यह परस्पर सम्मान हमारी आस्था, हमारी जीवन शैली को कभी नहीं बदलता।
हम आदिवासी पेड़ के नीचे बैठ कर पूजा करने वाले लोग हैं, और जन्म से लेकर शादी-विवाह एवं मृत्यु तक, हमारी ��िल्कुल स्पष्ट जीवनशैली है। बच्चे के जन्म, नामकरण, विवाह समेत जीवन के सभी महत्वपूर्ण पड़ावों पर, हमारी सामाजिक प्रक्रियाएं मांझी परगना/ नायके/ पाहन/ मानकी/ मुंडा/ पड़हा राजा आदि पूरी करवाते हैं। जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर हम जाहेरस्थान/ सरना स्थल/ देशाउली/ मांझी थान जाकर मरांग बुरु/ सिंगबोंगा की पूजा करते हैं।
हजारों सालों के इस सामाजिक सह-अस्तित्व में हम लोग एक-दूसरे के हर सुख-दुख के सा���ी बने, यथासंभव सहयोग किया, लेकिन उन्होंने कभी हमें हमारी आस्था या जीवनशैली बदलने के लिए मजबूर नहीं किया। अभी धर्मांतरण की रफ्तार देख कर लगता है कि अगर उन्होंने ऐसा किया होता, तो शायद हमारी संस्कृति बहुत पहले खत्म हो गई होती।
हजारों सालों के हमारे इतिहास में, आपको ऐसा कोई भी मूलवासी/ सनातनी नहीं मिलेगा, जिसने किसी मदद, सहायता या सहयोग के बदले, अथवा हमें लालच/ धमकी देकर हमारे लोगों का धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश की हो। वे कभी स्वयं को आदिवासी नहीं बताते। वे लोग आरक्षण समेत हमारे समाज को मिले अन्य अधिकारों को छीनने अथवा उसमें अतिक्रमण करने भी प्रयास नहीं करते, तो फिर उनसे कैसा बैर?
दूसरी तरफ, इस क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों ने 1845 में धर्म प्रचार शुरू किया, लेकिन मात्र 180 वर्षों में इन्होंने हमारी परंपराओं एवं धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाई, आरक्षण पर क��्जा किया, भाषाओं/ लिपियों का विरोध किया तथा हमारे अस्तित्व को मिटाने की हर संभव कोशिश की। हमारे लाखों लोगों का धर्मांतरण कर के इन्होंने ऐसे हालात बना दिये हैं कि सिमडेगा समेत झारखंड के कई हिस्सों में हमारे जाहेरस्थानों/ सरना स्थलों पर ताला लग चुका है, क्योंकि वहाँ धर्मांतरण की वजह से पूजा करने वाला कोई नहीं बचा।
आदिवासी समाज की पहचान पारंपरिक जीवनशैली, विशिष्ट संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज ए���ं रूढ़िजन्य परम्पराओं से है, लेकिन ��े लोग उसे मिटाने में लगे हुए हैं। ये लोग DNA की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इन्हीं मिशनरियों की वजह से दुनिया के कई हिस्सों में आदिवासी संस्कृति विलुप्त हो गई।
लैटिन अमेरिका की अयोरेओ जनजाति, केन्या की संबुरु जनजाति, ब्राजील की वाई वाई जनजाति, फिजी और पैसिफिक आइलैंड्स की जनजातियां धर्मांतरण के बाद अपनी मूल संस्कृति को भूल चुकी हैं। उनके पारंपरिक रीति-रिवाज, त्योहार, भाषा, नृत्य, पूजा-पाठ और सामाजिक संरचनाएं खत्म कर दिए गए। आप खुल कर क्यों नहीं कहते कि भारत में भी आपका असली मकसद यही है?
धर्मांतरण कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे समाज के अस्तित्व से जुड़ा मामला है। अगर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिदो कान्हू, वीर पोटो हो, वीर टाना भगत, वीर तेलंगा खड़िया एवं अन्य मार्गदर्शकों के दिखाए राह पर चलते हुए अगर हम लोग अपनी परंपराओं को नहीं बचाएंगे तो भविष्य में हमारे जाहे���स्थानों, सरना स्थलों, देशाउली आदि में पूजा करने वाला कोई नहीं बचेगा। हमारा अस्तित्व ही ��त्म हो जायेगा। (Part 1/2)
मंदिरा ने रिज़वान से शादी की, वह समीर की सिंगल पे���ेंट थी
पूजा के बाद, मंदिरा समीर को प्रसाद खिलाती है, जिससे वह नाराज़ हो जाता है
लेकिन जब नमाज़ के बाद रिज़वान उस पर फूंक मारता है, तो समीर खुश हो जाता है
लेकिन धुरंधर को प्रोपेगैंडा कहा जाता है
हम धर्म भेदभाव को बढ़ावा नहीं देते है, लेकिन लोगों को ऐसे पक्षपाती नहीं होना चाहिए 🔥
कल प्रधानमंत्री @narendramodi जी का जन्मदिन है।
यहाँ 75 प्रमुख उपलब्धियों की एक सूची है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के कार्यकाल से जुड़ी हैं :
1. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) — हर घर बैंक खाता सुनिश्चित करना।
2. स्मार्ट सिटीज मिशन — 100 शहरों में शहरी विकास, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर।
3. स्वच्छ भारत अभियान — सार्वजनिक शौचालय निर्माण, स्वच्छता में सुधार।
4. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) — गरीबों के लिए पक्का आवास।
5. हर घर जल / जल जीवन मिशन — ग्रामीण व शहरी घरों को पीने का पानी पहुँचाना।
6. उज्ज्वला योजना — गैस कनेक्शन प्रदान कर खाना बनाने के लिए स्वस्थ विकल्प।
7. ऑनलाइन / डिजिटल पेमेंट्स, UPI का विस्तार — लेन-देनों को आसान व डिजिटल बनाना।
8. वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) — विशेष रूप से गरीबों और ग्रामीण इलाकों में।
9. GST (Goods & Services Tax) लागू करना — कर प्रणाली सुधार।
10. १०० दिनों में युवाओं के लिए योजनाएँ शुरू करना — रोजगार, ग्रामीण व��कास आदि में निवेश।
11. कृषि संबंधी पहलें: PM किसान सम्मान निधि, Fasal Bima Yojana आदि।
12. मिट्टी स्वास्थ्य कार्डों का वितरण — वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा।
13. ई-NAM प्लेटफार्म से मंडियों को डिजिटल जोड़ना।
14. सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा परियोजनाएँ।
15. बिजली स���्लाई: “सौभाग्य योजना” — ग्रामीण/गरीब घरों को बिजली कनेक्शन।
16. रेलवे स्टेशन पुनर्विकास: अमृत भारत स्टेशन योजना।
17. सड़क, पुल, अंडर / ओवर ब्रिज परियोजनाएँ — Setu Bharatam जैसे प्रोजेक्ट्स।
18. जल संसाधन प्रबंधन: “Atal Bhujal Yojana” आदि।
19. ग्रामीण व महिला सशक्तिकरण योजनाएँ।
20. शिक्षा नीति सुधार (NEP) व कौशल विकास योजना (PMKVY)।
21. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाएँ, प्रसवपूर्व / प्रसवोत्तर देखभाल।
22. महिला सशक्तिकरण कार्���क्रम — लैखी-स-दीदी आदि।
23. “One Nation One Ration Card” — राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी।
24. कोरोना महामारी नियंत्रण, टीकाकरण अभियान।
25. सौरघर मुफ्त बिजली योजना — छत पर सोलर इंस्टालेशन तथा मुफ्त बिजली।
26. सब‐घर बिजली (Saubhagya) — हर घर में बिजली पहुँचाना।
27. SAUNI योजना — सूखे इलाकों को पानी मुहैया कराना।
28. बहुमूल्य योजनाएँ बजट में महिलाओं के लिए (Gender Budget) बढ़ाना।
29. सरकारी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण / DBT (Direct Benefit Transfer)।
30. डिजिटल इंडिया, ई-गवर्मेंट सेवाएँ बढ़ाना।
31. विदेशी नीति में सक्रियता, अंतरराष्ट्रीय सम्मान / पुरस्कार।
32. राम मंदिर निर्माण और अयोध्या में पूजा-स्थल विवाद का समाधान।
33. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 / 35A हटाना।
34. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण।
35. संवैधानिक सुधार, कानूनों में बदलाव जैसे त्वरित न्यायालय/तीन तला�� आदि।
36. रक्षा और आत्मनिर्भर भारत पहलें — रक्षा उत्पादन घरेलू स्तर पर।
37. अंतरिक्ष कार्यक्रमों में प्रगति।
38. स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार — अस्पताल, आयुष्मान भारत आदि।
39. पीएम स्वर्ण घर मौसम योजना जैसी नई पहलों की शुरुआत।
40. पर्यटन और सांस्कृतिक उत्थान परियोजनाएँ — पुरातत्व, तीर्थ और मंदिर सुधार आदि।
41. उड्डयन क्षेत्र में सुधार — UDAN योजना, नए एयरपोर्ट्स।
42. ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों का निर्माण।
43. डिजिटल पहचान (आधार) का व्यापक उपयोग।
44. काम के अवसरों का सृजन — लोकल / राष्ट्रव्यापी रोजगार कार्यक्रम।
45. सामाजिक सुरक्षा: वृद्ध / दिव्यांग / गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए योजनाएँ।
46. खाद्य सुरक्षा: मुफ्त अनाज या सब्सिडी राशन-वितरण योजना।
47. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सुधार ���वं कृषकों को समर्थन।
48. ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण योजनाएँ।
49. पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाएँ — शौचालय, पानी के नल तक पहुँच।
50. शहरी विकास और आवास क्षेत्रों में पुनरुद्धार (rehabilitation)।
51. महिला स्वास्थ्य और पोषण योजनाएँ।
52. युवा विकास: कौशल प्रशिक्षण, खेल व सांस्कृतिक योजनाएँ।
53. e-Governance: डिजिटल अपडेट्स एवं सर्विसेज ऑनलाइन करना।
54. रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार — नए रेल-लाइन, ब्रिजेस आदि���
55. ग्रामीण इलाकों में संपर्क और यातायात सुविधाएँ।
56. न्यायालय सुधार एवं सरलताएँ जैसे ट्रिब्यूनल आदि।
57. आत्मनिर्भर भारत अभियान (Make in India) — उत्पादन, निवेश बढ़ाना।
58. स्टार्टअप इंडिया, नया उद्यम पोषण नीति।
59. टेक्नोलॉजी एवं नवाचार (R&D, विज्ञान केंद्र आदि)।
60. मछलियों / मत्स्य पालन योजनाएँ (Fisheries) का विकास।
61. राष्ट्रीय रक्षा नीति में सुधार, सीमा सुरक्षा में सुदृढ़ीकरण।
62. ऊर्जा उत्थान और पावर ग्रिड विस्तार।
जारी...
अपने यादाश्त पर जोर डाले और याद करे.....
तारीख थी 1 मई 2006 सुबह का अखबार उठाया तो दहल गया, अखबार में ये तस्वीर छपी थी, खबर थी कि 30 अप्रैल 2006 में कश्मीर के डोडा में 35 हिन्दुओ को मुसलमान आतंकवादियों ने ���ाइन में खड़ा करके गोलियों से भून दिया था, बिलकुल ISIS के अंदाज में इन 35 हिन्दुओ में 1 बच्ची भी शामिल थी जिसकी उम्र मात्र 3 साल थी।
उस हत्याकांड की ये तस्वीर हर उस शख्स के चेहरे पे तमाचा है जो झूठे मॉब लिंचिंग समस्या में धार्मिक एंगल देते है, मैं हर उस ��िंदुस्तानी को यह बात याद दिलाना चाहता हूं जो भूल चुका है कि 2014 के पहले कश्मीर में क्या क्या हो रहा था।
आपको जानना चाहिए कि -
1)उस समय शासन में कौन था ?
2)उस समय राहुल किस पद पर था ?
3)उस समय मोमबत्तियां के भाव क्या थे?
4)उस समय बालीवुड भांड किसके साथ थे?
5)देश के गृह मंत्री शिवराज पाटिल की क्या भूमिका थी?
आपकीं जानकारी के लिए क्योंकि मरने वाले हिन्दू थे
और मारने वाले वहां के स्थानीय मुसलमान आतंकवादी ��सलिए आज तक कोई हत्यारा आतंकवादी पकड़ा नहीं गया उस समय की मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार ने धृष्टता की सीमाएं पर करते हुए कश्मीर और डोडा आदि जिलों से सेना को हटाने का घृणित काम शुरू किया।
क्योंकि हिन्दू का अपने ही देश में कोई मानवाधिकार नहीं होता इसलिए किसी ने इस विशुद्ध धर्म के आधार पर हुए नरसंहार को लेकर मोमबत्तियां नही जलाई, किसी को अपने हिंदुस्तानी होने प�� शर्म नही आई, किसी 2 टके के बॉलीवुड वाले ने पोस्टर पकड़कर फोटो नहीं खिंचवाई, या किसी ने साइन कर लेटर भी भेजा नही, तो आज फर्जी खबरों के आधार एवं सलेक्टेट issue पर बात का बतंगड़ बनाने से पहले इन्ही लोगों को इतिहास याद दिला रहा हूं।
*हिंदु सेकुलर है, हिन्दू जातिवाद से ग्रसित आपस मे लडना जानते है, हिन्दू स्वयं मूर्ख है बहुत जल्दी भूल जाते हैं और सबसे बड़ी बात हिन्दू उस राजनीतिक दल के साथ रहते है जो इनको ही मिटाना चाहते है तर्क वितर्क करने से पहले उस दौर और इस हत्याकांड से जुड़े समाचार व संसद की बहस जरूर पढ़ ले।
कांग्रेस के दलाल प्रकाश राज का एक बयान सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है.
उन्होंने कहा है : इंडोनेशिया में 90% आबादी मुसलमानों की है. 2% हिन्दू हैं और 11 ह���़ार मंदिर हैं. वहां पर हमने कभी दंगा फसाद नही होते हुए सुना. क्यों कि वहां RSS नही है.
अब आप सच्चाई जानीये
इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा द्वीपीय देश है
यानी वहां करीब 17000 से ज��यादा द्वीप हैं और यह दीप काफी दूर-दूर तक फैले हैं और एक दीप है जिसका नाम है बाली
इंडोनेशिया के जो 2% हिंदू है है वह सिर्फ इसी बाली द्वीप पर रहते हैं और इंडोनेशिया के जो 11000 मंदिर है वह सिर्फ इसी बाली द्वीप पर है क्योंकि यह सारे मंदिर नवी शताब्दी से लेकर 13वीं शताब्दी का है इसीलिए इन्हें यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में रखा गया है और इंडोनेशिया के इन हिंदू मंदिरों से और बाली के हिंदुओं से इंडोनेशिया को कुल जीडीपी का 15% आय प्राप्त होता है जो टूरिज्म से आता है
इंडोनेशिया में अगर सबसे ज्यादा शांति है तो सिर्फ बाली द्वीप पर है क्योंकि यहां हिंदू रहते हैं
अब जरा आप इंडोनेशिया में जो इस्लामी आतंकी संगठन है उनके नाम जानिए
Komando jihad
Jemaah islamiyah
Jamaah ansharut
Laskar jijad
Mujahideen tanah runtuh
Indonesian mujahideen council
East indonesia mujahideen
West indonesia mujahideen
Abu uswah network
Darul islam indonesia
Turkistan islamic jihad
Mujahedin kompak
Jamaah ansharut daulah
अब सोचो इंडोनेशिया में कितने इस्लामिक आतंकवादी संगठन है
इसके अलावा 2002 बाली बम ब्लास्ट में 202 लोगों की मौत हुई थी और इसमें ब्रिटेन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के पर्यटक तथा बाली के हिंदू मारे गए थे
इस घटना में 40 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था सब के सब मुस्लिम आतंकी थे और उनका यह कहना था कि क्योंकि इंडोनेशिया मुस्लिम बहुमत वाला देश है इसीलिए वह नहीं चाहते थे बाली द्वीप पर हिंदू रहे और वह बाली ���े हिंदुओं को या तो मुस्लिम बनाना चाहते हैं या या मारना चाहते हैं
इसलिए उन्होंने बाली में 12 रिजॉर्ट में बहुत खतरनाक बम रखे थे लेकिन सिर्फ एक रिसॉर्ट में ही ब्लास्ट हो पाया बाकी के जो बम थे वह टेक्निकल खराबी की वजह से ब्लास्ट नहीं हो पाए
उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दूतावास के सामने ब्लास्ट किया गया था 2004 में एक भीषण कार बम ब्लास्ट जकार्ता में हुआ था और बम ब्लास्ट के साथ कर सुसाइड जैकेट पहने आत्मघाती हमलावर शहर में ब्लास्ट किए थे जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए थे उनके न��शाने पर ग्रीक एंबेसी थी
उसके बाद 2009 में फिर से जकार्ता में बम ब्लास्ट हुआ था जो सीरियल बम ब्लास्ट था उसके बाद जकार्ता के 12 चर्च में 13 मई 2018 को इस्लामी आतंकियों द्वारा एक साथ हमला किया गया था जिसमें 1000 से ज्यादा ईसाई मारे गए थे
बाद में इंडोनेशिया सरकार में अमेरिका की मदद से आतंकियों पर कड़ी करवाई किया और एक बहुत बड़ा अभियान चलाया गया और इस अभियान में 3000 से ज्यादा इस्लामिक आतंकवादी मारे गए इंडो��ेशिया में मुकदमा चलाया गया ना जेल भेजा गया बल्कि मिलिट्री कार्रवाई में आतंकियों को मारा गया
उसके बाद इंडोनेशिया सरकार मुस्लिम नागरिकों को खुश करने के लिए जिन द्वीपो पर मुस्लिम आबादी है वहां पर शरिया कानून लागू कर दिए सिर्फ बाली दीप को छोड़कर जहां हिंदू है वहां शरिया कानून नहीं लागू है वहां हिंदुओं को अपने रीति रिवाज का पालन करने का अधिकार है
तो इसीलिए जब कोई आठ फेल अभिनेता किसी तरह का ब���वास करता है तो बिना गूगल पर सच्चाई जान उसके बकवास को शेयर मत करिए बल्कि आप लोग तथ्यों की जांच करिए
पिछले कुछ सालों में भारत के पड़ोसी मुल्कों (श्रीलंका,बांग्लादेश)जो ���ालात हुए हैं उनमे एक सेट पैटर्न देखने को मिलता है जो कि बेहद चिंताजनक है।
लेकिन कल नेपाल में जो हुआ और भारत में लोगों को खुश देखकर हमें चिंता महसूस हुई , क्या हमारा स्मूथ ट्रांजिशन ऑफ पावर से भरोसा उठता जा रहा है?
हमें लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार को घेरते रहना चाहिए लेकिन हम किसी भी प्रकार की देशविरोधी गतिविधियों का पुरजोर विरोध करते हैं।
देश की सरकार , विपक्षी पार्टियों ,संस्थाओं और सुरक्षा एजेंसियों से हमारा निवेदन है कि मिल जुलकर देश को एक स्वस्थ्य लोकतंत्र बनाइए, उससे ही देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
जय हिन्द! जय भारत ! 🇮🇳
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के अध्यक्ष ने पंजाब में आई भीषण बाढ़ पर पंजाब सरकार को दोषी बताया है
और कहा है कि हमें गेट खोलने की इजाजत नहीं दी गई
पंजाब सरकार की जीद थी कि हम पंजाब ��ा पानी दूसरे राज्यों को एक बूंद नहीं देंगे
और इसी जिद ने पंजाब को डुबो दिया
आप यह पूरा पढ़िए
यह है इस्लामीकरण झारखंड का,सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रात्रि 10 बजे नहीं,गणेशोत्सव पर पूर्ण प्रतिबंध ।क्या @INCIndia पार्टी को हिन्दू के पर्व त्योहारों से परेशानी है ?
झारखंड @INCIndia के नेतृत्व में पूर्णतया इस्लामिक राज्य आज बन गया,गणपति महोत्सव पर पूरे राज्य में DJ बजाने पर सैकड़ों FIR हिंदुओं पर हुए आज ईद उल नवी पर ह��़ारों DJ बेरोकटोक प्रशासन के सहयोग से बजे ? क्या हम धर्म निरपेक्ष हैं?
शिकायतकर्ता नेक मोहम्मद का वीडियो ब्यान ✋🚨
निमो यादव के साथ-साथ सूर्या समाजवादी, हारून, प्रतीक पटेल, तरुण गौतम, बिट्टू शर्मा, जितेश, अमोक
सभी के स्क्रीनशॉट MP पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
सभी ने मोहम्मद रिजवी के नाम पर इन सभी ने
भाजपा कार्यकर्ता के फोटो डाल के अफवाह फैलाईं
बिना एक्साइज इंस्पेक्टर की नौकरी किए गाड़ी में एक्साइज इंस्पेक्टर लिखवा कर और टोपी रख कर घूमते हैं,
जवाब पूछने पर बातें गोल गोल घुमाते हैं,
SSC का आंदोलन करने की परमिशन शाम पांच बजे तक मिलती है उसके बाद खुद की हवाबाजी के लिए बच्चों को देर तक रोक कर रखते हैं फिर उन पर लाठियां चलती हैं।
नोट : छात्रों पर लाठी चलाने वाले और चलवाने वालों का पूरा विरोध लेकिन ऐसे अध्यापकों से बचिए ।
जम्मू कश्मीर के प्रसिद्ध पत्रकार आदिल फारुख के पास से दो ग्रेनेड बरामद
दो ग्रेनेड इनके बैग से बरामद हुए, पत्रकारिता कि आड़ में आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त था
यह ग्रेनेड यह आतंकियों को देने ले जा रहा था
इसी तरह से गाजा में जो पत्रकार मारे जा रहे हैं असल में वह सब हाइब्रिड भूमिका में है यानी कभी पत्रकार तो कभी आतंकी
हमारे देश में ये जो तमाम अशांतिदूत लोग फर्जी पत्रकार यूट्यूबर बने घूम रहे हैं इनकी भी कायदे से जांच होनी चाहिए ...