लखनऊ
➡दंपत्ति शिक्षक संघ का निशातगंज शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन
➡अंतर्जनपदीय तबादला नीति में संशोधन की मांग उठाई
➡महानिदेशक स्कूल शिक्षा को ज्ञापन भेजकर राहत की मांग
➡दम्पति शिक्षकों को PTR की बाध्यता से मुक्त करने की मांग
➡परिवार के साथ रहने और सामाजिक दायित्व निभाने का हवाला
#Lucknow #TeachersProtest #EducationDepartment @UPGovt@CMOfficeUP
@UPGovt@myogiadityanath@MissionRojgarUP उत्कृष्ट, भ्रष्टाचार मुक्त, साफ-सुथरी एवं निष्पक्ष शिक्षक भर्ती करने के लिए हार्दिक आभार... 💐
राजनैतिक, झूठे एवं मनगढ़ंत आरोपों के दबाव में ना आते हुए आप ने सभी वर्गों के साथ सदैव न्याय किया है...
सादर अभिनंदन एवं आभार 🚩💐
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आपके अधिकारी मोटे कमीशन के लिए अनावश्यक सॉफ़टवेयर और मोबाइल ऐप को सैकड़ों करोड़ में ख़रीद कर
बेसिक शिक्षा परिषद और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है । शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा अन्य कार्य करने पर मजबूर करते हैं, दिन भर मोबाइल फ़ोन के ऐप में व्यस्त रखते हैं ।
आप पता करिएगा जितने में ये सॉफ़्टवेयर और ऐप ख़रीदे गए हैं उतने पैसे में सभी स्कूलों में फ़र्नीचर,कंप्यूटर लैब,और अंग्रेज़ी सहित अन्य एक्सपर्ट टीचर रख के बच्चों को प्राइवेट स्कूल से ज़्यादा अच्छा शिक्षा दे सकते थे।
और हाँ इन अधिकारियों को बोलिए कि पहले सभी घूसखोर विभागों ने सबके लिए आनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य करें,उसके बाद बारिश के मौसम में सुदूर गाँवों में पढ़ाने वाले शिक्षकों पर लागू करे ।
@yadavakhilesh
#WewantBEDInPRT#WewantBEDInPRT#WestBengal@PMOIndia@dpradhanbjp
@ncteDelhi
Please Bring ordinance to change the decision of respected supreme court, We have put lot's of effort,time, money , energy to get Primary Tet certificate, it's not just a paper for us....
नई शिक्षक भर्ती आवश्यक है जिससे हर कक्षा को एक अध्यापक मिल सके।
एक विद्यालय में कम से कम
🔖 5 अध्यापक
🔖 1 प्रधानाध्यापक और
🔖 5 कमरे
"कार्य कठिन है लेकिन सरकार के करने योग्य है।"
इससे सबसे बड़ा फायदा उन मध्यमवर्गीय अभिभावकों को होगा जो भारीभरकम फीस के मकड़जाल में फंसे हैं।
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए पूरे प्रदेश में 1-8 तक के विद्यालयों(प्राइवेट-परिषदीय) का समय परिवर्तन होना चाहिए और
विद्युत विभाग को इस बात का खयाल रखना चाहिए कि बिजली कटौती विद्यालय समय के दौरान न की जाए। बच्चे वास्तव में बड़ी तकलीफ़ में हैं और शिक्षक असहाय हैं।