क्या झारखंड में सिर्फ उनलोगों का ही बात सुना जाएगा जो जूठ फरेब और प्रपंच रच कर एक भीड़ इकठ्ठा करते हैं और उस भीड़ के ज़ज्बात का सहारा लेकर लोगों के नजरो में खुद को बेबस और लाचार दिखाने का कोशिश करते हैं
राज्य में आधा दर्जन से ज्यादा कोचिंग माफियाओं का सिंडिकेट था एक्टीव.......
किताब भी यही बेचेंगे,
पढ़ाएंगे भी यही।
सेटिंग भी यही करेंगे,
सीट भी यही बेचेंगे।
पेपर रद्द भी यही करवाएंगे,
राजनीतिक आकाओं के साथ आंदोलन में चेहरा भी यही दिखाएंगे।
कोर्ट भी यही दौड़ेंगे,
कैमरा भी यही बुलाएंगे,
आंदोलन को बदनाम भी यही करेंगे।
खेल इनका, नियम इनके,
फैसला इनका—मुनाफा इनका।
और छात्र? सिर्फ इन कोचिंग-माफियाओं के मोहरे!
@Jhar_Voice@livelagata79748@The_FollowUp भीड़ का दबाव क्षणिक है, लेकिन छात्रों की वर्षों की मेहनत स्थायी है। सरकार से विनम्र अपील है—मेहनत और ईमानदारी से चयनित छात्रों के साथ न्याय किया जाए।
@Jhar_Voice@livelagata79748@The_FollowUp कल तक जिस मेहनत पर ताली बजाई गई,आज उसी मेहनत को सवालों में खड़ा कर दिया गया।विद्यार्थी ने सालों अपना भविष्य किताबों में लिखा,और एक फैसले ने उसकी मेहनत को ही मिटा दिया।सवाल सिर्फ परीक्षा का नहीं उस विद्यार्थी के सम्मान और सपने का है।
झारखंड के हर मेहनती छात्र की आवाज़ यही है—दोषी को सजा मिले, लेकिन निर्दोष को नहीं। सरकार से पूर्ण विश्वास के साथ आग्रह है कि मेहनत, मेरिट और न्याय की रक्षा की जाए।
झारखंड के कोचिंग माफिया का दोहरा चरित्र देखिए 11वीं से 13वीं जेपीएससी में यह कोचिंग माफिया बोलता है कि मेरे यहां से 130 से ज्यादा अधिकारियों का चयन हुआ है और यही कोचिंग माफिया 11वीं से 13वीं जेपीएससी को रद्द करवाने वाली आंदोलन में भी शामिल होते है
#jpsc#jharkhand#BiharStudents
अगर उद्देश्य वास्तव में न्याय है, तो मांग होनी चाहिए कि दोषियों को पकड़ा जाए और निर्दोषों को बचाया जाए। लेकिन जो लोग केवल पूरे सिस्टम को बदनाम करके अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं, उनका असली मकसद समझना जरूरी है।
@aajtak@ravish_journo@JmmJharkhand@JMMKalpanaSoren
झारखंड के कोचिंग माफिया का दोहरा चरित्र देखिए 11वीं से 13वीं जेपीएससी में यह कोचिंग माफिया बोलता है कि मेरे यहां से 130 से ज्यादा अधिकारियों का चयन हुआ है और यही कोचिंग माफिया 11वीं से 13वीं जेपीएससी को रद्द करवाने वाली आंदोलन में भी शामिल होते है।
एक परीक्षा के पीछे वर्षों की मेहनत, उम्मीद और परिवार के सपने जोड़े होते हैं फिलहाल जो झारखंड में हुआ है उससे जेएसएससी सीजीएल के चयनित मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य तराजू के दो पलड़े की तरह है दोषियों पर कार्रवाई हो, मेहनतियों को न्याय मिले@HemantSorenJMM#jssccgl#jssc
छात्रों को अब भावनाओं में नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर सोचना होगा। कुछ *कोचिंग माफिया* छात्रों की भीड़ और गुस्से को अपने प्रचार का माध्यम बना रहे हैं। असली लड़ाई न्याय की होनी चाहिए, किसी की दुकान चमकाने की नहीं।
हम झारखंडियों की मांग है—दोषी को सजा मिले, लेकिन निर्दोष को न्याय मिले। किसी मेहनती छात्र का हक न मारा जाए और जिसने वर्षों तक संघर्ष किया है, उसे उसकी मेहनत का परिणाम अवश्य मिले। यही न्याय होगा और यही झारखंड के युवाओं के भविष्य की रक्षा करेगा।@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren
@JHAR98765 एक अभ्यर्थी की सफलता सिर्फ उसकी नहीं, उसके माँ-बाप के त्याग की भी जीत होती है।सरकार से आग्रह है—मेहनती बच्चों के सपनों और माँ-बाप की उम्मीदों को निराश न होने दें।