जंतर मंतर से मंच पर एक प्रोफेसर ने माइक से कहा, "जब सब बुत (मूर्तियाँ) उठवाए जाएँगे तो हम देखेंगे। नाम रहेगा सिर्फ अल्लाह का।
फिर @kunalkamra88 ने माता सीता और भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी की
@DCPNewDelhi आपके संरक्षण में बोल गए ये इतना, या तो FIR कर दो @CPDelhi साहब
नहीं तो ये शब्द हमारे आमने सामने बुलवा दो एक बार फिर
@DelhiPolice रविवार तक बाट देखेंगे कार्यवाही की नहीं तो हम देखेंगे कौन मूर्ति उठवा देगा म्हारी और कौन देवी देवताओ पर टिप्पणी कर देगा
शिक्षा संबंधित बात हो रही थी जब तक ठीक था ये थ्रेट दे देंगे क्या दिल्ली में खड़े हो कर हमें ?
यह वही प्रोफेसर नंदिता नारायण है जो आजकल कॉकरोच आंदोलन में रोज हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगल रही है
इसका असली नाम नंदिता नारायण अंसारी है इसके पति का नाम रशीद अंसारी है इसकी बेटी का नाम निदा अंसारी है
इसका परिवार कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा के तथा सिम्मी आतंकवादियों को सपोर्ट करने वाले भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का रिश्तेदार है
62% of Indian resident doctors work more than 36 hours at a stretch. 86% report severe sleep deprivation. 97% earn less than an entry level civil servant. 76% are assaulted while on duty.
We can call ourselves civilised only when we learn to treat our doctors like they treat us.
जितने वीडियो देख रहा हूँ लोगों के, जो पेट्रोल पम्प से सीधे बोतलों में पेट्रोल भरवा रहे हैं, उनमें से अधिकांश तो ऐसा दिखता है कि सरकार ने संभवतः E85 को E20 के नाम पर डालना आरम्भ कर दिया है।
फ्यूल और एथनॉल का सेपरेशन दिख रहा है। एक जगह देखा उसका रंग गुलाबी है ना कि डार्क ऑरेंज। कहीं तो लीची के जूस जैसा रंग भी दिखा।
यह अविश्वास इसलिए भी है क्योंकि @nitin_gadkari, @HardeepSPuri और @PMOIndia ने बिना किसी जागरूकता अभियान के, या उपभोक्ता सहमति के, पेट्रोल कह कर E20 हमारी टंकियों में डलवाना चालू कर दिया था, दो साल बाद पता चला कि ये तो पेट्रोल है नहीं और हमारी गाड़ी भी उसके लिए उचित रूप से तैयार नहीं है।
अब @narendramodi बताएँ कि ये क्या बिक रहा है पम्प पर? क्या पेट्रोल पम्प वाले अपनी तरफ़ से भी कुछ घपला कर रहे हैं? स्थानीय पुलिस फिर क्या कर रही है? आप हर बात को चुप्पी या फिर सोरोस का एजेंट कह कर टाल नहीं सकते।
गोलमाल है भाई सब गोलमाल है!
एक जागरूक नागरिक ने एथेनॉल पेट्रोल से गाड़ियों को होने वाले नुकसान पर सरकार से RTI के जरिए सवाल पूछे,
जवाब के नाम पर ऐसा 'सरकारी रायता' फैलाया गया कि आम जनता अपना सिर पकड़ ले!
पेट्रोलियम मंत्रालय ने जवाब देने के बजाय सवालों को ऐसे फुटबॉल बनाया:
RTI में पूछे गये सवाल:
1. पेट्रोल में कितना एथेनॉल मिलाया जा रहा है?
2. पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल की मात्रा क्यों नहीं लिखी जाती?
3. पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल का क्या असर पड़ेगा?
4. अगर वाहन खराब हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा?
5. E0 या E10 पेट्रोल का विकल्प क्यों नहीं है?
6. एथेनॉल बढ़ने के बावजूद पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
7. माइलेज कम होने पर मुआवजा मिलेगा?
8. पुराने वाहन मालिकों की सुरक्षा कैसे होगी?
RTI का जवाब -
1. एथेनॉल वाले पेट्रोल से वाहन खराब हो जाए तो जिम्मेदार कौन?
➡ मंत्रालय ने सीधा जवाब नहीं दिया। बस एक प्रेस रिलीज़ का लिंक भेज दिया। अगर वाहन को नुकसान हो जाए तो उपभोक्ता मुआवजा कैसे पाएगा, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
2. पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल का क्या असर होगा?
➡ मंत्रालय ने Ethanol Blending Roadmap का लिंक भेज दिया। लेकिन उसमें सिर्फ सरकारी लक्ष्य बताए गए हैं, पुराने वाहनों के मालिकों के लिए कोई स्पष्ट सलाह या समाधान नहीं है।
3. पेट्रोल पंप पर एथेनॉल की मात्रा क्यों नहीं लिखी जाती?
➡ मंत्रालय ने कहा कि यह सवाल IOCL, BPCL और HPCL से पूछिए। यानी उन्होंने खुद कोई जवाब नहीं दिया कि पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल प्रतिशत दिखाना अनिवार्य क्यों नहीं है।
4. पुराने वाहनों से वसूले गए रोड टैक्स और अन्य TAX का क्या?
➡ यह सवाल सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) को भेज दिया गया। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला।
5. E0/E10 का विकल्प क्यों नहीं? कीमत कम क्यों नहीं? माइलेज कम होने पर मुआवजा क्यों नहीं?
➡ इन सभी सवालों को यह कहकर खारिज कर दिया गया कि RTI के तहत सरकार को राय या अनुमान देने की जरूरत नहीं है।
कंपनियों और एथेनॉल लॉबी के 'पुत्र-मोह' में आम जनता की जेब और गाड़ी दोनों की सरेआम वाट लगाई जा रही है।
......
Government replied -
(For information regarding Government Accountability for Vehicle Damage -The requisite information is available in the Press release dated 12/08/2025. The link of the press release is as under https://t.co/gNNl2aCrnI
- For information regarding Impact on Older Vehicles - The applicant may refer to the Roadmap for Ethanol blending in India 2020-25 the link of which is given below https://t.co/kOLmbLaVTo )
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नृपेंद्र मिश्रा ने कह दिया है कि राम मंदिर चंदा डकैती के विषय में मुख्य दायित्व SBI के लोगों का था। यानी, किसी छोटे कर्मचारी आदि को बलि का बकरा बनाया जाएगा।
किसने गिनने वालों को (या चुराने वालों को) सुरक्षा की क्लीयरेंस दी, आखिर नोटों की गड्डियाँ मंदिर के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र के बाद भी ले जाने में इतनी ढील किसके कहने पर बरती गई?
आभूषणों का ऑडिट दैनिक/साप्ताहिक/मासिक कभी हुआ है? क्या उसकी गिनती, भार आदि का कोई वीडियो है? असली चुरा कर कोई नकली रख दे, क्या उसके लिए कोई व्यवस्था है?
मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी, उनके परिजनों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी भी जाँच के दायरे में होनी चाहिए। पर ऐसा कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसमें उच्च पदस्थ लोग भी अपराधी दिखेंगे।
हिन्दुओं की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ @narendramodi और @myogiadityanath के शासनकाल में होगा, यह मेरे स्वप्न में भी नहीं था। भाजपा और उनके ‘भारत मंडपम्’ समर्थकों का चुप्पी बहुत कुछ कहती है।
पहले लोगों को लाखों रुपये खर्च करके गाड़ियाँ खरीदने दो, फिर केंद्रीय मंत्री द्वारा अपने बेटों का कैरियर बनाने और उन्हें विश्व बाजार में स्थापित करने के लिए ईंधन के नियम बदल दो और बेटों का बैंक खाता वजन से बहुत भारी कर दो..
मंत्री के बच्चों का भविष्य संवारने हेतु लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दो कि उनकी गाड़ी भविष्य में चलेगी भी या नहीं।
E20 आया, E85 आ गया, कल शायद कुछ और आ जाए...
मिडिल क्लास EMI भरे, मेंटेनेंस भरे, महंगा ईंधन भरे और मंत्री का घर भरे और ऊपर से यह चिंता भी करे कि उसकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई गाड़ी की कीमत कब आधी हो जाए।
इसलिए मेरा सुझाव: एक साल तक नई गाड़ी या बाइक खरीदने से पहले पूरी नीति साफ होने का इंतजार करें।
जनता कोई प्रयोगशाला का चूहा नहीं है। नीतियाँ ऐसी हों जिनसे जनता का भरोसा बढ़े, भ्रम नहीं।
अपनी राय बताइए— क्या आपको लगता है कि ईंधन नीति में और स्पष्टता आनी चाहिए?
#E20 #E85 #FuelPolicy #AutoSector #MiddleClass @INCHaryana@INCIndia@IYC@nsui@kkc_india@INCSCDept@INCMinority@MahilaCongress@RGPRSinc@INCOBCDept@TeamDeepender@ObcCongressHr@kkcharyana@BJP4Haryana@bspforharyana@raonarenderinc@LambaAlka@Kumari_Selja@RahulGandhi
गडकरी जी कह रहे हैं
"कल रात 8 बजे, मैंने 100% इथेनॉल के उपयोग को कानूनी रूप से अधिकृत करने वाले नियमों को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिया है।“
हस्ताक्षर मंत्री जी कर रहे है, मुस्कुरा इनके पुत्र रहे हैं और हालत जनता की ख़राब हो रही है!
#FakenewsAlert:- नहाने वाले घाट पर मछली पकड़ने आए दो व्यक्तियों का कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया गया, इस दौरान उनके साथ मारपीट की घटना की गयी।
इसमें पुजारी कोई नहीं।
लेकिन ये नफ़रती व्यक्ति झूठ फैला रहा है कि नहाने नहीं देने को लेकर पुजारी ने मारपीट की। सोचिए ये सब कितने बेशर्म हैं।
इन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
कच्चे तेल का दाम एक हफ्ते के अंदर $96प्रति बैरल से गिरके $80 प्रति बैरल तक आ गया है लेकिन,
असली सवाल है कि मोदी जी देश के आम जनता तक इसका फायदा पहुँचाएंगे या मुनाफा तेल कंपनियां और सरकार ही कमाएंगी।
मुझे तो नहीं लगता भारत मे तेल कि कीमत कम होगा बाकि,
मोदी जी खुद बहुत गरीबी से निकले है इसलिए आम आदमी कि पीड़ा उनसे ज्यादे कौन जानेगा |
इंसान गाढ़ी कमाई से लाखों की गाड़ी ख़रीदे।
और फिर जूस वाले मंत्री की कृपा से गाड़ी में गन्ने का जूस भरे-भुगते।
कहना नहीं चाहिए- एथेनॉल के नाम पर सरकार ने लोगों की मार के रखी है।
कहा था- एथेनॉल आने से पेट्रोल सस्ता होगा, लेकिन यहां तो गाड़ी ही ख़राब हो रही है।
पूछना ये है कि नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री है या फिर पेट्रोलियम मंत्री है।
पता नहीं इन्हें क्यों Petrol में Ethanol मिलाना है , पेट्रोलियम मंत्री को भी कुछ करने दो।
Ethanol सस्ता है लेकिन माइलेज भी तो कम दे रहा है और इंजन को नुकसान पहुंचाएंगा।
फिर बिना जनता की सलाह और मसबरे के Pertol में एथेनॉल मिलाना है।
मेरी गाड़ी है , मैं Ethanol से चलाऊ या Petrol से तुम क्यों तय करोगे ?
E20 के साइड अफेक्ट्स आने लगे है ।
E30 आने के बाद तो मार्केट में हाहाकार मचने वाला है ।
चलते चलते एक मित्र की 4 महीने पहले की बुलेट रुक गई ।
गर्मी में कार से चल रहे थे और एथनॉल के साथ टैंक में पानी कैसे बना पता ही नहीं था ।
भाई आप 180 का ही पेट्रोल दीजिए लेकिन सभी पेट्रोल पंप पर प्योर पेट्रोल का ऑप्शन तो रहने दीजिए ?
@nitin_gadkari सब आपके जितने पैसे वाले नहीं मालिक ? लोगो की नईकार को क्यों बर्बाद करना चाहते है ?
इस लाल गाड़ी के मालिक नितिन गडकरी जी से एक सवाल पूछ रहे हैं।
यह कह रहे हैं कि मैंने यह गाड़ी साल 2019 में खरीदी थी,
इस गाड़ी में साफ लिखा हुआ इंस्ट्रक्शन है कि इसमें E5 और E10 ही पेट्रोल चलेगा।
लेकिन अप्रैल से सरकार द्वारा E20 पेट्रोल लागू कर दिया गया।
तो इस गाड़ी के मालिक का कहना है कि इसमें पेट्रोल कहां से डालूं और नुकसान का भरपाई कौन करेगा।
हेलो जनता के नौकर,
क्या उस फैमिली की जगह कोई नेता होता तो आधार कार्ड मांगते?
क्या कोई विधायक होता तो उसको थप्पड़ मारते तुम?
पुलिस को उकसाया नहीं उसने, तुमने जब थप्पड़ मारा तब उसने वीडियो रिकॉर्ड किया।
सुधर जाओ..
इथेनॉल मामले पर मेरा एक सीधा सा सवाल हमेशा रहता है।
एथेनाल से वाहन मालिक को क्या फायदा?
क्या इथेनॉल मिला पेट्रोल सस्ता मिलता है?
या इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाली गाड़ी का माइलेज बढ़ता है?
जब दोनों में से कोई चीज होती ही नहीं तो इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन मालिक को क्या फायदा हुआ?
और किसानों को फायदे वाली बात अलग रखो।
उन्हें अलग से पैसे दे दो। पर कम से कम उन करोड़ों दो पहिया/ चौपहिया वाहन मालिकों का आर्थिक शोषण बंद करो जो मेहनत से कमा के गाड़ी लाया और चलाया करता है।
बेंगलुरु में राज्यपाल के काफिले के लिए 30 मिनट तक ट्रैफिक रोका गया।
इस दौरान अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जा रहा एक व्यक्ति जाम में फंस गया और विरोध में बैठ गया।
ये VVIP संस्कृति अब खत्म होनी चाहिए, उस व्यक्ति को पूरा समर्थन।