प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश , PSPSA .
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शिक्षकों के हितार्थ जुझारू संगठन।।
श्री विनय सिंह - प्रदेश अध्यक्ष।
जगह का नाम है, वीडियो है, स्पष्ट रूप से ईशनिंदा कानून से ले कर सामाजिक वैमनस्य की धाराओं में आता है, पर @DelhiPolice से यह कंटेंट तक हटवाया न जा सकेगा। क्यों? क्योंकि गले में नीला गमछा है, पीछे नमो बुद्धाय है, और भारत बुद्ध का देश है।
यूं ही नहीं हमारे चारों पीठों के पूज्य शंकराचार्य महाराज को सनातन का स्तंभ कहा जाता। वो हैं वास्तव में देश और धर्म के रक्षक।
राजनीतिज्ञों को अपनी कुंठा केवल राजनीति में ही दिखाना चाहिए, धर्म में नहीं।
#गौमाता_राष्ट्रमाता 🙏🏻
#गौ_संरक्षण_एक्ट_बनाओ ✊🏻
#SupportShankaracharyaji 🙏🏻
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने श्री सदाशिव परिसर, पुरी के निदेशक प्रो. प्रभात कुमार महापात्र को श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी के कुलपति पद पर नियुक्ति हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
प्रो. महापात्र का समृद्ध अनुभव तथा संस्कृत के प्रति उनका गहन समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। विश्वास व्यक्त किया गया कि उनके सक्षम एवं दूरदर्शी नेतृत्व में श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को और अधिक सशक्त बनाएगा।
उनके सफल एवं यशस्वी कार्यकाल के लिए महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से मंगलकामनाएँ।
@dpradhanbjp@shrivarakhedi@EduMinOfIndia@GovernorOdisha@IKS_Media@ragamuki@csupuri
#Sanskrit #Education #CentralSanskritUniversity #Puri #JagannathSanskritUniversity
कुछ लोग कहेंगे कि भविष्यवाणी तो बहुत सारे लोग करते हैं, लेकिन वे सही नहीं होती हैं। यह भविष्यवाणी तो नहीं है, लोगों के हित के लिये व्यक्त किये गये कुछ उदगार हैं जुलाई 2021के। इनमें कितनी सटीकता है यह तो आप विचार करें, लेकिन होना ऐसा ही है। भारत प्रयत्न से विश्वयुद्ध रुक सकता है।
"जातिवाद मत करो" का उपदेश देने वाले, BJP UP के प्रेसिडेंट पंकज चौधरी, के निर्वाचन क्षेत्र महराजगंज के ठेकों का लेखा-जोखा👇
2019-2024 तक: 53/122 ठेके रमेशचन्द्र पटेल को मिले
2024-2029 तक: 44/47 ठेके फिर से रमेशचन्द्र पटेल को मिले
लेकिन खबरदार, जो किसी ने इसको जातिवाद बोला तो 😂
निद्रा को सात्त्विक आगम - आहार - सङ्ग - स्थान - काल - कर्म - सप्तधातुशोधन - चिन्तन - मन्त्र और संस्कारसमुद्भूत सत्त्वगुण की समृद्धि के द्वारा जीतना चाहिये।
- पुरी शंकराचार्य जी द्वारा विरचित ग्रन्थ "नीतीसावित्री" से।
1528 से 1856 तक किसी भी इतिहासकार ने वहाँ नमाज़ होने का कोई प्रमाण नहीं दिया है। अंग्रेज़ी शासन के दौरान, वर्ष 1856 में अंग्रेज़ों की उपस्थिति में वहाँ रेलिंग लगवाई गई।