महोदय
फोटो में दिख रहा निशांत सिंह है, यह ऐक बड़ा पेशेवर अपराधी है। और पहले से हि ३०२ केस में सजायफ्ता है, इस समय पेरोल पर बाहर आया हुआ है, अपनी जान पहचान ऊपर तक बताकर आए दिन अपने बाबा जी यानि भीमसेन जी जो कि ऐक वरिष्ठ नागरिक है, 1/2
पीछले कुछ दिनों से लोधा रिजेंसी, संदप, मान पाड़ा में लगातार लाईट आ रहा है जा रहा है । इसके वजह से इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो सकता है। और आज तो पुरे दिन लाईट नही था। कृपया प्रशासन ध्यान दें इस विषय पर।
@RaviDadaChavan@MSEDCL@cmdmsedcl
यूं ही नहीं साउथ के लोग अपने स्टार्स को इतनी इज़्ज़त देते हैं,
हाल ही में अल्लू अर्जुन की फ़िल्म Pushpa 2 देखने के दौरान थिएटर में भगदड़ मच गई जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी,
अब अल्लू अर्जुन ने स्वयं ही इसपर रिएक्ट किया है और 25 लाख रुपए का परिवार को मुआवजा देने का ऐलान किया है,
साथ ही कहा है कि वह मृत महिला के परिवार से मिलेंगे और इलाज का सारा खर्च उठाएंगे।
ज्ञानवापी परिसर मामले के याचिकाकर्ता हरिहर पांडेय का रविवार को सुबह बीएचयू में निधन हो गया ।।
इससे पहले भी दो याचिकाकर्ताओं की इसी तरह मौत हो चुकी है ।।
अब यह जांच का विषय है कि मौत अपने आप हुई हैं या मुगलों द्वारा करवाई गईं हैं ।।
वॉलमार्ट को सबक सिखाओ सनातनियों 🤚
वॉलमार्ट हिंदू की धार्मिक आस्थाओ का अपमान कर रहा
भगवान गणेश जी के फोटो चप्पल ओर अंतःवस्त्रो पर छाप कर घटिया मार्केटिंग तिकड़म लगा रहा है
इस @Walmart@WalmartInc का इलाज़ बाँध दो हिंदुओं
जब तक ये इनको हटा के माफ़ी ना माँगे तब तक रुकना मत
पिता को जब पता चला कि दोनों बेटे अयोध्या जा रहे हैं तो उन्होंने रोका, "कुछ ही दिन बाद बहन की शादी है, रुक जाओ! उसके बाद चले जाना।" पर उन्होंने शादी विवाह से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करने का निर्णय लिया था। वे नहीं रुके, निकल ही गए।
रामकुमार 22 वर्ष के थे, और शरद 18 के। बस यूं समझिये कि दुनिया को देखना शुरू ही किया था। कलकत्ते में अपना घर था और पिता का स्थापित व्यवसाय था। जीवन आनन्द से भरा था। पर उन्होंने व्यक्तिगत आनन्द का नहीं, राष्ट्र और धर्म के लिए संघर्ष का मार्ग चुना था।
वे निकले। कलकत्ता से ट्रेन पकड़ कर काशी पहुँचे। तब देश की हर सड़क अयोध्या जा रही थी, और हर सड़क को रोकने के लिए सत्ता के सैनिक हथियार ताने खड़े थे। दोनों ने काशी से एक टैक्सी ली और चल पड़े।
पर उनकी यात्रा सामान्य नहीं थी न दोस्त! जैसे पाँच भाई पांडव निकले थे स्वर्ग के लिए... यह राह इतनी आसान भी तो नहीं होती। फूलपुर में उनकी टैक्सी रोक ली गयी। पर उन्हें रुकना ही तो नहीं था। मिट्टी की दीवार खड़ी कर के हवाएं नहीं रोकी जा सकतीं, वे भी नहीं रुके। उन्होंने पदयात्रा शुरू की। फूलपुर से अयोध्या की 200 किलोमीटर की यात्रा...
अयोध्या पहुँचे। उनके जैसे लाखों युवक जुटे थे अयोध्या में... अपनी भुजाओं में धर्म का बल लेकर, हृदय में साहस और अपनी मुट्ठी में प्राण लेकर... सभी अपना जीवन रामजी को समर्पित कर चुके थे।
सामने एक विद्रूप ढांचा था। इस परम पुनीत धर्मभूमि पर मुगलिया आतंक का कुरूप प्रतीक... माटी के स्वाभिमान पर लगा धब्बा... वे मातृभूमि के मुख पर लगी हर कालिख को पोंछने ही तो आये थे। दोनों आगे बढ़े और चढ़ कर भगवा लहरा दिया। मुस्कुराए, जैसे कभी धर्मक्षेत्र में कुरुसेना के मध्य खड़े होकर मुस्कुराया था वीर अभिमन्यु...
अयोध्या की गली गली में हथियारबंद जवान खड़े थे। सरकार किसी पक्षी के पंख फड़फड़ाने पर भी पाबंदी लगा चुकी थी। पर सरकारी प्रयासों से समय की योजना विफल नहीं होती मित्र! दो दिन के बाद भीड़ बढ़ने लगी अयोध्या में....
दो नवम्बर का दिन था। हवाएं थोड़ी सी ठंडक लिए बह रही थीं। उसी समय एक छोटा सा जत्था हनुमान गढ़ी की ओर बढ़ रहा था। अचानक पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी। लोग भाग कर छिपे इधर उधर के मकानों में... लेकिन पुलिस केवल उन्हें भगाने तो नहीं आई थी न! लोगों को घरों से ढूंढ कर निकाला जाने लगा। इसी समय रामकुमार को पुलिस ने एक घर से खींच कर निकाला और सड़क पर गोली मार दी... बड़े भाई को तड़पते देख कर अनुज भी छिपा न रह सका। वे समझ गए थे कि आज बलिदान का ही दिन है। वे यह भी जानते थे कि उनका बलिदान ही बदलाव का प्रारम्भ बिन्दु होने वाला था। शरद भी निकल आये घर से... और फिर पुलिस की गोली उनकी देह भी भेद गयी। उस यात्रा के साक्षी बताते हैं, एक और पुलिस की बंदूकें गरज रही थीं और दूसरी ओर हजारों मुक्त कण्ठ जय जय श्रीराम का उद्घोष कर रहे थे। उस शौर्यपूर्ण वातावरण में रक्त से भीगी वह अयोध्या की सड़क उसदिन सीधी स्वर्ग को जा रही थी।
यह जो थोड़ा बदला हुआ देश देख रहे हैं न आप! उसकी शुरुआत उसी दिन हुई थी। तात्कालिक सरकार का गिरना, नई सरकार, विध्वंस और फिर निवनिर्माण... सबकी शुरुआत उन्ही अभिमन्युओं के बलिदान से हुई थी।
सर्वेश तिवारी श्रीमुख
गोपालगंज, बिहार।
#6thDecember
500 साल पहले जो बाबर ने किया,
बांग्लादेश और संभल में आज वही हो रहा'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश स्थित संभल में हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया दी है।
सीएम ने कहा कि 500 साल पहले जो बाबर ने किया था, वही आज बांग्लादेश और संभल में हो रहा है।
घटनाओं की प्रकृति और डीएनए एक ही है, उन्होंने कहा कि संभल और बांग्लादेश की घटनाएं एक जैसी हैं और दोनों घटनाओं में शामिल लोगों का डीएनए एक ही है।
गणेश जी का अपमान नहीं सहेगा हिन्दू समाज 😡
हैलो @_kalyan_k यह सब क्या है?
फ्लिपकार्ट पर हिंदू देवताओं की छवियों वाले अंडरगारमेंट बेचोगे तुम लोग यह हमारी आस्था का अपमान है। कृपया उन्हें तुरंत हटा दें, अन्यथा हम @Walmart और @Flipkart का पूरे देश में बहिष्कार करेंगे 😡
पानी कि समस्या लोधा रिजेंसी, संदप, डोंबिवली ईस्ट में गंभीर होते जआ रही है। अगर यही स्थिति बनी रही तो कुछ दिन बाद यहाँ से पलायन पर मजबूर होना पड़ेगा।
@DrSEShinde@mieknathshinde@CMOMaharashtra@rsprasad
@nare