श्रीभगवानुवाच
अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः
दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम्
#श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय १६.१
ईश्वर पर विश्वास, मन की शुद्धता, ज्ञान में स्थिरता, दान, इंद्रिय-संयम, कर्तव्यभाव, स्वाध्याय, तप और सरलता ये दैवी गुण हैं जो मनुष्य को श्रेष्ठ बनाते हैं
काशी में चमत्कारिक घटना!!
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के द्वारा की जा रही गौ माता संरक्षण यात्रा के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने मधुमक्खियों के छत्ते पर मारा ईंट 40 से अधिक लोगों को मक्खियों ने परेशान किया पर कोई भी मधुमक्खी शंकराचार्य जी के आसपास नहीं गई, ये वीडियो चर्चा में है @jyotirmathah
भारत में धर्मांतरण कराने वाले जेवियर्स के खिलाफ टिप्पणी तो एक बहाना है , असल समस्या प्रत्येक ऐसे विषय पर @GautamKhattar भाई का मुखर होना है, जिनसे भाजपा असहज महसूस करती है !
हिंदुओं और विशेषकर सवर्ण हिंदुओं के पक्ष में बोलना ही गौतम खटटर का असल अपराध है !
#RealeseGautamKhattar
#badrinath धाम मे कपाट खुले , पूज्यपाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में शुरु हुई द्वार पूजा , साथ ही पंचांग पूजन सम्पन्न हुआ ।
#viral#himalaya
गुजरात में कानूनन गौ हत्या बंद है, अब गाय को राज्य माता का दर्जा घोषित कर देना चाहिए:- शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी महाराज
एक CM के सामने ये बातें खुलकर शंकराचार्य ही कह सकते हैं। मंच पर गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल जी बैठे हुए हैं!
मधु दीदी ऊर्फ @madhukishwar के विरुद्ध आज वही संघी-भाजमुल्ली जमात उतरी हुई है, जो कुछ दिन पहले भाजपा सरकार की उप्र पुलिस द्वारा एक हिस्ट्रीशीटर को खड़ा कर शंकराचार्यजी पर घिनौना और फर्जी पॉस्को एक्ट लगवाने पर खुशी मना रही थी!
आज चित्रा त्रिपाठी जैसी 'दरबारी पत्रकार' प्रधानमंत्री पद की दुहाई दे रही है, सवाल है कि तब क्या शंकराचार्य जैसे पद के प्रति भी उसने यही संवेदना दर्शाई थी?
धर्मो रक्षति रक्षित:! हमारे धर्म गुरु पर संघी-भाजपाईयों ने आघात किया था, धर्म का प्रभाव है कि कुछ दिनों में ही वह आघात तुम्हें रिटर्न गिफ्ट के रूप में मिल गया! गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है:-
"कर्म प्रधान विश्व करि राखा, जो जस करइ सो तस फलु चाखा!"
#SandeepDeo
राज सत्ता के सामने जो नंगे खड़े हो गए, वो लोभी कौन कौन हैं देखिए।
मंडल, महा मंडल पदवियों को कौन कौन अखाड़ों में बेचते हैं?
अश्विनी व्यभिचारी के मित्र कौन कौन हैं?
हिजड़ों को राजा सन्यासी तथा बॉलीवुड भांडों को गुरु कौन बना रहा है?
ऐसे घिनौने धूर्त चरित्रों को सार्वजनिक करना, समस्त हिंदू प्रेमियों का धर्म है।
सनातन धर्म के शत्रु इसके सुदृढ़ स्तंभों को नष्ट करना चाहते हैं। हिंदुओं के सर्वोच्च गुरु चार शंकराचार्य होते हैं। हिंदू-विरोधी शक्तियाँ नकली शंकराचार्य बनाकर वास्तविक शंकराचार्यों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करना चाहती हैं। उनका उद्देश्य सच्चे शंकराचार्यों को दबाकर अपने लोगों को शंकराचार्य के रूप में स्थापित करना है।
ऐसा ही एक प्रयास ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को बदनाम करने के रूप में किया जा रहा है।
लेकिन सत्य अंततः सत्य ही रहता है। इस वीडियो में स्वयं श्रृंगेरी शंकराचार्य के उत्तराधिकारी सत्य को स्पष्ट रूप से बता रहे हैं। इसके साथ ही ऐसी तस्वीरें भी हैं जिनमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेक के दृश्य दिखाई देते हैं।
वीडियो में श्रृंगेरी के शंकराचार्य परमपूज्य स्वामी भारतीतीर्थ जी के उत्तराधिकारी स्वामी विधुशेखर भारती जी स्वयं बता रहे हैं कि किस प्रकार दो पीठों के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी ने अपनी वसीयत और इच्छा शंकराचार्य स्वामी भारतीतीर्थ जी को बताई थी। उनकी उसी वसीयत और इच्छा के अनुसार, उनके ब्रह्मलीन होने के बाद, श्रृंगेरी के शंकराचार्य स्वामी भारतीतीर्थ जी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और स्वामी सदानंद जी का अलग-अलग पीठों पर पट्टाभिषेक कराया था।
इसका अर्थ यह है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी पूर्णतः (100%) वास्तविक शंकराचार्य हैं।
किसी भी राजनीतिक दल के चाटुकारों वाले व्हाट्सऐप समूहों में पढ़कर कोई भी हिंदू उन्हें नकली शंकराचार्य कहने या समझने का पाप न करे।