प्रकरण के संबंध में अवगत कराना है कि बारात अपरंपरागत मार्ग से गुजर रही थी, जिसका कुछ लोगों द्वारा विरोध किया गया।
दोनों पक्षों द्वारा अशांति व भय के कारण थाना निबोहरा पुलिस को सूचना दी गई। सूचना प्राप्त होते ही थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी।
इसके उपरांत दोनों पक्षों द्वारा शांतिपूर्ण व आपसी भाईचारे की भावना से बारात सकुशल निकाली गई।
बंदूक की नोक पर बारात रोकी गई अथवा विवाद से संबंधित सूचना भ्रामक, असत्य एवं निराधार हैं।
कृपया इस प्रकार की जातिगत विद्वेष फैलाने वाली व समाज विरोधी भ्रामक एवं निराधार खबरें ना फैलाएं।
इस प्रकार की भ्रामक एवं असत्य खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बाइट- श्री राजीव रंजन श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त, शमशाबाद।
सोनम वांगचुक, जिसने कभी अपने लिए नहीं माँगा, कुछ कि पद चाहिए, सत्ता चाहिए।
अपनी ज़िंदगी देश, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लड़ते रहे है और 15-16 दिनों से अनशन पर बैठे हैं!
अपने लिए नहीं, देश के लिए। देश के बच्चों के भविष्य के लिए! उसके बाद भी देश के नेताओं की सोई हुई संवेदनाएँ नहीं जाग पा रही।
सत्ता की ख़ामोशी बरकरार है।
भूख हड़ताल और अनशन भी अगर व्यवस्था को सुनाई नहीं दे रहा, तो एक आम नागरिक की आवाज़ की कीमत क्या ही होगी?
अब दर्द सिर्फ़ यह नहीं कि एक व्यक्ति अनशन पर है, बड़ा दर्द यह है कि देश धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुँच रहा है जहाँ जनता की पीड़ा का महत्व खत्म है और उस पर सत्ता हावी है।
सोचिए, आज अगर एक ऐसे व्यक्ति की आवाज़ अनसुनी की जा सकती है, जिसने अपना जीवन देश के लिए लगा दिया, तो कल बेरोज़गार युवा, न्याय की गुहार लगाता परिवार, किसान, छात्र या कोई भी आम नागरिक किस उम्मीद से अपनी तकलीफ़ के लिए लड़ पाएगा और कौन उसकी सुनेगा?
लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ चुनाव है क्या? अगर सत्ता अपने शांत नागरिक की आवाज़ नहीं सुन रही, तो ये लोकतंत्र पर सवाल नहीं है?
और अगर वह आवाज़ भी अनसुनी होने लगे! तो यह चिंता सिर्फ़ पूरे देश को होनी चाहिए।
Be stand with Sonam Wangchuk
बंटी यादव लगातार अवैध सेक्स रैकेट का विरोध कर रहे थे। कुछ बदमाशों ने इनका अपहरण किया, हाथ से टैटू मिटाया, फिर बेरहमी से मार डाला
दिल दहला देने वाली ये भयावह घटना पटना की है। आरोपियों में ना कानून का डर है जा पुलिस का भय। बंटी यादव के न्याय के लिए सभी को आवाज उठानी चाहिए
आरोपी कोई भी हो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
There is no point in dying for this dead country.
Even if Bhagat Singh were alive today, bhakts would’ve called him anti-national too.
Bhagat Singh also wouldn’t have died for this already dead nation if he were alive in the BJP era.
बिहार की राजधानी पटना में सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी यादव की अपराधियों ने ह-त्या कर दी।
बिहार के सर्व समाज से निवेदन है
कि बंटी यादव को न्याय दिलाने के लिए आगे आए।
1 kid is SC
1 Kid is ST
1 Kid is OBC
1 Kid is General
All living in horrible conditions, yet benefits are given only to some castes.
The day people demand better facilities instead of caste benefits, India has some hope.
क्या भजन लाल शर्मा, शुभेंदु अधिकारी, हेमंता बिस्वा शर्मा या फिर देवेंद्र फडणवीस अपने ब्राह्मण समाज के लिए ऐसी टिप्पणी करने की हिम्मत रख सकते है ?
या भाजपा में ये छूट सिर्फ 'सम्राट चौधरी' जैसे नेताओं को है ?
Grandfather
> Used Reservation
> Got a job in government bank
> Bought land
Father
> Used Reservation
> Got a job as govt teacher
> Built a house
Grandchild
> Used Reservation
> Became IAS officer
> Bought a bungalow
The Great Indian Social Justice!