बधाई....पहली बार किसी सीएम ने कहा फ़्री वैक्सीन का अर्थ टैक्स पेयर का ही पैसा है यानी जनता की ही पैसा...
पीएम को अभी भी लगता है जैसे फ़्री वैक्सीन का पैसा उन्हें अपनी जेब से देना है ।
@SudarshanNewsTV बाप का राज है ही जाओ परोल दिलवा दो..
दोगले लोग देश मे बहुत कुछ चल रहा है..उस पर भी ध्यान दे दो।
तुम्हारी राजनीति, चाटुकारिता करने के लिये हिन्दू नहीं बचेंगें।
तुम्हारे आका लोग उन्हें मौत के मुह में झोंक रहे हैं।
चला ले कोई एक भी एपिसोड इन पर,कोरोना,बेड ऑक्सीजन हॉस्पिटलो पर।
इस बात का कोई लॉजिक है भाई ?
आपका पढ़ाई लिखाई सब चौपट है..गाय एक जानवर है,घुटा से जब पगहा खुल जाता है न..तह मालिक की फट जाती है उसको ढूंढते ढूढ़ते।
बुझे ?
आप गाय नहीं गदहे हैं। उसको समझता नहीं हैं तो खुटा में बंधे हैं या नहीं।
तुम लोगों का भी आचरण याद रखा जाएगा गोबर पात्रा.. लाशों पर राजनीति कर रहे हो।जो सवाल उठा रहा है उसे आचरण सिखाते हो।तुम अपनी नैतिकता कहाँ खो दीये हो ? थू है तुम जैसे आदमी पर
कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के समय राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं का आचरण दोहरेपन और तुच्छता के लिए याद किया जाएगा।
- श्री @JPNadda द्वारा श्रीमती सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र के मुख्य अंश
यह सही है कि 80% प्रतिशत से अधिक लोग ठीक हो जा रहे हैं और सिर्फ़ 5% लोगों को विशेष इलाज़ की ज़रूरत पड़ रही है।
शर्मनाक यह है कि सरकारें इन 5 प्रतिशत लोगों को भी विशेष इलाज़ नहीं दिला पा रहीं।
माफ करना दोस्त तुम गलत लोग के भक्ति में लीन थे,जिनके लिये तुम जैसे लोग बस एक मोहरा हो और कुछ नही।
शायद भक्तों को इससे सिख लेनी चाहिए।मोदी जिसको फॉलो करते थे वह अपना जान के लिये गुहार लगता रहा।और चल बसा।भगवान आपको शांति दें।
#ModiResign#ModiGovtSeNaHoPayega
@BBCHindi फिर फिर तो अस्पताल वाले झूठ बोल रहे हैं.. की उनके यहाँ ऑक्सिजन की कमी है।
मतलब इतना ऑक्सिजन है ही तो लोग मर क्यों रहे है।
Sir आप ही बता दीजिए कोई एक जगह जहाँ से लोग ऑक्सिजन ले सके..confusion भी नहीं रहेगी।
हमारा क़सूर ये है कि हमने दुश्मन को कमज़ोर समझ लिया. घायल को मरा हुआ समझ लिया. बहुत जल्दी जीत का उत्सव मना लिया. वायरस दुगुनी ताक़त से आया और तबाही मचा दी. इस बार गलती नहीं होनी चाहिये.
@DChaurasia2312 उस खास समुदाय का आप लोग मुखिया हो। लाखों लोगों को मौत का कारण।अब भी शर्म आये तो सवाल सही जगह करना सीख लो। सिस्टम नहीं सिस्टम जिसके हाथ में है उसका नाम लो।
The Wire का report माने तो कुंभ अपने तय समय से 1 साल पहले आयोजित किया गया है। 12 सालों में आने वाला यह आयोजन इस बार 11 साल में ही क्यों आयोजित किया गया ।2022 में होने वाला कुंभ 2021 में क्यों हो रहा है ?
अब आप इसको कौन सा जिहाद का नाम देंगें ?मानता हूं आस्था की विषय है,आस्था का विषय तो जमात भी थी, पिछला साल तब्लीगी जमात वालों को कोरोना जिहादी नाम दिया गया।और हमारे so called न्यूज़ एंकर चिल्ला चिल्ला कर tv की तारे चिटका दीं थी।अब कहाँ है वो लोग ?
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