मध्य प्रदेश में संभागीय स्तर पर ब्लॉक अध्यक्षों, मंडलम अध्यक्षों एवं नगर अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविरों का शुभारंभ हो चुका है।
अब हमारा साझा संकल्प संगठन को और अधिक मजबूत बनाते हुए एकजुटता के साथ कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाना और जनता की आवाज बनकर उनके हक की लड़ाई मजबूती से लड़ना है।
प्रदेश की कोयला खदानें कौड़ियों के भाव अडानी के हाथों में दी जा रही हैं, लेकिन प्रभावित आदिवासी परिवारों को न न्याय मिला, न पूरा मुआवज़ा।
मंत्री 40 से 50 लाख रुपये प्रति परिवार की बात करते हैं, जबकि प्रभावित परिवारों की संख्या 1200 से 1500 बताई जाती है, जबकि वास्तविक प्रभावित लगभग 3000 परिवार हैं।
इसी के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने धीरौली में अडानी के नाम पर चल रही पेड़ कटाई के ख़िलाफ़ विधानसभा में मजबूती से मुद्दा उठाया।
पूरी कांग्रेस पार्टी धीरौली के आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए संकल्पित है।
@UmangSinghar
शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है।
मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज़ उठाई है।
अमेरिका के साथ हुए Trade Deal में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा।
इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है।
कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मज़बूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है।
डरो मत - सच और संविधान हमारे साथ हैं।
#IStandWithYouthCongress
आज लोकतंत्र के मंदिर में जिस प्रकार भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी ने कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, वह अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
स्पष्ट प्रतीत होता है कि सरकार अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तारतार करने पर उतारू है। जब सरकार और उसके मंत्रियों की लापरवाही से लोगों की जान जाती है, तब स्वाभाविक है कि विपक्ष सवाल पूछेगा। लेकिन जवाब देने के बजाय सदन में अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना लोकतंत्र की गरिमा को आहत करता है।
सवाल पूछने पर पहले पत्रकारों और अब विपक्ष के नेताओं के लिए भाजपा मंत्री जिस प्रकार की भाषा का उपयोग कर रहे हैं, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या मध्य प्रदेश में अब सवाल पूछने पर सरकार की ओर से अपमान और गाली ही मिलेगी? यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री जी को तत्काल हस्तक्षेप कर अपने मंत्री से नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवानी चाहिए। यही लोकतांत्रिक जवाबदेही की न्यूनतम अपेक्षा है।
आज निज निवास (सुपेला) में जनमानस से मुलाक़ात कर क्षेत्रीय समस्याओं पर सार्थक संवाद हुआ।
जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई।
आज संगठन सृजन अभियान के तहत निज निवास पर सिहावल ब्लॉक कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कार्ययोजना, ग्राम पंचायत समितियों के गठन तथा आम जनमानस को कांग्रेस से जोड़ने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल, सेक्टर एवं ग्राम पंचायत स्तर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने, नए साथियों को पार्टी से जोड़ने तथा बूथ से लेकर ब्लॉक स्तर तक नया और मजबूत संगठन तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सभी उपस्थित साथियों ने संगठन विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। आदरणीय राहुल गांधी जी के संगठन सृजन अभियान के विचार को हम जमीनी स्तर तक सशक्त रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मजबूत संगठन ही जनआवाज को शक्ति देता है और इसी दिशा में हमारा सतत प्रयास जारी है।
@RahulGandhi@kharge@INCIndia
OBC के 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर मध्यप्रदेश सरकार की गंभीरता पर फिर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। जब OBC समाज के अधिकारों पर सुनवाई निर्धारित थी, तब Supreme Court of India में भाजपा सरकार की ओर से वकील का उपस्थित न होना साफ़ दर्शाता है कि भाजपा OBC आरक्षण के खिलाफ है।
कानूनी प्रावधान मौजूद हों और किसी न्यायिक रोक का अभाव हो, फिर भी अधिकार लागू न किए जाएं तो यह प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी दर्शाता है। प्रक्रियात्मक ढिलाई का खामियाजा लाखों युवाओं और परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
जब माननीय श्री कमल नाथ जी के मुख्यमंत्री रहते हुए कांग्रेस सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाया था, तो उसके क्रियान्वयन में वर्षों की देरी क्यों हुई? स्पष्ट है कि भाजपा सरकार OBC आरक्षण लागू ही नहीं करना चाहती है।
भारत कल 77वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा था और मध्य प्रदेश के मैहर में स्कूल के बच्चे कागज पर खाना खाने को मजबूर थे।
भाजपा सरकार के लिए इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है।
हजारों करोड़ का स्कूली शिक्षा बजट है, पोषण आहार की योजनाएं हैं, फिर भी बच्चों को थाली तक नसीब नहीं।
यह लापरवाही नहीं, यह संवेदनहीन शासन की सच्चाई है।
जिस प्रदेश में बच्चों का सम्मान सुरक्षित नहीं, वहां विकास के दावे सिर्फ खोखले नारे बनकर रह जाते हैं।
मध्य प्रदेश में मनरेगा आज कागज़ों में चल रही है, ज़मीन पर नहीं।
करोड़ों श्रमिक पंजीकृत हैं, लेकिन बड़ी संख्या में परिवारों को जॉब कार्ड तक नहीं मिला और 100 दिन का रोजगार सिर्फ नाम मात्र लोगों तक सीमित रह गया है।
यह साफ संकेत है कि भाजपा सरकार ने ग्रामीण रोजगार की रीढ़ तोड़ दी है और गरीब परिवारों के अधिकारों को कमजोर किया है।
कांग्रेस हर श्रमिक के सम्मान और हक की लड़ाई में गांव गांव खड़ी रहेगी।
शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल में उस वक्त राजनीतिकस माहौल गर्म हो गया, जब कांग्रेस नेता व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल ने डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर घेर लिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि बराछ अस्पताल में डॉक्टरों की जगह कुत्ते रहते हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को दर्शाता है। इस पर उप मुख्यमंत्री ने पलटकर सवाल किए तो वे जवाब नहीं दे सके और पुष्पेंद्र पटेल ने प्रश्न को CMHO की ओर टाल दिया। जवाब न मिलने पर डिप्टी सीएम ने उन्हें सलाह दी कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें भी पूरी जानकारी रखनी चाहिए।
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इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं - और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की - फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
सीवर पीने के पानी में कैसे मिला?
समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई?
जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
ये ‘फोकट’ सवाल नहीं - ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है।
मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है - कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के कप्तान जीतू पटवारी निकल पड़े है 21 किलोमीटर की गोवर्धन यात्रा परिक्रमा पे वो भी पैदल, नंगे पैर।
इतनी ठंड में भी मध्य प्रदेश की जनता की सूख समृद्धि के लिए कप्तान 21 किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे है।