मगर ऐसी परीक्षाओं के वक्त स्पेशल ट्रेनें नहीं चलती। 16 लाख परीक्षार्थी यानी एक छोटा सा शहर मूव करता है, 300 से 450 किमी। यातायात व्यवस्था को तो चरमराना ही है। क्या हमारी सरकार इस बारे में सोचती है। सरकार नहीं सोचेगी तो हम हमेशा ऐसी घटनाओं के टिप पर बैठे रहेंगे।
परीक्षा, पत्थरबाजी, पूरी कहानी और कुछ सवाल
13-14 जून की दरम्यानी रात को जो घटा, वह बहुत परेशान करने वाला है और एक बार फिर से वह याद अग्निवीर के वक्त के आंदोलन की याद दिलाता है। दरअसल पत्थरबाजी की यह पूरी घटना जिस ट्रेन के साथ हुई उसका नाम सीमांचल एक्सप्रेस है।
आप इसका स्केल समझ लीजिए। फिर देखिए कि सेंटर कैसे दिया गया है। रोहतास और औरंगाबाद के परीक्षार्थियों को अररिया जाना है। कम से कम 450 किमी का सफर। यह पूरा सिस्टम कितना अवैज्ञानिक है?
तीसरी बात। इस राज्य में श्रावणी मेला हो, कुंभ हो या और कोई मेला हमेशा स्पेशल ट्रेनें चलती हैं।
कल की शानदार पारी के बाद हर क्रिकेट फैन वैभव सूर्यवंशी की बात कर रहा है।वैभव ऐसा क्यों है और आगे वैभव क्या और कर सकता है, यह समझने की कुंजी अभी भी उसके बचपन के दो कोचों मनीष ओझा और ब्रजेश झा के पास है।
दोनों से बताकर यह स्टोरी लिखी है।
लिंक यह रहा
https://t.co/8dqlAI4n3O
जिस जल परिवहन के जरिए बिहार में हर साल करीब 35 लाख लोग यात्रा करते हैं उसकी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार बेपरवाह दिखती है. इंडिया टुडे हिंदी पर पूरी स्टोरी पढ़िए.
https://t.co/KpYhdsmclH
#Bihar#Bhagalpur#VikramshilaSetu
दो सवाल हैं
1. 2018 के फरवरी में जब विक्रमशिला सेतु की मरम्मत हुई थी, तब यह आदेश जारी हुआ था कि इस पुल से होकर 45 टन से अधिक लोड वाले वाहन नहीं गुजरेंगे। और ये भी कि वे ट्रक 20 मीटर की दूरी बनाकर चलेंगे। उसका क्या हुआ? क्यों इस ट्रक से फिर से 90-90 टन वजन वाले हाईवा गुजरने लगे?
2. जून, 2025 में बिहार सरकार ने कथित रूप से देश की पहली ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी बनाई थी। इस पॉलिसी की घोषणा के वक्त उस समय के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा था कि सभी बड़े पुलों का हेल्थ इंडेक्स बनेगा और IIT दिल्ली और IIT पटना इन पुलों की निगरानी करेगी। इसका क्या हुआ?
यह वीडियो भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के पास का है। पुल टूटने के बाद वहां के लोगों के लिए भागलपुर से नवगछिया और कोसी सीमांचल जाने का यही रास्ता बच गया है।
पिछले तीन दिनों वहां रहकर इंडिया टुडे वेब के लिए स्टोरी लिखी है।
स्टोरी का लिंक- https://t.co/CUrt6XJn7L
पटना के पड़ोस वाले टाउनशिप में फिर भी रहने वाले मिल जाएंगे, क्या सहरसा और मुंगेर वाले टाउनशिप में भी लोग बसने में दिलचस्पी लेंगे?
अब तक यही देखा गया है कि जहां कोई इंडस्ट्री हो, कारोबार हो या बड़े सरकारी दफ्तर हो, ग्रीनफील्ड टाउनशिप वहीं सफल होते हैं।
https://t.co/jBWvbEjHnn
उड़ता पंजाब की तरह मेरा प्रदेश 'उड़ता बिहार' है
नंदू (बदला हुआ नाम) 'बिहार के युवाओं' का वह चेहरा है जो गांजा, स्मैक, डोडा, चरस, कोडीनयुक्त कफ़ सिरप एवं ज़ोंबी ड्रग्स जैसे दूसरे सूखे नशे की गिरफ्त में हैं।
@pushymitr (India Today) की रिपोर्ट
#DrugsInBihar#JanSuraaj#Bihar
पिछले कुछ महीनों में कई लोगों ने कहा था कि इस समस्या को रिपोर्ट किया जाना चाहिए। माइक्रोफाइनेंस के साथ साथ यह भी एक बड़ा मुद्दा है जो बिहार के हर गांव, हर शहर को परेशान कर रहा है। अब यह स्टोरी इंडिया टुडे के नए अंक में आ गई है।
Illegal sand mining from the river bed of Mahatmayin ( Lokayin ) river under Shahjahanpur PS , Patna , Daniyawan continues unabated. Day 5 th . River will be emptied of all its sand .
@dm_patna@officecmbihar ,@PatnaPolice24x7@SSP_Patna
आप देखिए कि इसके नामों में किस तरह हिंदू, बौद्ध और लोकायत संप्रदाय के संकेत छिपे हैं। फिर भी हम इन नदियों को अपनी लालच का शिकार बनाने से नहीं चूकते।
यह पोस्ट इसी मकसद से लिखा है कि शायद इससे इस नदी को बचाया जा सके। अगर आपसे भी मुमकिन हो तो इस कोशिश में ग्रामीणों की मदद करें।
इस ट्वीट में जिस नदी में रेत खनन होता हुआ आप देख रहे हैं, उसका नाम महतमाइन है। इस नदी में कभी रेत खनन नहीं हुआ। पास के गांव के लोगों ने यह वीडियो भेज है, इस आरोप के साथ ही यह अवैध रेत खनन पुलिस प्रशासन के संरक्षण में हो रहा है।
Hope its not a loosing battle for me to save the Lokayin river , Daniyawan, Patna from illegal broad day light sand mining river bed . Full knowledge of PS Shahjahanpur , Patna .
@BiharHomeDept@PatnaPolice24x7 ,@SSP_Patna@pushymitr
वे चाहते हैं कि उनके गांव के पास से बहने वाली इस नदी को अकाल मृत्यु से किसी तरह बचा लिया जाए।
हमारे देश में नदियां पुण्यदायिनी मानी जाती है। यह नदी भी मूलतः फल्गु ही है। जिसे मोक्षदायिनी कहा जाता है। यह पहले निरंजना, फिर फल्गु, फिर लोकाइन और फिर महतमाइन के नाम से पुकारी जाती है।