I have a VOTER ID card, but NO, it is not proof of citizenship.
I have a AADHAR card but NO, it is not proof of citizenship
I have a PAN Card, but NO, it is not proof of citizenship.
I have a PASSPORT but NO, it is not proof of citizenship.
So who will give me a CITIZENSHIP CERTIFICATE? A govt bureaucrat?
My question is simple: is the problem with the citizen, or with the Mai Baap State itself?😡
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्तार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।
शिवसेना तोड़ी , NCP तोड़ी , TMC तोड़ी आगे ना जाने किस किस को तोड़ेंगे . देश का मीडिया जिसको सवाल करना चाहिए वो इसे मास्टरस्ट्रोक बता कर सेलिब्रेट कर रहा है .
2586 करोड़
दो हज़ार पाँच सौ छियासी करोड़
Two thousand five hundred eight six crore
دو ہزار پانچ سو چھیاسی کروڑ
ये वो रक़म है जो मोदी जी के प्रचार-प्रसार में खर्च हुई!
जिस तरीके से विपक्षी दलों को तोड़ा जा रहा है वह बिलकुल गलत है! संसाधन/सिस्टम/एजेंसी का दुरूपयोग है! बुली राजनीति है!
फिर कह रहा हूँ की देश के आमजन ऐसी राजनीति को पसंद नहीं करते हैं!
इससे भी दुखद तस्वीर यह है की जिस तारा मीडिया "वाह वाह तोड़ दिया तोड़ दिया" कहते हुए इस पुरे प्रोसेस को एन्जॉय कर रहा है! रत्ती भर सवाल नहीं की यह सही है गलत!
वक़्त सबसे बड़ा मानक होता है! देखते रहें!
अब जब समझौता हो गया है ईरान और अमरीका में, स्ट्रेट खुल गई है और ब्रेंट क्रूड की क़ीमत घट गई है
सरकार को पेट्रोल, डीजल और CNG की बढ़ी हुई क़ीमत वापस लेनी चाहिए।
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से लोकसभा सांसद रूहुल्लाह मेहदी ने यूसुफ पठान पर बड़ा खुलासा करते हुए लिखा कि,
पिछले शीतकालीन संसद सत्र की बात है। पूरे विपक्ष ने SIR और अन्य मुद्दों को लेकर संसद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।
हमेशा की तरह टीएमसी के सांसद भी सदन के वेल में उतरकर निडरता से विरोध का नेतृत्व कर रहे थे।
मैं भी वहां मौजूद था। तभी मैंने एक प्रमुख मुस्लिम सांसद (जो TMC से नहीं थे) को यूसुफ पठान पर चिल्लाते हुए सुना। वह उनसे कह रहे थे कि वे विरोध प्रदर्शन से हट जाएं।
यूसुफ वास्तव में पीछे हट गए और अपनी सीट पर वापस आ गए। मैंने उनके चेहरे पर अचानक बदलाव देखा — वे लगभग कांपते हुए दिखाई दे रहे थे।
जब वह सांसद वहां से चले गए, तो मैं यूसुफ के पास गया और पूछा कि क्या हुआ? आप इतने डरे हुए क्यों लग रहे हैं?
यूसुफ ने बताया कि उस व्यक्ति ने उनसे कहा था
तुम्हें क्या हो गया है? बीजेपी के खिलाफ विरोध क्यों कर रहे हो? खुद को दुश्मन क्यों बना रहे हो? वे गुजरात में तुम्हारा घर बुलडोज़ कर देंगे।”
इसी दौरान महुआ मोइत्रा वहां आईं और मुझसे पूछा कि क्या हुआ है। मैंने उन्हें बताया कि यूसुफ डर गए हैं क्योंकि उस व्यक्ति ने उन्हें धमकी दी है कि बीजेपी गुजरात में उनका घर बुलडोज़ करवा देगी।
यह सुनकर महुआ मोइत्रा नाराज़ हो गईं। उन्होंने यूसुफ से कहा कि उस व्यक्ति की बातों पर ध्यान मत दो। हम सब तुम्हारे साथ हैं। हम एक हैं, और कोई तुम्हें या तुम्हारे परिवार को छूने की हिम्मत नहीं करेगा।
आज महुआ मोइत्रा के लिए सहानुभूति महसूस होती है। जब यूसुफ डरे हुए थे, तब उन्होंने उनका साथ दिया, उनका हौसला बढ़ाया। लेकिन अंत में यूसुफ और उनके जैसे लोगों ने उन्हीं की पीठ में छुरा घोंप दिया।
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
So @Iran_in_India Iran Embassy calls out claims aired by @anjanaomkashyap and @aajtak about the economic crisis in Iran.
When an official embassy issues a direct rebuttal, shouldn't viewers be told about the rebuttal or atleast both sides of the story?
निधन नहीं हुआ, आदित्य शर्मा की हत्या करवाई है डोनाल्ड ट्रंप ने। इस पर विरोध जताने की बजाय भारत का प्रधानमंत्री कल ट्रंप के बधाई संदेश पर नाचता घूम रहा था।
तुम लोग गोरी चमड़ी के सामने आजादी से पहले भी दुम दबाकर जीते थे और आज भी वही हाल है।
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in India categorically rejects the reports and claims circulated by certain media outlets regarding the economic situation in Iran and alleged difficulties in the supply of essential goods and public necessities.
It is emphasized that, despite the imposition of three wars and extensive pressures against the Iranian nation, no shortage of essential commodities or basic necessities has occurred to date. Owing to the effective measures and responsible management of the Government of the Islamic Republic of Iran under the leadership of President Dr. Masoud Pezeshkian, the procurement, supply, and distribution of the goods required by the country continue in a normal, stable, and uninterrupted manner.
The Embassy of the Islamic Republic of Iran also urges respected Indian media organizations to obtain and disseminate news and reports concerning Iran from credible, official, and verifiable sources. In this regard, it should be recalled that Iran International is a media outlet affiliated with opponents and adversaries of the Iranian people and has a long record of disseminating biased narratives aligned with anti-Iranian political agendas. Consequently, it cannot be regarded as a credible source for accurately reflecting the realities of Iran.
@aajtak