"हम यूपी पुलिस को ही भंग कर देंगे,
यूपी पुलिस से जुड़े सारे मामलों की सीबीआई को सौंप दें।"
यूपी पुलिस के बारे में सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक टिप्पणी।
सोचिए, यूपी पुलिस ने किया क्या था।
आरोपी को मौके पर पकड़ा था और एफआईआर में उसके नाम की जगह अज्ञात लिख दिया था
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इसी यूपी पुलिस के सिलसिले में Complete breakdown of law सरीखी टिप्पणी तक कर चुका है।
योगी आदित्यनाथ के दौर में यूपी पुलिस किस तरह से स्टेट का deadly instrument बन चुकी है,
किस तरह से नियम-कायदे-कानून-संविधान सबको कुचलकर राजा को प्रसन्न करने के लिए सारी सीमाएं, सारी मर्यादाएं ध्वस्त की जा रही हैं,
ये एक ऐसे इतिहास का हिस्सा है जो एक रोज़ अपने हिस्से के सारे हिसाब लेगा,
सत्ता के नशे में अराजकता की सीमाएं तोड़ चुके तंत्र स���, एक एक लम्हे का हिसाब लेगा!!
गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी नियुक्ति के आदेश के 24 घंटे के भीतर महान फैसला दिया है और अपनी योग्यता साबित की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्रियों को सार्वजनिक किए जाने की मांग को उनकी दो सदस्यीय बेंच ने RTI कानून का दुरुपयोग बताया है और कहा है कि डिग्रियों की मांग में कोई जनहित न���ीं छिपा है यह व्यक्तिगत जानकारी है।
जो फैसले का सबसे अहम बिंदु है वो यह है कि डिग्री की मांग को लेकर उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर लगाए 25 हजार के जुर्माने को जायज बताया है।
यह देश ऐसे हीं चल रहा है। यह देश ऐसा ही है।
जय सूर्यकांत, जय जस्टिस अग्रवाल, जय न्याय की देवी खुली आंखों वाली
“सीईसी थे, वो आज देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC के चेयरमैन कैसे बन गए?”
चुनाव आयोग की साख पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल. पूर्व CEC राजीव कुमार के HDFC Bank के चेयरमैन बनने पर भी सवाल खड़ा किया.