@vedant_bangad@DefiledGod जी भैया, आचार्य श्री, श्री रामानुज संप्रदाय से है और गोस्वामी तुलसीदास श्री रामानन्द सम्प्रदाय से है जो की श्री संप्रदाय अन्तर्गत दो विभिन्न संप्रदाय है
रैवासाधाम, सीकर, राजस्थान से द्वितीय वार्षिक श्री सियपिय मिलन महोत्सव (साकेत प्रयाणोत्सव) के अन्तर्गत श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम् दिवस, श्रीभक्तमाल पाठ एवं भण्डारे से पूज्य महाराजश्री की पावन उपस्थिति।
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@chetu768 I am not criticising the parampara anywhere. We are not taught to do that atleast in our guru parampara which has mentioned Shankaracharya ji and Sanyasi bhakts in bhaktmal. I am criticising the person. Sitaram.
Smarth (particularly from south) sharing same ground as Arya samajis on Bhagwati Radha and accepting datings of purans, interpolation and what not. Wild
जय जय मीन बराह कमठ नरहरि बलि-बावन।
परशुराम रघुबीर कृष्ण कीरति जगपावन॥
“बुद्ध” कल्की व्यास पृथू हरि हंस मन्वंतर।
यज्ञ ऋषभ हयग्रीव ध्रुव बरदेन धन्वंतर॥
बद्रीपति दत्त कपिलदेव सनकादिक करुणा करौ।
चौबीस रूप लीला रुचिर श्री ‘अग्रदास’ उर पद धरौ॥
- श्रीअग्रदेवाचार्य जी महाराज
When Thakur Ji Himself takes the Chhadma Vesh of a Yogi to meet Shri Radharani in Barsana — as described by Shri Malookdas Ji.
जोगी छवि बावरो डोले ।
राधे राधे राधे बोले ॥
मोहन मंत्र फूँकि के मारी ।
सब ब्रज मोहिनी डारी ॥
जोगी सब संतों दा प्राना ।
शरण मलूक न माना ॥
Sri Agradevacharya ji Maharaj praising Bhagwati Radha.
बन्दौं राधिका पद पद्म।
परम कोमल सुभग शीतल, कृपा जुत सुख कद्म॥
चरन चिंतत अमल उर छ्वै, जात सबही छद्म।
भाल पर अक्षर अनैसे, होत परसत रद्म॥
कृष्ण अलंकृत सुहथ पूजत, निगम नूपुर नद्म।
रसिकजन जीवन सू मूली, ‘अग्र’ सर्व सु सद्म॥
@Akashbharadwaj3 बात सामान्य जनों के इसलिए हुई, क्योकि ये कुतर्क आचार्य नहीं, सामान्य जन ही कर रहे हैं। इतना दुराग्रह कहा से आ रह हैं, जो शास्त्र और आचार्य दोनों की उपेक्षा कर रहे है।
Sri Agradevacharya ji Maharaj praising Bhagwati Radha.
बन्दौं राधिका पद पद्म।
परम कोमल सुभग शीतल, कृपा जुत सुख कद्म॥
चरन चिंतत अमल उर छ्वै, जात सबही छद्म।
भाल पर अक्षर अनैसे, होत परसत रद्म॥
कृष्ण अलंकृत सुहथ पूजत, निगम नूपुर नद्म।
रसिकजन जीवन सू मूली, ‘अग्र’ सर्व सु सद्म॥
रैवासाधाम, सीकर, राजस्थान से द्वितीय वार्षिक श्री सियपिय मिलन महोत्सव (साकेत प्रयाणोत्सव) के अन्तर्गत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, श्रीमद्भागवत कथा के पञ्चम् दिवस एवं भण्डारे से पूज्य महाराजश्री की पावन उपस्थिति।
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यशोदोत्संगलालित,भक्त -वाञ्छा-कल्पतरु,जगत प्रतिपालक, महामंगलरूप, कोटि कन्दर्प लावण्य निधी, व्रजजन सर्वस्व, राजीवलोचन, अशरण-शरण, शरणागतवत्सल,
अनन्तकोटि ब्रह्माण्डनायक, करुणानिधि नन्दनन्दन भगवान श्रीकृष्ण के परम मंगल जन्म महोत्सव (नन्दोत्सव) की आप सभी को अनन्त कोटि मङ्गल बधाईयाँ।
6 निर्दोष गुर्जरो का हत्यारा श्रीराम जाटव जेल से बाहर आता है तो उसका स्वागत करके, जुलूस निकाला जाता है, उसे समाज का मसीहा और जिले की शान बताया जाता है।
क्या यह मेरठ में "गुर्जर बनाम जाटव" के संघर्ष की पुरानी आग में घी का काम नहीं करेगा ?
अगर गुर्जर ऐसा कोई जुलूस निकालते तो उन पर हाइड्रोसिल एक्ट लग जाता लेकिन जाटव साहब पर तो 32 डिग्रीधारी लॉर्ड बॉबी देओल साहब की कृपा है, उनका कोई क्या उखाड़ पाएगा !