हम देख रहे हैं अब तक का सबसे बड़ी मनमानी।
ईगो और ईर्ष्या के कारण एक 15 साल के बिहारी क्रिकेटर के हौसले को ध्वस्त करने की प्रकिया को LIVE देख रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी को आज भी जगह नहीं मिली।
अब इस मनमानी के खिलाफ बिहार के लोगों और तमाम क्रिकेट प्रेमी को बोलना होगा। जिनसे क्रिकेट ज़िंदा है देश में।
अब खेल का मसला नहीं है। सिर्फ और सिर्फ जिद है।
क्या हम सब ख़ामोशी से देखकर इस गॉड टैलेंट की ऐसी “हत्या” देखेंगे ?
Enough is Enough !!
वैभव के नाम पर दर्शक स्टेडियम बुलाए जाएँगे। टीवी पर उनके नाम से प्रोमो बनाए जाएँगे। लेकिन खेलने नहीं दिया जाएगा।
“श्रेयस-गंभीर-अगरकर” की अगुवाई वाली साज़िश में कुछ सो कॉल्ड क्रिकेट एक्सपर्ट और क्रिकेट जर्नलिस्ट भी शामिल है जो “किंतु परंतु एक्सपर्ट ज्ञान “ देकर इस फ़ैसले का ज़बरदस्ती थेथर की तरह बचाव कर रहे हैं।
साफ़ बात मैं आज भी “श्रेयस-गंभीर-अगरकर” टीम की हार से निराश नहीं हूँगा। वे डिज़र्व करते हैं। इनकी जीत से ख़ुश नहीं हूँगा!
Congratulations to AICC Secretary & Former IYC President Shri @srinivasiyc ji on being appointed as the Chief Organiser of Congress Sevadal.
Wishing you success in strengthening the organisation and inspiring Congress workers across the nation. 🇮🇳
ब्रेकिंग
NEET एग्जाम में पेपर लीक से बचाव के लिए सरकार ने 22 जून तक सोशल मीडिया एप टेलीग्राम पर बंदिश लगाई!
सरकार की आशंका,पेपर लीक इसी प्लेटफार्म के माध्यम से होती है
2011 में टाइम मैगज़ीन भारत और चीन को आर्थिक मोर्चे पर बराबर मान रहा था। देखें उसकी कवर स्टोरी।
आज आर्थिक मोर्चे पर चीन ठीक ठाक आगे निकल गया।
दरअसल हमलोगी की प्राथमिकता भी बदल गई है।
जिस रैंकिंग में पाकिस्तान को भारत से ऊपर रखा जाए वह कितना ही विश्वसनीय होगा वो आप ख़ुद ही सोच सकते हैं ।
अब किसी सर्वे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को आईआईटी दिल्ली से ऊपर दिखा दिया जाए तो यकीन करेंगे उस पर सर??!!!
चन्दन पांडेय जी ने बहुत सही लिखा है! नीट एग्जाम पेपर लीक का खुलासा करने वाला समाज का असली गुमनाम नायक है! इसे अगले साल अनसंग पद्मश्री वालों की लिस्ट में जगह मिलनी चाहिए!
चन्दन जी ने जो लिखा वह पढ़ें-
जिसने पेपर लीक की खबर पुलिस में दी होगी अथवा एन टी ए को बताया होगा, जैसी सूचना है, उसका साहस अकल्पनीय है।
इंडियन एक्सप्रेस ने उसे शिक्षक बताया है। सीकर का। कैसे संत्रास में उसका जीवन होगा इसकी बानगी: वह चार तारीख की डेढ़ बजे रात में पुलिस थाने पर गया है और जब अपनी शिकायत लिखने के लिए उसे सादा कागज थमाया गया है तब वह घबराकर थाने से निकल आया है। फिर बड़ी हिम्मत से काम लेते हुए उस शख्स ने सात मई को एन टी ए को मेल लिखा है और सबसे अधिक जोर इस पर दिया है कि वह कहीं से इस खेल में शामिल नहीं है। फ़ोन इत्यादि का विवरण भी दिया है। जैसा कि व्यवस्था का हाल मालूम है, पुलिस ने सबसे पहले उसके ही फ़ोन इत्यादि की जाँच की है। व्यवस्था की कार्यप्रणाली जानने वाले उस व्यक्ति पर हुए मानसिक हमलों की कल्पना भी शायद ही कर सकते हों।
भ्रष्टाचार की स्वीकार्यता ने ऐसे अपराधों को इतना सरल सुगम बना दिया है कि अपराधी उसे ही कोस रहे होंगे। वे उसमें ही कमियाँ निकाल रहे होंगे। तीन तारीख़ से सात तारीख़ के बीच वह ख़ुद से जूझता रहा होगा। हर ख्याल के बाद यह ख्याल कि वह जो करने जा रहा है वह जरूरी है क्या? और भी लोग होंगे जिन्हें मालूम रहा होगा कि पर्चा आउट है फिर वह ही क्यों माफिया से बैर मोल ले! घर परिवार अगर होगा तो उसकी फ़िक्र हुई होगी। चार दिन बात गए होंगे और फिर उस अनोखे मनुष्य ने एन टी ए को शिकायती पत्र लिखा होगा।
सलाम तो बनता है!
वैसे पता नहीं इस बात पेपर का रेट क्या खुला था? करोड़?
आप लोगों का लगातार सपोर्ट मिल रहा है,विनम्र शुक्रिया! साथ बनाएं रखें!
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मेरे घर की एक हेल्पर जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं, उसने आज मुझसे कहा की दीदी अगले महीने मैं बंगाल जाऊँगी वोट डालने.
( एक महीने पहले SIR के लिए भी गई थी )
मैंने पूछा -इतनी दूर वोट डालने जाओगी?
उसका जवाब आया कि अगर वोट डालने नहीं गई तो ये लोग बांग्लादेश भेज देंगे…
जिन्हें लगता है 26/11 के बाद लोग गजनी बन गए थे वो खुद गजनी बनकर ये भूल गए हैं कि हमारे सुरक्षाबलों ने उस वक्त आतंकियों को मार गिराया था, एक को ज़िंदा पकड़ने में कामयाब हुए और फाँसी पर लटकाया
उसे ज़िंदा पकड़कर पाकिस्तान के मास्टरमाइंड तक भारत पहुँचा और अमेरिका के साथ मिलकर पाकिस्तान को अलग थलग कर दिया
पूरे विश्व को भारत मनवा पाया कि पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगाह है।
ये गजनी ब्रिगेड भूल गई कि भारत ने ये सुनिश्चित कराया कि चीन और सऊदी अरब पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंध के फ़ैसले का समर्थन करने पर मजबूर हों
ये तो ऐसे गजनी हैं कि महज़ 15 दिन में भूल गए कि पहलगाम हमला करने वाले आतंकी अब तक पकड़े नहीं गए हैं
हालाँकि तब भी उस वक्त की सरकार की नाकामी छिपाई नहीं जा सकती कि मुंबई तक वो आतंकी कैसे पहुँच गए! उसी तरह इस सरकार की भी नाकामी नहीं छुपाई जा सकती कि पहलगाम में ये आतंकी घुस कैसे गए !
लेकिन बेहद निंदनीय ये है कि अहम सवाल करने की बजाय एक सरकार की विफलता को डिफ़ेंड करने वाले खुद को पत्रकार मानते हैं ।
@IncomeTaxIndia
Hi I have filed my ITR for AY 2024-25 on 24 June 2024 but still ITR didn't get processed and Refund is pending. Kindly issue my income tax refund
My PAN is AVXPJ6750G
@iamnarendranath TV pe yahi chalta hai sir , Jise pasand nahi wo kafi samay se TV dekhna band kr chuke hai aur narajgi eetni ki TV pe aane ki ab umeed nahi