इनकी माँग सीधी है—कार्यपालिका से मेहनताना और न्यायपालिका से न्याय।
परीक्षा ड्यूटी, श्रावणी मेला, दशहरा, मजिस्ट्रेट ड्यूटी… पिछले 8 महीनों से ये प्रशिक्षु अधिकारी राज्य को अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, लेकिन आज तक एक महीने का भी वेतन नहीं मिला।
नियुक्ति रद्द करने वाले नोटिफिकेशन पर माननीय हाईकोर्ट ने नैचुरल जस्टिस के आधार पर रोक लगाई थी। सरकार न्यायालय में अपने तथ्य रख चुकी है और अब आदेश सुरक्षित है।
ऐसे में ये प्रशिक्षु अधिकारी किसी मंत्री से मिलें या अधिकारी से, इससे न्यायालय के ��ैसले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। इनकी मुलाकात का उद्देश्य सिर्फ अपने किए गए काम का बकाया वेतन प्राप्त करना है।
ये कोई फ्री इंटर्नशिप नहीं कर रहे हैं। सरकार के आदेश पर ड्यूटी की है, तो मेहनत का मेहनताना भी मिलना चाहिए। इसी उम्मीद से इन्होंने माननीय मंत्री जी से मुलाकात की है, ताकि आगामी कैबिनेट में इनके बकाया वेतन पर सकारात्मक निर्णय हो।
सेवा आचरण नियमों से बँधे ये प्रशिक्षु मीडिया मे�� आकर अपना पक्ष भी नहीं रख सकते। अपनी बात संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष ही रखते हैं।
इनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए। ये अपनी योग्यता और कर्तव्यनिष्ठा का लोहा आगे भी मनवाते रहेंगे। इनका भविष्य उज्ज्वल है।
नैचुरल जस्टिस सिर्फ कोर्ट में नहीं, जमीन पर भी दिखना चाहिए।
#JPSC #JHARKHAND
@HemantSorenJMM @yourBabulal @dasraghubar @prabhatkhabar @JagranNews
@Wokeandhappy@nevergiveup2u कृपया तथ्यों को जाने, पेपर कटिंग से कोर्ट में केस नहीं जीता जाता, जिन तीन लोगों का नाम आ रहा 370 वाले प्रकरण में, एक JSA बना है ओर बाकी 2 का सिलेक्शन भी नहीं हुआ है। कैसा पेपर लीक भाई, पूरा 100% क्वेश्चन OUT का दावा ओर रिजल्ट 0%, जय हो रद्दी लोग ओर उनकी रद्दी सोच😂
सुप्रीम कोर्ट में की गई इस टिप्पणी के पीछे छिपे दर्द को समझना जरूरी है। न्याय का तकाजा है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों क�� भविष्य और उनके परिवारों की आजीविका की रक्षा भी सुनिश्चित की जाए। किसी और की गलती की सजा निर्दोषों को क्यों मिले?
@JOHAR_122_1 यहां कौन सा जांच करके बताया गया कि mass bungling हुआ है? in-depth inquiry 😄😄
Pressure group का कमाल था। राजनीति में गलती हो जाती है, न्यायालय में नहीं होता
जब वेकेंसी ही 2000 है तो लाखों छात्रों को ढाल बनाकर दुबारा परीक्षा में बैठने का मौका चाहिए?
6 लाख ने फॉर्म भरा जिसमें से 3 लाख परीक्षा देने गये , उसमें से सिर्फ 26000 ही पेपर1 ह��ंदी अंग्रेजी पेपर पास किए।
सवाल ये है कि की जो लोग दोषी पाए जा रहे हैं उनको सजा की मांग न करके पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग करना वो भी सिर्फ आंदोलन करके।
आपलोगों को अगर न्यायालय पर भरोसा होता तो पहले न्यायालय जाते न कि जयपाल मैदान!
न्यायालय हर केस की पहलू देखती है तभी निर्दोषों को संरक्षण देती है।
@vishvamitra07 There are total 2040 question asked in jssc cgl exam…tell me which 370 answers are? I know you have no answer..bcz ur mental ability is same as raddi gang
@WarriorSahab@SACHNAMA_@gutthi_org Ye jaahil coaching mafia ko nhi pata ki unki maang kitna jyada unjust aur unfair hai..waise to selected hi jeetenge..lekin agar galti se bhi kuch log ki wajah se sbko saja de di jati to 50-100 to pakka galat kadam utha lenge..aur pta nhi kitno ke parivar ujad jaenge