कुणाल प्रताप कभी खुद को छात्र बताते हैं, कभी शिक्षक!
आखिर असली पहचान क्या है? 🤔
NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों के लिए जिस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, वह बेहद शर्मनाक है।
रंगा सियार चाहे जितने रंग बदले, असलियत छिप नहीं सकती।
ये एक प्रसिद्ध घोषित छात्र नेता कुणाल का NEET के आंदोलनकारियों के लिए ऐसी अमर्यादित भाषा वाला ट्वीट है जो झारखंड के आंदोलन में सरकार को रोज कोसते रहता है। इतना दोहरा चरित्र एक छात्र हितैषी का कैसे हो सकता है? @BJP4Jharkhand@JmmJharkhand@The_FollowUp@aajtak
जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET के छात्र अपने अधिकारों और न्याय के लिए धरना दे रहे थे, तब कुणाल प्रताप ने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को टैग करके छात्रों का पिछवाड़ा लाल और हरा करने कहा था।
आज वही व्यक्ति झारखंड में युवाओं का शुभचिंतक बनने का ढोंग कर रहा है। सच्चाई यह है कि इनका कोई जनहित या छात्रहित से लेना-देना नहीं है।
इनका एकमात्र एजेंडा QR कोड से चंदा लेना, छात्रों के आंदोलन की आड़ लेकर हेमंत सरकार की लोकप्रिय छवि को धूमिल करना और राज्य के शासन-प्रशासन में बाधा उत्पन्न करना है।
जो इंसान कल तक छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने की वकालत कर रहा था, वह आज झारखंड के युवाओं का हितैषी कैसे हो सकता है?
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand@JharkhandPolice@ranchipolice
नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी को टैग कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का “चुन-चुनकर पिछवाड़ा लाल करने” की मांग करने वाले भाजपाई गुरु कुणाल प्रताप सिंह सर।
इसीलिए कहा गया है— “कर्मा रिटर्न्स।”
छात्रों को दोहरी नजर से नहीं देखना चाहिए, गुरुजी।
@JmmJharkhand
इन चयनित अभ्यर्थियों के साथ सिर्फ एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि उनके माता-पिता की उम्मीदें और पूरे परिवार के सपने जुड़े हैं। उनके भविष्य को अधर में न छोड़ा जाए
“झारखंड में कोचिंग माफिया पर सख्त कार्रवाई हो। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी व्यवस्था को समाप्त किया जाए और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।”
@IAS7777@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@aajtak@ABPNews@The_FollowUp@lagatarIN JSSC CGL में इतने गरीब बच्चों का selection हुआ है कि उनके घर का अर्थिक स्थिति सही नहीं थी....फिर भी लोग कहते हैं कि वे चोरी करके पास हुए हैं....इसलिए सभी को एक तराजू में तौलना कहीं से उचित प्रतीत नहीं होता......एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मेरी सहानुभूति इनके साथ है 🙏🙏
It’s sad to see the standard of teaching stooping this low. The so called educators /student rights activists and advocates are nothing but mere clout chasers . Who are looking to make a quick buck and to get famous by hook or crook . They have no interest in student welfare.
Jago Student Jago.
#ExposeJharkhandCoachingMafia
@dgpjh@HemantSorenJMM@JmmJharkhand@22scopenews@aajtak@The_FollowUp@JharkhandCMO@JharkhandPolice
जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET के छात्र अपने अधिकारों और न्याय के लिए धरना दे रहे थे, तब कुणाल प्रताप ने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को टैग करके छात्रों का पिछवाड़ा लाल और हरा करने कहा था।
आज वही व्यक्ति झारखंड में युवाओं का शुभचिंतक बनने का ढोंग कर रहा है। सच्चाई यह है कि इनका कोई जनहित या छात्रहित से लेना-देना नहीं है।
इनका एकमात्र एजेंडा QR कोड से चंदा लेना, छात्रों के आंदोलन की आड़ लेकर हेमंत सरकार की लोकप्रिय छवि को धूमिल करना और राज्य के शासन-प्रशासन में बाधा उत्पन्न करना है।
जो इंसान कल तक छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने की वकालत कर रहा था, वह आज झारखंड के युवाओं का हितैषी कैसे हो सकता है?
@HemantSorenJMM
अपने आकाओं से भी बोलो कभी झारखंड को लूटना बंद करे , नौकरियां बेचना बंद करे
छात्रों को मूर्ख समझना बंद करो तुमलोग
छात्र किसी के बहकावे में नहीं आते
अगर तुमलोग ऐसा सोच रहे हो तो बहुत बड़े भ्रम में हो