@khanumarfa इस भारत मे ही #MBBS, #MD किये हुए मुस्लिम प्रोफेसर डॉक्टर, जिनका कर्तव्य लोगो की जान बचाने थे, लेकिन वो लाखो काफिर हिन्दुओ की हत्या करने का प्लानिंग कर रहे थे।
@KarishmaAziz_ क्या कारण है कि विश्व का हर आतंकी चाहे वह MBBS MD किया हो या कंप्यूटर इंजीनियर! सभी एक ही मजाहब से आते है?
कही ऐसा तो नही कि मजाहब ही आतंकवाद की शिक्षा देता है?
@priyanka2bharti तुम अपने संवादो से बता देती हो कि तुम्हारे माँ बाप ने तुम्हारा चरित्र निर्माण नही किया है। और JNU का वामपन्थी क्रांति खून में घुस चुका है।
तुम्हे गलत बात करते हुए जरा भी शर्म नही आती है? किसी बेशर्म महिला हो??
@khanumarfa#UmarKhalid नामक जिहादी अपने मजहबी आतंकी #AfzalGuru का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट को गलत बताता है।
इसी आतंकी सु@!ड के बचाव में कई मजहबी नमकहराम देशद्रोही छाती पीटते है।
आदित्य ठाकरे को पेंगुइन कहने पर नागपुर के समित ठक्कर को 21 दिन तक जेल में रखा ।
उद्धव ठाकरे की आलोचना करने के लिए सुनयना होली को कुछ रातें जेल में बितानी पड़ीं।
उद्धव की आलोचना करने के लिए अर्नब गोस्वामी को जेल जाना पड़ा।
शरद पवार की आलोचना करने वाली एक कविता को सोशल मीडिया पर साझा करने मात्र के लिए केतकी चितले को 40 दिनों से अधिक समय जेल में बिताना पड़ा। (जबकि उस कविता में शरद पवार के नाम का उल्लेख तक नहीं था)
केजरीवाल ने पंजाब पुलिस को इंदौर भेजा ताकि उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सके जिसने उनकी आलोचना की थी।
अपना कार्टून बनाने पर ममता बनर्जी ने एक कार्टूनिस्ट को 15 दिनों तक जेल में सड़ाया ।
लेकिन कॉक्रोच चाहते है की प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां को गंदी भाषा में कहे अपशब्द पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए ।
कोर्ट ने तो नाबालिगों और पहली बार की गलती करने वालो को रिहा कर दिया, पर उन नाबालिगों के माँ बाप या जनता उन्हें छोड़ देगी, ऐसा लगता तो नहीं है, क्योंकि कल ही मध्य प्रदेश में कुछ कॉकरोचों की पिटाई की खबर आई है और शायद अन्य प्रदेशों से भी आएगी ।
आपके मुख्यमंत्री रहते हुए तीन बार सीपीएमटी यानी कंबाइंड मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट का पेपर लीक हुआ था
लेकिन आप इतने बेशर्म थे कि आपने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली थी
वाल्मीकि समाज ध्यान रखे
परसो पंजाब पुलिस ने सफाई कर्मचारियों जिसमें वाल्मीकि समाज की काफी महिलाएं थी उन लाठी बरसायी। किसी आंबेडकरवादी का खून नहीं खोला, चंदू के मुंह पर भी डायपर बंध गया। सारे दलित यूट्यूब, दलित ठेकेदार सब चुप है।
लेकिन जब भी कोई आंबेडकर के ऊपर टिप्पणी करता है तो सबसे पहले वाल्मीकि सबसे पहले कीड़ा काटता है । क्यों ?
वाल्मीकि युवा ध्यान रखे जिनके तुम नीले झंडे उठाये घूमते है वहां तुम्हारे किया कोई जगह नहीं। उनके लिए तुम सिर्फ दरी बिछाने वाले हो l आंबेडकरवाद से बाहर निकलकर अपना खुद का नेतृत्व तैयार करो। ताकि कुछ अनहोनी होने पर इन जाटव नेताओं के मुंह की तरफ ना देखना पड़े।