ओवैसी साहब आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी
जो टी राजा सिंह जैसे गुस्ताखे रसूल के साथ अपने गठबंधन किया था
आप तो वोट भी अल्लाह और अल्लाह के रसूल का नाम ले कर मांगते हैं
तो फिर क्या मजबूरी आ पड़ी थी जो आपने गुस्ताखे रसूल के साथ
स्टेज शेयर किया और आपको पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बोलते है
जो ओवैसी को वोट नहीं देगा वो मुसलमान नहीं मुनाफिक है
इस हिसाब से मुनाफिक कौन हुआ ये बात ओवैसी के सपोर्टर ज़रूर बताना
AIMIM का मकसद सिर्फ वोट काटना है, ताकि बीजेपी को फायदा मिले! यूपी का मुसलमान सब समझता है—वह अपने वोट की ताकत बर्बाद नहीं करेगा। अखिलेश यादव के साथ था, साथ है और साथ रहेगा! 🚲🔥