UPSC मे EWS Certificate का कैसे गलत इस्तेमाल होता है इस बात से समझिये 👇
शामली की रहने वाली आस्था जैन की UPSC 2025 मे 9th रैंक आयी थी
इससे पिछले साल 2024 मे आस्था की UPSC मे 186 रैंक आयी थी, और हैदराबाद मे IPS की ट्रेनिंग चल रही थी
ट्रेनिंग के दौरान ही UPSC का रिजल्ट आता है और आस्था जैन 9th रैंक लाकर टॉपर बनती है
ध्यान देने वाली बात ये है की साल 2024 मे आस्था का ज़ब सेलेक्शन हुआ था तब वो जनरल केटेगरी मे आती थी
लेकिन उसके अगले साल ज़ब 9th रैंक आयी तो EWS केटेगरी मे शामिल हो गयी
मतलब IPS बनने के बाद गरीब हो गयी?
इतना ही नहीं आस्था की पढ़ाई लिखाई दिल्ली के Scottish International School से हुई है जिसकी फीस बाकी स्कूलों से महंगी है
EWS उन लोगो के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर है लेकिन UPSC मे लोग इसका खूब गलत इस्तेमाल करते है
लूपहोल का फायदा उठा कर आर्थिक रूप से संपन्न लोग EWS केटेगरी मे अप्लाई करते है क्योंकि इसकी CUT OFF बाकियो से कम जाती है
ऐसा नहीं है कि UPSC और सरकार को इसके बारे मे पता नहीं है, लेकिन क़ोई कुछ करना नहीं चाहता
इस वजह से गरीब और मेहनती लोगो का हक दूसरे संपन्न लोग मार लेते है
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सड़क पर पैदल चलना हो तो नज़रें सबसे पहले फ़ुटपाथ को ढूंढती हैं ताकि हम अपना सफ़र ट्रैफ़िक से सुरक्षित रहते हुए पूरा कर लें.
लेकिन कई बार फ़ुटपाथ चलने के लायक ही नहीं होते या कहीं फ़ुटपाथ पर छोटी-छोटी दुकानें दिखती हैं.
इसी साल सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि पैदल चलने वालों को ऐसे फ़ुटपाथ मिले, जिन पर कोई कब्ज़ा न हो.
लेकिन भारत में फ़ुटपाथों की स्थिति कैसे बेहतर हो सकती है? देखिए, बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित (@jugalrp ) की ये रिपोर्ट.
शूट और एडिट: दीपक जसरोटिया (@DeepakJ0710 )
UGC के विरुद्ध जमीन पर ताकत देख लीजिए!!
और ये तो शुरुआत है!!
महिपाल सिंह मकराना ने जो मशाल जलाई है सवर्णों की बात उठाने के लिए, उसको पूरा समर्थन🙏🙏 https://t.co/ruVlTeOAFi
जयपुर से उठी सवर्ण समाज की हुंकार
UGC Rollback की मांग को लेकर Gen-Z का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। भारी बैरिकेडिंग भी इस हुंकार को रोक नहीं सकी।
जयपुर तो बस शुरुआत है .
#Jaipur#UGC
महाराष्ट्र से शुरू हुई ये क्रांति दिल्ली तक दस्तक देगी 🔥
वैसे भी मराठा जब भी निकले है, हर बार दिल्ली का तख्त हिला है, आरक्षण किसी की बपौती नहीं है, ये खत्म होकर रहेगा ! https://t.co/M9VxR7IPl1
अगर सोनम वांगचुक के लिए आँसू बहाए थे, तो एक बार महिपाल सिंह मकराणा के बारे में भी सोचिए।
वह पिछले 20 दिनों से नंगे पाँव, भूखा-प्यासा लगभग 600 किलोमीटर की पदयात्रा पर है। वह दावा करता है कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#mahipalsinghmakrana @mahipalmakrana_
Finally, Himanshu Sharma (@/khulkebolunga on Instagram) is going to lead a peaceful anti-reservation protest on 28th July at Rajiv Chowk metro station, Gate No. 7, New Delhi at 12 PM. Do support him. This video was posted 6h ago and has over a million views already. This is the time. Now or never.
जब तक हम डिग्री को आरक्षण से और पद को पैरवी से बांटते रहेंगे, तब तक विश्व गुरु बनने का सपना अधूरा रहेगा। आरक्षण बैशाखी दे सकता है, लेकिन दौड़ने की असली ताकत सिर्फ योग्यता और कड़ी मेहनत से ही आती है।
#EndReservation