सरकार ने समय रहते युवाओं के feedback को गंभीर नहीं माना । हर चेतावनी को नज़रअंदाज़ करने की भी एक कीमत होती है। और वो है कि आपको अपने घमंड से उठकर एक मंत्री को हटाना पड़ेगा ही ।।
आख़िर धर्मेंद्र प्रधान में ऐसा क्या है कि उनका इस्तीफ़ा नहीं हो सकता?
जब देशभर से आवाज़ उठ रही है कि अब पेपर लीक पर माफ़ी नहीं, जवाबदेही चाहिए और इस्तीफ़ा चाहिए, तब भी सरकार सुनने को तैयार क्यों नहीं है ?
झुकते तो वो है जिनमे जान होती है - अकड़ तो मुर्दे की पहचान है ॥
संसद परिसर पर @BhimArmyChief के धरने से हनुमान बेनीवाल ने कहा कि “आंदोलन का नेतृत्व मजबूत होना चाहिए.....जल्द ही हम सब मिलकर देश के अलग अलग राज्यों में हम प्रोटेस्ट करेंगे”
राहुल से लेकर प्रियंका तक - दिल्ली पुलिस ने पूरी समानता दिखाते हुए सबको बर्बर तरीके से डिटेन किया। अपराध ये था कि नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सीनियर लीडर्स नरेंद्र मोदी से जवाब मांग रहे थे कि आख़िर क्यों युवा छात्र छात्राओं के हप्र बर्बर लाठीचार्ज हुई?क्या युवाओं के मुद्दों वाली ये लड़ाई अब अपने सबसे आक्रामक स्वरूप में पहुंच गई है?
Video -@neeraj_jhaa
दिल्ली में छात्रों का समर्थन कर रहें माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना अति निंदनीय है।
लोकतंत्र की है हत्यारी
भाजपा सरकार अत्याचारी
मोदी सरकार का हर दांव उल्टा पड़ रहा है .
पहले सोचा था सोनम वांगचुक को जबरन उठा लेंगे, आंदोलन बिखर जाएगा. हुआ उल्टा. आंदोलन शिखर पर चला गया .
फिर सरकार ने सोचा कि प्रदर्शनकारियों को पीटकर भगा देंगे. आंदोलन खत्म हो जाएगा लेकिन हुआ उल्टा.
आज हजारों युवा फिर जंतर मंतर पर जमा हैं . लगातार आ रहे हैं .
जो कल नहीं आए तो वो पुलिसिया बर्बरता के विरोध में आ रहे हैं .
जो कल लाठी खाकर गए थे , वो भी आज आ फिर आ गए हैं .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बार फिर से प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे हैं. सोमवार 20 जुलाई को पुलिस के साथ हुए टकराव के बाद जंतर मंतर खाली करवा दिया गया था लेकिन देर रात फिर से स्टेज को लगाया गया. देखिए जंतर मंतर से बीबीसी संवाददाता @dilnawazpasha की रिपोर्ट.
वीडियो जर्नलिस्ट: संदीप यादव