पूर्व राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ साहब कहां हैँ,
उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है,
मुझे उनकी सुरक्षा की चिंता है,
मैं फोन लगा रहा हूं, बात नहीं हो पा रही,
ऐसा तो विदेशों में होता था कि आदमी अचानक से गायब हो जाता था,
सरकार उनकी जानकारी दे,
नहीं तो मैं कोर्ट Habeas Corpus केस फ़ाइल करूंगा,
कपिल सिब्बल,
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पर कथित मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के उपरांत भी विभिन्न क्षेत्रों में मतदाता होने पर आपराधिक मामला बनता है। क्या चुनाव आयोग उस पर आपराधिक मामला दर्ज करेगा? #Bihar
इसी लिए चोरी की बात सही है। वरना गोदी मीडिया इन खबरों को पर्दा नहीं डालता। सारी ताकत लगा दी गई है चोरी की बात छिपाने में। बिहार में आपकी रिपोर्ट में इतनी धांधली है, आखिर बाकी चैनल क्यों नहीं कर रहे हैं? मधुबनी क्यों नहीं जा रहे हैं, क्यों नहीं बता रहे हैं कि किसका वोट कटा है। आवाज़ दबा दबाकर तर्क गढ़े जा रहे हैं। अगर सच के साथ होती सरकार तो क्या इस तरह छपते अख़बार। क्या अंकिलों को इसी दिन के लिए झूठे सपने दिखाए गए कि धर्म के नाम पर कोई राष्ट्र बना रहे हैं? धर्म की क्या नैतिकता है? वोट चोरी से चुनाव जीतना और कोई प्रमाण दे तो ख़बर नहीं छापना?
किन न्यूज़ चैनलों ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस को लाइव नहीं दिखाया?
किन एंकरों ने राहुल के ऐतिहासिक पर्दाफ़ाश की ख़बर को जगह नहीं दी ?
किन अख़बारों ने पहले पन्ने पर जगह नहीं दी और संपादकीय नहीं लिखे ?
इनके नाम और चेहरे पहचान लीजिये।
ये सब आपके हितों के दुश्मन हैं और हमारे लोकतंत्र के हत्यारे हैं।
राहुल गांधी से हलफनामा मांग रहे हैं
और सपा ने हलफनामा दिया तो उसका आज तक संज्ञान नहीं लिया
चुनाव आयोग की भूमिका आपराधिक हो चुकी है। 11 साल से ये तमाशा चल रहा है।
यहाँ इसलिए शेयर कर रहे हैं ताकि चुनाव आयोग की MISLEADING वाली स्याही ख़र्च हो सके। आयोग को पता होना चाहिए कि उसके ठप्पे पर कोई यक़ीन नहीं करता क्योंकि उसके प्रति लोगों का भरोसा कम हो गया है। EC भारत का नया ED न बने तो बेहतर है। इसी तरह ED ने जब विपक्ष पर हमला किया तो लोगों को लगा कि भ्रष्टाचार से लड़ाई हो रही है लेकिन इसके नाम पर विपक्ष को डरा दिया गया। ज़्यादा नहीं पाँच छह साल के भीतर ही कोर्ट में ED का खेल खुल गया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस इसे CROOK कह रहे हैं। अतः भारत के नए ED को यानी EC को समझना चाहिए कि जनता वोटर लिस्ट के खेल को समझ गई है। उसे वोटर लिस्ट की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी, पाँच बजे के बाद का वोटिंग का वीडियो सौंप देना चाहिए। चुनाव आयोग को शपथ पत्र देना चाहिए कि हमारे बनाए लिस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं है। अगर एक भी ग़लती निकली तो वह अपने अधिकारियों को जेल भेजेगा। आयोग अगर यह कहता तो लोग शपथ पत्र पर लिख कर देते कि हमें आयोग पर भरोसा है। वरना पाँच रुपये के शपथ पत्र पर लोग ठीक इसका उल्टा लिख कर देने लग जाएंगे। हमें नहीं पता कौन अधिकारी रिटायर होकर रिलायंस की नौकरी करने वाला है या बीजेपी से चुनाव लड़ने वाला है। इसलिए आयोग को संदेहों से ऊपर होना चाहिए। शपथ पत्र दिखा कर जनता को भटकाने का प्रयास बंद होना चाहिए।
@bihar_police@NitishKumar@yadavtejashwi कृपया इस लफुआ के ख़िलाफ़ करवाई कीजिए ये एक महिला #constable का पब्लिक्ली फोटो लगाकर उसको चोर बता रहा है क्या ये महिला उस गाड़ी में अकेली थी या उस गाड़ी को चला रही थी या समान उठाते कोई वीडियो प्रूफ है अगर नहीं है तो इसे गिरफ्तार करे
1. स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नहीं हैं. अविश्वास का प्रस्ताव सरकार के खिलाफ़ है और प्रधानमंत्री मोदी कल इस पर जवाब देंगे.
2. राहुल गांधी का भाषण मोदी और उनकी नीतियों पर था स्मृति ईरानी पर नहीं.
3. राहुल गांधी को ट्रोल करने का मंत्रियों और नेताओं का एक पैनल है. रोस्टर में आज लोकसभा में स्मृति ईरानी का टर्न था.
हवा में फेंकी हुई एक कथित flying kiss से इतनी आग लग गई। 2 row पीछे एक आदमी बृजभूषण बैठा हुआ है। जिसने ओलम्पियन पहलवानों को कमरे में बुलाके छाती पे हाथ रखा, कमर पे हाथ रखा और यौन शोषण किया। उसके करे हुए पे ग़ुस्सा क्यों नहीं आता?
भाजपा ने आज पूरे देश पर केरोसिन फेंक दिया है।
मणिपुर पर फेंका, वहां आग लगा दी,
हरियाणा पर छिड़का, वो भी जल रहा है।
पूरे देश को जलाने में लगे हैं!
ये भारत मां के रखवाले नहीं, भारत मां के हत्यारे हैं!