@ActivistSandeep सच्चाई यह है कि ज़मीनी राजनीति और कार्यकर्ताओं की भावना को समझने वाले @devendrayadvinc जी पर सवाल उठाना हकीकत से दूर है, क्योंकि उनकी संगठन पर मज़बूत पकड़ और सबको साथ लेकर चलने की क्षमता के चलते Nyay Yatra से लेकर हर जनसरोकार के कार्यक्रम तक दिल्ली कांग्रेस सक्रिय बनी हुई है।
आज संगठन महासचिव @kcvenugopalmp जी, कांग्रेस कोषाध्यक्ष @ajaymaken जी और दिल्ली कांग्रेस प्रभारी @qazinizamuddin जी एवं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बड़े भाई @devendrayadvinc जी ने वोट चोर-गद्दी छोड़ महारैली की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए!
॥ जय श्री कृष्णा ॥
प्रत्येक माह की भांति स्वर्गीय पिताजी प्रधान महेंद्र यादव जी की स्मृति में राधा-कृष्ण मंदिर में हवन-पूजन व भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ ।
पूज्य पिताजी की पावन स्मृतियों को शत-शत नमन 🙏
“वोट चोरों के ख़िलाफ़ भरने को हुंकार, दिल्ली है तैयार”
आज @INCDelhi प्रभारी @qazinizamuddin जी और
@INCIndia के वरिष्ठ नेतागणों के साथ रामलीला मैदान पहुंचकर आगामी वोट चोर-गद्दी छोड़ महारैली की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष भास्कर जी, राहुल डाबला जी, सुनील कुमार जी, राहुल धनक जी, पार्षद नाजिया दानिश जी, सुनील कुमार जी, सुभाष चोपड़ा जी, अनिल भारद्वाज जी, मोहम्मद उस्मान जी, मनीष चतरथ जी, डॉ.नरेन्द्र नाथ जी, जगजीवन शर्मा जी, डॉ. पी.के.मिश्रा जी, जतिन शर्मा जी, राहुल शर्मा जी, पुष्पा सिंह जी, अली मेहंदी जी, अब्दुल वाहिद जी मौजूद रहे।
#वोट_चोर_गद्दी_छोड़
समस्त दिल्ली वासियों से अपील है कि वोट चोरी के ख़िलाफ़ आवाज उठाएँ, अपने अधिकार बचाएँ!
“वोट चोर-गद्दी छोड़ महारैली”
🗓️14 दिसंबर 2025 | 📍रामलीला मैदान
#वोट_चोर_गद्दी_छोड़
भारत की जनता ये 3 बहुत ज़रूरी और सीधे सवाल पूछ रही है:
1.CJI को EC चयन पैनल से क्यों हटाया?
2.2024 चुनाव से पहले EC को लगभग पूरी कानूनी इम्युनिटी क्यों दी?
3.CCTV फुटेज 45 दिन में नष्ट करने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों?
जवाब एक ही है - BJP चुनाव आयोग को वोट चोरी करने का औज़ार बना रही है।
करोल बाग, देव नगर ब्लॉक कांग्रेस की बैठक में Bhim Sain Banderwal जी की अध्यक्षता में 14 दिसंबर, दोपहर 12 बजे रामलीला मैदान में होने वाली वोट चोर – गद्दी छोड़ महारैली @kharge जी व @RahulGandhi जी के नेतृत्व में) को सफल बनाने का संकल्प, @devendrayadvinc जी के मार्गदर्शन में।
आज नजफ़गढ़ से पूर्व ज़िला अध्यक्ष ओम दत्त यादव जी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात कर उनकी समस्याएँ सुनीं।
दिल्ली के सीमाई गाँवों की ज़मीनें छीनने की साज़िश एक बेहद गंभीर मुद्दा है और हम किसानों के साथ हैं। नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने भी इस विषय को संसद में उठाने का आश्वासन दिया है।
इस दौरान मोहर सिंह प्रधान, एच.के. यादव, त्रिभु प्रधान, रविंदर सिंह, महेन्द्र यादव, दिनेश राणा, बतूराम प्रधान जी मौजूद रहे।
#DelhiCongressWithFarmers
बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
संविधान के शिल्पकार को कोटि-कोटि प्रणाम।
!! जय भीम, जय संविधान !!
#MahaparinirvanDiwas#BabasahebAmbedkar
RSS मुख्यालय की पार्किंग के लिए 1400 साल पुराने हरश्रीनाथ मंदिर को तोड़ा गया यह बेहद शर्मनाक है।
करोल बाग के पूर्व प्रत्याशी राहुल धानक ने इसके खिलाफ RSS कार्यालय के सामने हस्ताक्षर अभियान चलाकर विरोध दर्ज कराया।
RSS से मंदिर बचाओ!
#RSS#KarolBagh#BJP
The LOP meeting foreign dignitaries visiting India is a time-tested democratic tradition, so that our international engagement is deeper and more meaningful.
But those who only wish to speak their own Man ki Baat clearly have no regard for these traditions that serve as important pillars of our foreign policy engagement.
For the last several days, many flights are getting cancelled. Passengers are stressed, losing money and wasting hours at airports.
But the Modi government is not taking this seriously. When citizens suffer, governance cannot remain on autopilot.
People must be compensated for their losses, and someone must be held accountable.
Citizens deserve action, not silence.
बाहर से आने वाले डेलिगेशन के साथ LOP की मीटिंग होती है- ये ट्रेडीशन है, हमेशा से होता आया है।
लेकिन मोदी सरकार बाहर से आने वाले डेलिगेट्स से कहती है कि LOP से न मिलें। ये हर बार किया जा रहा है।
हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व सिर्फ सरकार नहीं, विपक्ष भी करता है, फिर भी सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर के लोगों से मिले।
नेता विपक्ष का बाहर से आए डेलिगेट्स से मिलना एक परंपरा है, लेकिन नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इसे फॉलो नहीं करते हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
लोग किस मौसम का मजा लें?
दिल्ली में बच्चे और बुजुर्ग सांस नहीं ले पा रहे हैं। हर साल हालात बिगड़ते हैं, लेकिन सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, सिर्फ बयानबाजी करती है।
सरकार प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाए, हम सभी साथ खड़े हैं।
: कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
बाहर से आने वाले डेलिगेशन के साथ LOP की मीटिंग होती है- ये ट्रेडीशन है, हमेशा से होता आया है।
लेकिन मोदी सरकार बाहर से आने वाले डेलिगेट्स से कहती है कि LOP से न मिलें। ये हर बार किया जा रहा है।
हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व सिर्फ सरकार नहीं, विपक्ष भी करता है, फिर भी सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर के लोगों से मिले।
नेता विपक्ष का बाहर से आए डेलिगेट्स से मिलना एक परंपरा है, लेकिन नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इसे फॉलो नहीं करते हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
For the last several days, many flights are getting cancelled. Passengers are stressed, losing money and wasting hours at airports.
But the Modi government is not taking this seriously. When citizens suffer, governance cannot remain on autopilot.
People must be compensated for their losses, and someone must be held accountable.
Citizens deserve action, not silence.
मैं आज सदन का ध्यान एक अत्यंत पीड़ादायक और गंभीर विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जो हमारी ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक भावनाओं पर हुए कुठाराघात से जुड़ा है।
यह मामला दिल्ली के झंडेवालान में स्थित ऐतिहासिक बाबा पीर रतन नाथ मंदिर परिसर में DDA द्वारा की गई अवैध तोड़फोड़ का है।
पेशावर के झंडा बाज़ार में स्थित 'दरगाह पीर रतन नाथ जी' आज भी पाकिस्तान में बचे हुए कुछ गिने-चुने हिंदू मंदिरों में से एक हैं, जहां शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह 1400 साल पुराना मंदिर 'नाथ संप्रदाय' की एक अत्यंत दुर्लभ और पवित्र शाखा का प्रतिनिधित्व करता है। यह श्री पीर रतन नाथ जी की गद्दी है, जो गुरु गोरखनाथ जी के प्रत्यक्ष शिष्य थे।
विभाजन के बाद, बाबा मनमोहन दास जी इस पवित्र 'जोत' (आध्यात्मिक लौ) को लेकर दिल्ली आए और झंडेवालान में इस मंदिर की स्थापना की। यह केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं है, यह उस 'नाथ परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जिसने कठिन से कठिन परिस्थितियों में-चाहे वह काबुल हो या पेशावर हिंदू धर्म और संस्कृति को जीवित रखा है। इस डेरे के अनुयायी और महंत आज भी सीमा पार उन स्थानों की सेवा करते हैं।
29 नवंबर 2025 को, जब पूरी दिल्ली में प्रदूषण के कारण GRAP के कड़े प्रतिबंध लागू थे और हर तरह के निर्माण व ध्वस्तीकरण पर रोक थी, तब DDA और प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर इस पवित्र स्थल पर बुलडोजर चला दिया।
बिना किसी पूर्व सूचना के मंदिर की प्राचीन दीवारों और संरचनाओं को गिरा दिया गया और अब वहां स्टील की शटरिंग लगाकर नाकेबंदी कर दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई पास में स्थित RSS मुख्यालय 'केशव कुंज' के विस्तार के लिए की जा रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक 1400 साल पुरानी आध्यात्मिक विरासत को केवल इसलिए कुचला जा रहा है ताकि एक संगठन के कार्यालय के लिए पार्किंग या रास्ता बनाया जा सके।
क्या 'पार्किंग' का महत्व 'परमार्थ' और 'प्रार्थना' से अधिक हो गया है?
सदन को यह जानना आवश्यक है कि यह कोई साधारण मंदिर नहीं है। 'हर श्री नाथ' संप्रदाय की जड़ें पेशावर और अफगानिस्तान में हैं। विभाजन के बाद बाबा मनमोहन दास जी ने पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए इसे एक आध्यात्मिक घर के रूप में स्थापित किया था। आज भी पेशावर के झंडा बाज़ार में इस संप्रदाय का मंदिर खड़ा है, जो वहां के हिंदुओं की आस्था का केंद्र है।
जो महंत और अनुयायी आज भी काबुल और पेशावर जैसी विषम परिस्थितियों में हिंदू धर्म की ज्योति जलाए हुए हैं, उनके दिल्ली स्थित मुख्य केंद्र पर इस तरह का हमला शर्मनाक है। यह कार्रवाई न केवल भारत में बल्कि सीमा पार बैठे हमारे हिंदू भाइयों के विश्वास को भी चकनाचूर करती है।
मेरी सरकार से मांग है:
1. केशव कुंज की पार्किंग के लिए मंदिर की जमीन कब्जाने के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच हो
2. मंदिर की नाकेबंदी तुरंत हटाई जाए और तोड़े गए हिस्से का पुनर्निर्माण कराया जाए
3. GRAP नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो
: राज्यसभा में @ajaymaken जी