माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
राजस्थान सरकार, जयपुर
विषय: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में कैडर आवंटन, पद निर्धारण एवं कार्य आवंटन में अनियमितताओं की जांच तथा नियुक्त अभ्यर्थियों को नियमसम्मत पद पर कार्य कराने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम, 1999 के अंतर्गत हुई है तथा भर्ती विज्ञापन में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है। अतः नियुक्त अभ्यर्थियों के पद एवं कैडर का निर्धारण उक्त नियमों के अनुसार होना चाहिए।
इस संबंध में दो प्रमुख तथ्य महत्वपूर्ण हैं—
1. राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम, 1999:
इन नियमों में चतुर्थ श्रेणी के विभिन्न पद/कैडर पृथक हैं। Peon/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, Sweeper तथा Watchman/Chowkidar को एक ही कैडर मानकर कर्मचारी को मनमाने ढंग से किसी दूसरे पद पर लगाना नियमसम्मत नहीं हो सकता।
2. वित्त विभाग की पद पहचान:
वित्त विभाग के संबंधित आदेशों/अभिलेखों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को Peon के रूप में माना गया है तथा अन्य कार्य-विशिष्ट पद अलग हैं। वित्त विभाग की अनुशंसा के आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को Pay Level-2 भी निर्धारित किया गया है। अतः वर्तमान भर्ती में नियुक्त अभ्यर्थियों का वास्तविक नियुक्ति पद स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
भर्ती के बाद सामने आई प्रमुख अनियमितताएँ
1. शिक्षा विभाग के विभिन्न जिलों में एक ही भर्ती से नियुक्त अभ्यर्थियों को कहीं “सहायक कर्मचारी” तो कहीं “चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी” के पद पर कार्यग्रहण करवाया गया, जिससे पद/कैडर निर्धारण की एकरूपता पर प्रश्न उठता है।
2. कुछ प्रधानाचार्यों द्वारा बिना स्पष्ट सक्षम विभागीय आदेश के Job Chart/AI-generated Job Chart कर्मचारियों को भेजकर उसके आधार पर कार्य निर्धारित किए जा रहे हैं।
3. कुछ स्थानों पर प्रधानाचार्यों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अपनी इच्छा से Watchman/Chowkidar का कार्य कराया जा रहा है, जबकि यह पृथक पद/कैडर होने की स्थिति में गंभीर सेवा नियम संबंधी प्रश्न है। साथ ही कुछ स्थानों पर 12 घंटे की ड्यूटी भी कराई जा रही है।
4. IFMS में “Designation at the First Appointment” के अंतर्गत Fourth Grade/Watchman जैसे अलग-अलग विकल्प दिखाई दे रहे हैं। इस भर्ती के लिए एक समान एवं अधिकृत पदनाम/कोड निर्धारित न होने से भविष्य में सेवा अभिलेख, वरिष्ठता एवं अन्य सेवा लाभों में विवाद की संभावना है।
5. भर्ती विज्ञापन, सेवा नियमों एवं वित्त विभागीय आदेशों के बावजूद नियुक्त अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों पर कार्य कराने की स्थिति उत्पन्न होना पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच का विषय है।
मुख्य निवेदन
एक कर्मचारी की नियुक्ति जिस पद/कैडर पर होती है, उसके सेवा अभिलेख में उसी पद की स्पष्ट पहचान होनी चाहिए। एक ही कर्मचारी को बिना विधिवत पद परिवर्तन/कैडर निर्धारण के Peon, Sweeper अथवा Watchman के रूप में अलग-अलग नहीं माना जाना चाहिए।
अतः निवेदन है कि—
1. भर्ती-2024 में नियुक्त अभ्यर्थियों का मूल नियुक्ति पद एवं कैडर आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया जाए।
2. सभी जिलों में कार्यग्रहण आदेश एवं IFMS में एक समान, नियमसम्मत पदनाम दर्ज करवाया जाए।
3. अनधिकृत Job Chart/Office Manual तथा 12 घंटे की ड्यूटी के संबंध में जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
महोदय, यह विषय हजारों चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पद, कैडर, सेवा अभिलेख एवं भविष्य के सेवा लाभों से संबंधित है। अतः निष्पक्ष जांच करवाकर स्पष्ट एवं लिखित आदेश जारी करवाने की कृपा करें।
संलग्नक: भर्ती विज्ञापन, राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम-1999, वित्त विभागीय आदेश, कार्यग्रहण आदेश (सोशल मीडिया और लोकल मीडिया से) , IFMS स्क्रीनशॉट (यूट्यूब वीडियो से)
भवदीय,
एक चयनित अभ्यर्थी
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 ।।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बहुत सी जगह प्रताड़ित किया जा रहा हैं।
सभी चयनितों का शिक्षा विभाग से निवेदन है कि
एक सुव्यस्थित जॉब चार्ट जारी किया जाएं जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कार्य, स्वीपर (साफ सफाई करने वाले) से अलग हो ।
बाकि कार्य कर लेंगे ।
सभी सरकारी विभाग मे कार्यरत कर्मचारी, अधिकारी का काम फिक्स है तो 4th Grade का भी फिक्स करना चाहिए।
जैसे 3rd Grade L-1 के टीचर का काम है कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना।
L-2 के टीच का काम है कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाना तो 4th Grade का भी काम फिक्स होना चाहिए।
4th Grade से कोई 12 घंटे ड्यूटी करवा रहा है तो रविवार को छुट्टी भी नही...रविवार को हर सरकारी विभाग मे छुट्टी होती है तो 4th Grade वालो ने क्या बिगाड़ा।
@sunil_pachar@RajCMO@ashokgehlot51@alokrajRSSB@GovindDotasra सर जी हम सहायक कर्मचारी है, सफाई कर्मचारी नहीं,विद्यालय में सफाई का काम दिया जा रहा है,जब हम बोलते हैं कि विद्यालय में प्रबंधन समिति द्वाराअलग से साफ सफाई के लिए बजट पारित होता है तो बोला जाता है कि हमारे पास इतने पैसे नहीं आते किहम सफाई कर सके,आपअपने वेतन में से पैसे देकर करवाओ
@O_MasterG Uske liye bagat ata h prabandan samiti se, ye sweeper ka kam, h, adhe se jayda school me sweeper lge huye h, ye vo principal h jo pasa khana chahtey h,
सर जी अन्याय नहीं गोर पाप प्रिंसिपल की दादागिरी नहीं चलेगी उनसे ज्यादा एजुकेटेड है हम, या तो सरकार मान जाती है नहीं आने वाले चुनाव में देखेंगे, बाकी सरकार को ही पता है एक वोट की कीमत क्या है हम तो फिर भी 55000 हैं 55000 का मतलब अगर हम 50 लाख वोट से सहायता पूरी कर ही सकते हैं
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कार्य को लेके कोई क्लियर डिक्लरेशन नहीं है
ऐसे में मनमानी काम करबाने के लिए प्रिंसिपल के दुबारा ऑर्डर दे दिया जाता है
लेकिन ये ऑडर की किस आधार पर दिया ???
12 हॉर्स ड्यूटी करवाना , ओर अपने स्तर पर नियम बना देना उचित नहीं है
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बहुत सी जगह प्रताड़ित किया जा रहा हैं।
सभी चयनितों का शिक्षा विभाग से निवेदन है कि
एक सुव्यस्थित जॉब चार्ट जारी किया जाएं जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कार्य, स्वीपर (साफ सफाई करने वाले) से अलग हो ।
बाकि कार्य कर लेंगे ।
@UdtaPanchi__