आकाश आनंद का भावुक भाषण “बहन जी के पदचिह्न पर चल रहा हूं। हाल ही में बहन जी ने मुझे सजा दी थी। मैंने पूछा आप हर बार मेरी परीक्षा क्यों लेती हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने भी परीक्षा दी थी। मैंने कहा जितनी परीक्षा लेनी है लीजिए। बहुजन समाज के लिए मैं सब कुछ त्यागने को तैयार हूं। बहन जी का सिर झुकाकर मैं धन्यवाद करता हूं” बहन जी से आकाश आनंद ने रैली में सार्वजनिक माफी भी मांगी”
ये तस्वीर कोई आम तस्वीर नहीं है हरीश नागपाल जो निर्दलीय सांसद रहे हों विधायक भी निर्दलीय रहे हों उनकी बेटी बीएसपी से चुनाव लड़ेगी ।
यानी पश्चिम में मेरा अनुमांतसतिक हो रहा है
बिजनौर जनपद ही नहीं पूरे मुरादाबाद मंडल में चर्चा है इस टिकट की ।
महत्वपूर्ण सूचना;
हमने श्री कपिल सिबल से परामर्श किया है। यदि आशु और सौरभ को आज रिहा नहीं किया गया,
तो हम उन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने जानबूझकर यह सुनिश्चित किया कि वे अवैध हिरासत में रहें,
जबकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और न ही उन पर कोई अपराध का आरोप है।
@CJP_for_India
यूपी-नई दिल्ली सीमा पर ग्रेटर नोएडा में संभवतः ज़हरीला खाना खाने से एक ही परिवार के पाँच लोगों की मौत हो जाने की ख़बर अति-दुखद व चिन्तनीय भी है। सरकार इस घटना की सही से जाँच कराके इसके दोषियों के ख़िलाफ ज़रूर सख़्त कार्रवाई करे।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री आकाश आनन्द, अपने रिश्तेदार श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लिये जाने के उपरान्त, अब बी.एस.पी. के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में काफी सूझबूझ व परिपक्वता (मैच्युरिटी) प्रदर्शित करते हुये बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के कार्यों को, परिवार व रिश्ते-नाते आदि के ऊपर प्राथमिकता देते हुये, अपनी ज़िम्मेदारी को निभाने में काफी मेहनत व तेज़ी से लग गये हैं, जबकि ’बहुजन समाज’ के लोगों को उनसे पूरी अपेक्षा भी है।
2. इसी क्रम में श्री आकाश आनन्द आगामी दिनांक 28 अक्तूबर 2026 को ज़िला बुलन्दशहर में, 02 नवम्बर को जिला सहारनपुर में, 20 नवम्बर को ज़िला अयोध्या में, 22 नवम्बर को ज़िला आगरा में तथा दिनांक 29 नवम्बर 2026 को ज़िला कानपुर नगर में बी.एस.पी. द्वारा आयोजित जनसभा को सम्बोधित करेंगे।
3. साथ ही, आगामी 26 नवम्बर 2026 को ’संविधान दिवस’ के मौक़े पर पंजाब स्टेट में बी.एस.पी. द्वारा आयोजित ’विचार संगोष्ठी समारोह’ में वे मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके बाद वे देश में दलितों, अति-पिछड़ों व अन्य उपेक्षित बहुजनों के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण (पुण्यतिथि) दिवस पर आगामी 06 दिसम्बर 2026 को उत्तराखण्ड राज्य के ज़िला हरिद्वार में आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह/जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे।
4. इस प्रकार से श्री आकाश आनन्द द्वारा बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के कार्यों में पूरे जी-जान से अब लग जाने से एक बार पुनः यह साबित होता है कि पिछले दिनों जो भी अप्रिय घटनाक्रम हुये है तो उसके लिये श्री आकाश आनन्द कम व उनके रिश्तेदार श्री अशोक सिद्धार्थ ज़्यादा ज़िम्मेवार हैं, तभी इनको पार्टी से बाहर करके राजनीति से भी सन्यास लेने की सलाह दी गयी।
5. किन्तु स्वार्थी तत्वों द्वारा लोगों को क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे अपनाकर वरग़लाने का काम अभी भी लगातार जारी है, जिससे पार्टी के सभी लोग ज़रूर सावधान व सतर्क रहें और श्री आकाश आनन्द को साैंपे गये सभी पार्टी कार्यक्रमों को पूरे तन, मन, धन से लग कर उन्हें जरुर सफल बनायें।
6. साथ ही, इन अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें कि श्री आकाश आनन्द की तरह श्री अशोक सिद्धार्थ को भी पूर्व की तरह पार्टी में पुनः वापस ले लिया जायेगा। ऐसी अफवाहों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है अर्थात् अब श्री अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में व किसी भी क़ीमत पर फिर से पार्टी में पुनः वापिस नहीं लिया जायेगा।
7. यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि श्री आनन्द कुमार के छोटे बेटे श्री ईशान आनन्द, जो वकालत की अपनी पढ़ाई लंदन से पूरी कर चुके हैं, वे भी मेरे (पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के) दिशा-निर्देशन में, एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में बी.एस.पी. के दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में ख़ासकर पार्टी के चुनाव व अन्य पेपरवर्क आदि से सम्बंधित कार्यों में भी सहयोग करेंगे।
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अभिजीत दीपके की कोई बात क्यों नहीं कर रहा है ??
वो अभी हिरासत में है लेकिन उसको साइड लाइन करने की पूरी तैयारी हो चुकी है. वो दलित होने की क़ीमत चुकाएगा.
1. उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं पंजाब राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा आमचुनाव में पार्टी के अच्छे व दमदार उम्मीदवारों के चयन सहित सघन ज़मीनी तैयारियों आदि के बीच यहाँ जातिवादी मीडिया/सोशल मीडिया द्वारा भी, अभी से ही षडयंत्र के तहत धनबल के दुरुपयोग के सहारे फेक व ध्यान भटकाने वाला, सर्वे/सर्वेक्षण आदि का मिथ्या प्रचार शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्वाभाविक तौर पर बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) को निशाना बनाया जाना यह अति-दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
2. वैसे यहाँ यह कड़वी वास्तविकता भी उल्लेखनीय है कि जातिवादी मीडिया द्वारा चुनाव के दौरान बी.एस.पी. के विरुद्ध हमेशा ही मिथ्या व अनर्गल प्रचार किया जाता है तथा फेक व प्रायोजित सर्वे/सर्वेक्षण आदि में हमेशा कम व कमज़ोर करके आँका जाता रहा है। यहाँ तक कि सन 2007 में भी इनका बर्ताव ऐसा ही जातिवादी व द्वेषपूर्ण रहा था जबकि बी.एस.पी. ने तमाम लोगों के क़यासों व उम्मीदों पर पानी फेरते हुये पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार बनायी थी और फिर यूपी में सबके साथ न्याय करने हेतु ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ कायम करने सहित ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के नये संवैधानिक कल्याणकारी युग की शुरूआत हुई थी।
3. इसीलिय यूपी में पहले सपा और अब भाजपा राज से त्रस्त सर्वसमाज से तथा ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों से यही अपील है कि वे विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों सहित सभी प्रकार के मिथ्या व दुष्प्रचार आदि से ज़रूर सावधान रहें और अपनी मा. बहनजी के नेतृत्व में पाँचवीं बार बी.एस.पी. की सरकार बनाने में पूरे जी-जान से लगातार लगे रहें, जिसमें ही सबका हित निहित व सुरक्षित भी है।
“मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो समानता और भाईचारा सिखाता है!” - बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर
14 अक्टूबर 1956 को परमपूज्य बाबासाहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने नागपुर में अपने लाखों अनुयाइयों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। उन्होंने अष्टांगिक मार्ग की शिक्षाओं में 14 शिक्षाएँ जोड़कर 22 प्रतिज्ञाएँ दी थी और धम्म के रुके हुए चक्र को फिर से गतिमान किया था।
हमारा अधिकार, हमारा सत्य और हमारा आंदोलन इन्हीं 22 प्रतिज्ञाओं से प्रेरित है।
जय भीम, नमो बुद्धाय!
अभिजीत दीपके आज की भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका है. एक बुद्धिस्ट लड़के ने पूरी राजनीति को घुमा दिया है. यह तस्वीर इसकी गवाह है। @abhijeet_dipke
Detention and judicial custody of CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka is undemocratic. Detaining them from Jantar Mantar and now remanding them to custody for “trespassing” a place which was a designated protest site just two days back is solely harassment.
@SauravDassss@AshutoshRanka@AjinkyaCJP
Afraid of popular anger, the government wants to curtail protests and silence dissent. Since when did protesting against an undemocratic order become a crime?
The denotification of Jantar Mantar will be challenged politically and legally. AISF-AIYF’s marched yesterday to reclaim Jantar Mantar and we will intensify our struggle to reclaim our right to protest and our protest site.
Saurav Das and Ashutosh Ranka should be released immediately!
@Cockroachisback@abhijeet_dipke
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अभी हाल ही में अगले छह महीने के अन्दर एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गयी है, किन्तु यह बेहतर होता कि जिन भी सरकारी विभागों में अस्थायी तौर पर लोग वर्षों से कार्यरत हैं उन्हें भी स्थायी नौकरी की व्यवस्था में शामिल किया जाये।
वैसे भी बी.एस.पी. ख़ासकर सरकारी तंत्र में आउटसोर्सिंग एवं संविदा आदि की शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध है और इसीलिये पार्टी की माँग है कि सरकारी नौकरी बहाली के क्रम में एनआरएचएम के अन्तर्गत विगत अनेक वर्षों से निरन्तर सेवा दे रहे है समस्त एनआरएचएम संविदाकार्मिकों को भी स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाये तो यह उचित होगा, जो वे लोग अपने स्थायीकरण आदि की माँगों के समर्थन में पिछले कई दिनों से लखनऊ के मान्यवर श्री कांशीराम जी ईको गार्डेन के पास धरना पर हैं।
इस घटना ने मणिपुर की घटना की याद दिला दी. नारी सम्मान की बड़ी बड़ी बातें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नारी वंदन, आदि सब दिखावा साबित हुआ. किस तरह के यह गुन्डे एक लड़की को दौड़ाकर पीट रहे हैं. किसी भी सरकार को कभी घमंड नहीं पालना चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में उसको भी एक दिन जाना है.जीवन और राजनीति में कुछ भी परमानेंट नहीं होता है. इन पर @DelhiPolice कड़ी कार्यवाही नहीं करती है तो माननीय सुप्रीम कोर्ट और देश की माननीय राष्ट्रपति जी इस पर संज्ञान ले कर कार्यवाही कराएँ और एक बेटी को न्याय दिलायें.