#NPS के चलते पूरे देश के 86 लाख कर्मचारियों का हर महीने तकरीबन ₹5000 करोड़ तीन कंपनियों LIC, UTI और SBI में निवेश किया जाता है और लगभग सरकार भी ₹7000 करोड़ हर महीने इनको देती है। इतनी बड़ी रकम पर 01% की भी ब्याज/रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।जबकि इससे इन बैंकों की दुकान चल रही है। क्या कोई भी बैंक किसी ग्राहक को चार पैसे भी बिना ब्याज के देता है। फिर NPS का विरोध क्यों नहीं करेंगे कर्मचारी। जबकि #GPF में कर्मचारियों को आज भी 7.1% का फिक्स्ड ब्याज मिलता है।
#ManjeetSinghPatel
#NPS के चलते पूरे देश के 86 लाख कर्मचारियों का हर महीने तकरीबन ₹5000 करोड़ तीन कंपनियों LIC, UTI और SBI में निवेश किया जाता है और लगभग सरकार भी ₹7000 करोड़ हर महीने इनको देती है। इतनी बड़ी रकम पर 01% की भी ब्याज/रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।जबकि इससे इन बैंकों की दुकान चल रही है। क्या कोई भी बैंक किसी ग्राहक को चार पैसे भी बिना ब्याज के देता है। फिर NPS का विरोध क्यों नहीं करेंगे कर्मचारी। जबकि #GPF में कर्मचारियों को आज भी 7.1% का फिक्स्ड ब्याज मिलता है।
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