अकबरुद्दीन ओवैसी की बेटी की शादी…
सात समंदर पार लंदन में सम्पन्न हुई….
विडंबना देखिए…
भड़काने के लिए आम मुसलमानों के बच्चे…
पत्थर पकड़ाने के लिए आम मुस्लिम युवक…
दंगे करवाने के लिए गरीब मुस्लिम युवक…
लेकिन अपने बच्चे सात समंदर पार महफ़ूज़…
काश सामान्य मुस्लिम युवक भी ये हक़ीक़त समझ पाते…!!!
तप्त हृदय को , सरस स्नेह से,
जो सहला दे , मित्र वही है।
रूखे मन को , सराबोर कर,
जो नहला दे , मित्र वही है।
प्रिय वियोग ,संतप्त चित्त को ,
जो बहला दे , मित्र वही है।
अश्रु बूँद की , एक झलक से ,
जो दहला दे , मित्र वही है।
मित्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
दुबई की 'एब्रिको फ्रेट कंपनी' के 23 मलयाली कर्मचारियों को कंपनी के मालिक शाजी निलांबुर ने जंतर-मंतर पर हो रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भेजा था।
फ़्लाइट टिकट, खाना, रहने की जगह... इन सभी का खर्च 'स्पॉन्सर' ने उठाया। उन्हें तब तक वहां बने रहने को कहा गया जब तक विरोध-प्रदर्शन चलता रहा।
दुबई में काम करने वाले प्रवासी मज़दूरों का भारत में NEET के लिए विरोध कर रहे छात्रों से क्या लेना-देना है?
आखिर यह 'स्पॉन्सर्ड' भागीदारी क्यों?
@NIA_India@PMOIndia@narendramodi@HMOIndia
कृपया अगर सच है तो डण्डा......
अब CJP के गुंडों पर असली मुसीबत आने वाली है!! 🔥
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक NGO को अनुमति दी है कि CJP प्रदर्शनकारियों द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा वसूली का केस दायर करे।
जिन लोगों ने सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें हुए नुकसान का मुआवजा चुकाना होगा।
देखना इन दो कौड़ी के गुंडों का घर मकान और किडनी तक बिक जाएगी मुआवजा भरने में 😅😅
अखिलेश यादव के चक्कर में पसीना बहाकर पायी नौकरी मोदी योगी को गाली देकर गँवा दिये तीन युवा अमित यादव, विनय कुमार यादव और अभिषेक यादव...
कई दिन से लगातार समझाने का या जो कहने का प्रयत्न कर रहा हूँ
वो अब सामने आने लगा है
हाँ मेरी आवाज उतनी दूर तक नहीं जाती जितनी अखिलेश यादव की जाती है...
भाई वो बड़े आदमी हैं नेता हैं..
मै एक साधारण सा व्यक्ति..
पर हाँ में उनसे बेहतर हूँ... क्यों कि उनकी तरह अपने फायदे के लिए किसी की जिंदगी ख़राब न करता...
तीन युवा इस राजनीति का शिकार हुए...
अमित यादव, विनय कुमार यादव और अभिषेक यादव...
तीनों भारतीय सेना के अग्निवीर हैं...
यह भारतीय सेवा के अग्नि वीर हैं लेह में पोस्टिंग थी
जाहिर सी बात है कि अगर यह अग्नि वीर है तो बहुत अरबपति खानदान के नहीं होंगे एक लोअर मिडल क्लास के होंगे
और इन्होंने सपना देखा होगा या तो यह भारतीय सेवा में परमानेंट हो जाएंगे या फिर 4 साल के बाद इनको एक मुश्त जो रकम मिलेगी उसे यह कोई छोटा-मोटा व्यवसाय करेंगे
इन्होने मूर्खतापूर्ण बकवाश करते हुए एक वीडियो वर्दी में बनाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया... जिसमें आंदोलन के समर्थन के साथ साथ प्रधानमंत्री के लिए भी गलत शब्द प्रयुक्त हुए...
अब आज के दौर में आपका पता, ठिकाना सब पता लगाना बड़ी बात नहीं... तो खूब आप मास्क पहने हों... ID फेक हो... ढूंढ़ लिए जाओगे
वही हुआ... दिल्ली की एक यूट्यूबर ने इनकी कुंडली निकाल पुलिस कंप्लेंन्ट भी दर्ज करवा दी साथ ही पूरी जानकारी लिखित में सबूतों के साथ सेना मुख्यालय भी भेज दी....
आगे क्या होगा... तुम इतने ही बड़े नवाब होते तो अग्निवीर की नौकरी करने तो जाते नहीं...
पिछवाड़ा घिस.. दौड़ लगा नौकरी पायी होगी
अब घर भेजे जाओगे लात मार... या कम से कम अनुशासन की कार्यवाही झेलोगे तो आगे स्थाई नौकरी रहने का ऑप्शन ख़त्म तुम्हारा
अब कौनसे नेता ज़ी आएंगे तुम्हारे और तुम्हारे परिवार की मदद को.... तुम्हारी मूर्खता की कीमत तुम चुकाओगे
और चुकानी चाहिए भी...
कहाँ गए वो डीग मारने वाले.... जाओ भाई
बचाओ इन लड़कों की नौकरी...
और बता दूँ ये महज़ शुरुआत है...
जाने कितनों की जिंदगी नर्क होगी इस सब नाटक के चलते.
मेरे प्यारे Gen Z❤️
तुम्हें लगता है कि कुछ घंटे सड़क पर खड़े होकर....दो चार नारे लगा कर, एक दो पत्थर फेंक कर....पुलिस से आँख मिला कर तुम क्रांतिकारी बन गए?
यही तो सबसे बड़ा भ्रम है।
कुछ मिनट का थ्रिल...कुछ वायरल रीलें...कुछ हजार लाइक...कुछ लोगों की वाहवाही...और फिर?
फिर नेता अपनी गाड़ी में बैठकर निकल जाएगा।
शाम को किसी टीवी डिबेट में बैठकर भाषण देगा.....सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल देगा कि हम अपने युवाओं के साथ हैं
बस... कहानी यहीं खत्म।
लेकिन तुम्हारी कहानी वहीं से शुरू होगी।
किसी थाने की एक फाइल में तुम्हारा नाम लिखा जाएगा......फिर कोर्ट...फिर तारीख...फिर वकील...और उसकी फीस...
और सबसे मेन बात पता है क्या होगी??
कोर्ट में हर तारीख पर तुम्हारे साथ कोई नेता नहीं होगा🤭
वहाँ होंगे तुम्हारे मजबूर माँ बाप...
जिन बेचारों ने शायद ज़िंदगी में कभी थाने का दरवाज़ा तक नहीं देखा होगा.....वो कचहरी की लाइन में खड़े होंगे
तुम्हारा मजबूर बाप ऑफिस से छुट्टी लेकर आएगा और वकील की फीस भरेगा।
वो लोगों के ताने सुनेगा और घर लौटकर तुम्हारी माँ से झूठ बोलेगा कि सब ठीक हो जाएगा...
जबकि अंदर ही अंदर उसे भी नहीं पता होगा कि आगे क्या होने वाला है।
और जिन नेताओं ने कहा था...हम लीगल हेल्प देंगे...
बिल्कुल देंगे.....वो लीगल हेल्प देंगे अपने कार्यकर्ताओं को जो छात्र भेष में तुम्हारे साथ खड़ा हुआ दंगे कर रहा है और तुम्हे उकसा रहा है😓
तुम्हे भी देंगे.....तुम्हे देंगे वो किसी वकील का नंबर या ज्यादा हुआ तो आमने सामने मिलवा देंगे।
उसके बाद तुम...तुम्हारा परिवार...और तुम्हारी किस्मत।
मेरे भाई...आज जिस हाथ में पत्थर है...कल उसी हाथ में तुम्हें ऑफर लेटर पकड़ना है।
आज जिस गले से नारे निकल रहे हैं...कल उसी गले से इंटरव्यू में अपना परिचय देना होगा।
आज जिस चेहरे पर गुस्सा दिख रहा है...कल उसी चेहरे की बैकग्राउंड वेरिफिकेशन होगी।
याद रखना...दुनिया बदल गई है।
कैमरे सिर्फ सड़कों पर नहीं हैं...हर मोबाइल में है और मोबाइल हर हाथ में है।
तुम्हे लगता है कि मोबाइल तुम्हारे इशारों पर काम करता है🤣 नही शोना बाबू नही
वो सब कुछ देख रहा है सब कुछ सुन रहा है🤭 बाकी वीडियो बनाते हो फोटो खींचते हो ये सोच के की बाद में डिलीट कर देंगे.....न मेरे शोना ना🥰
वो डिलीट करने के बाद भी डिलीट नही होती है
डिजिटल रिकॉर्ड मिटते नहीं, घूमते रहते हैं।
और अगर किसी गंभीर मामले में नाम आ गया....जो आना पक्का है👍 तो उसका असर सिर्फ सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रहेगा....
हो सकता है प्राइवेट कंपनी में चपरासी की नौकरी के भी लाले पड़ जाएं।
यू एस पू एस यूरोप शुरोप को तो भूल ही जाना🙆
नौकरी देते समय कोई HR यह नहीं पूछता कि तुम किस विचारधारा के थे...वो सिर्फ यह देखेगा कि तुम्हारा बैकग्राउंड क्या कहता है।
एक छोटी सी गलती...सालों की मेहनत पर भारी पड़ सकती है।
रुझान आ भी रहे है जहां अब बच्चे रो रहे है कि पुलिस डिटेन कर रही है....यही होना भी था.....कोई सरप्राइजिंग नही है
एक बात और...
नेता बदलते रहेंगे...मुद्दे बदलते रहेंगे...हैशटैग बदलते रहेंगे...लेकिन अगर एक बार तुम्हारा भविष्य बिगड़ गया😓
तो उसे ठीक करने कोई नेता नहीं आएगा।
इसलिए मेरे प्यारे Gen Z...याद रखना
पत्थर उठाने में पाँच सेकंड लगते हैं...लेकिन उस पत्थर की कीमत चुकाने में कभी कभी तुम्हारी और तुम्हारे परिवार की पूरी ज़िंदगी निकल जाती है🙏
साभार
मै पहले से ही कह रहीं हूँ की आम आदमी पार्टी के कार्यकर्त्ता मतलब केजरीवाल भारत को नेपाल बनाना चाहता है।
केजरीवाल एक कामचोर और गद्दार है जिसे NEET से कोई मतलब नहीं बस अपनी राजनीती चमकानी है।
अगर अब नहीं समझे तो कभी नहीं समझोगे
विजेता दहिया को सुनो ये बार-बार कह रहा एक
महीने से एक पैसे का काम नहीं किया तो क्या
अभिजीत दीपके ने या सौरभ दास ने किया क्या?
जी हां किया पैसा जो आया दीपके डकार गया
इसको मिला नहीं तो ये नाराज़ है अपना गुस्सा
निकला रहा है अभी और राज खोलेगा ये।
🚨इतना साथ दो की मामला योगी जी तक पहुंचे🚨
महिलाओं के साथ इस तरह का तथाकथित "प्रैंक" किसी भी तरह मनोरंजन नहीं, बल्कि हैरासमेंट है।
Instagram ID: shainy_khan_official ये कानपुर का लड़का पर्स में €*ndom रख कर उसे सड़क पर रख देता है फिर जब कोई रैंडम लड़की उस पर्स को उठाती है और खोलकर देखती है तो वह असहज हो जाती है फिर इस पूरे मामले का हिडन कैमरे से लड़कियों का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड करता है और अ"श्लिल कंटेंट के नाम पर लाखों व्यूज़ बटोरता है।
यह महिलाओं की गरिमा और निजता के साथ खिलवाड़ है। ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देने वालों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित वीडियो हटाए जाने चाहिए।
Hello @kanpurnagarpol कृपया संज्ञान लेकर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें
@igrangekanpur@adgzonekanpur@MIB_India@NCWIndia@CMOfficeUP@Uppolice@dgpup@myogiadityanath
महिलाओं के मान सम्मान से खिलवाड़ नहीं होने देंगे जय हिंद जय भारत 🇮🇳🙏
सुप्रीम कोर्ट के जज लोग मां की गाली खा रहे हैं
जजों को खुद सोचना चाहिए कि आज क्यों उन्हें मां की गालियां दी जा रही है
कैंसर पेशेंट जो एकदम मरने वाली है लास्ट स्टेज का कैंसर है उसने कुल 57 बार याचिका दायर करके कहा कि उसका मामला जल्दी सुन लिया जाए क्योंकि उसे फोर्थ स्टेज का कैंसर है
और अंत में बगैर न्याय के वह कैंसर पेशेंट इस दुनिया से चली गई
लेकिन जज ने उसका मामला नहीं सुना
तीस्ता सेतलवाड़ को दो बार आउट ऑफ द वे जाकर सुप्रीम कोर्ट ने जेल जाने से बचाया एक बार जब उसके दरवाजे पर गुजरात पुलिस थी तब कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के जज को फोन किया और दुनिया में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जज ने डेढ़ मिनट के फोन पर तीस्ता सेतलवाड़ को जमानत दे दिया
और सुप्रीम कोर्ट के उस जज ने कहा मैंने तो फोन पर सुनवाई कर लिया
फिर बाद में पता चला उसे जज की बेटी तो तीस्ता से तलवार के एनजीओ में भागीदारी में थी
दूसरी बार फिर इस तीस्ता सेतलवाड़ को रात को 11:00 बजे एक सुप्रीम कोर्ट के जज ने घर पर सुनवाई करके जमानत दे दिया और जेल जाने से बचा लिया
अब आप समझ गए होंगे कि क्यों जनता कोर्ट रूम में इन जजों को मां की गाली दे रही है
उधर निदा खान को जज ने सिर्फ इसलिए जमानत दे दिया कि उसने कहा कि जेल में उसका बेटा पैदा होकर भगवान श्री कृष्ण की तरह जिंदगी भर का कलंक नहीं ले सकता
तो भाई राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी को यह सुविधा क्यों नहीं दी गई नलिनी की बेटी तो जेल में पैदा हुई तो कानून में ऐसा भेदभाव जज लोग क्यों कर रहे हैं??
हालांकि में गालियों का समर्थन नहीं करता लेकिन जजों को खुद आत्म निरीक्षण करना चाहिए कि आखिर उनका आचरण ऐसा हो कि उन्हें लोग सम्मान करें
जुनैद... शाहीन बाग़ में भी लंगर लगाता है
जुनैद... वक्फ बिल के खिलाफ प्रोटेस्ट में भी
लंगर लगाता है
जुनैद.... कॉकरोच प्रोटेस्ट में भी लंगर लगाता है
आखिर जुनैद के पास लंगर के लिए करोङो रुपया कहाँ से आता है ?
भारतीय एजेंसियाँ क्या कर रही हैं ?
@PMOIndia@HMOIndia
भूमिकाएँ बदल दीजिए।
वीडियो में मोदी को रखिए और किसी भी नेता से झुकने को कहिए।
शाम तक लोकतंत्र खतरे में आ जाएगा, संविधान खतरे के निशान तक पहुँच जाएगा और आरक्षण अधर में लटक जाएगा।
“हम मोदी जी और योगी जी को इस्लाम क़बूल करने की दावत देते हैं, 2014 के बाद से हमने बीस लाख हिंदुओं को मुसलमान बनाया, शरीयत का क़ानून लागू करके इस देश को अफ़ग़ानिस्तान बनाना है”
~ डरा हुआ अब्दुल
Airport पर कैसे गैर–जिम्मेदार तरीके से सामान फेंका जाता हैं
बैग में किसी की मेहनत और सपना का कीमती सामान हो सकता हैं
कोई अपने बच्चों के लिए गिफ्ट लाता है, जो टूटा हुआ मिलता है
उस दर्द और दुख को ये लोग कभी नहीं समझ सकते
क्या किसी के सामान को ऐसे तोड़ना सही है❓