GVK emri 1962 ( MVD) इसमें बाहरी तौर पर पशु चिकित्सक की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है
जिस प्रक्रिया में कोई मानक तय नहीं किये जा
रहें हैं और वेतन कम करके देने की बात चल रही है और प्रशिक्षण के नाम पर 20000₹की
डी.डी. ले रहें हैं।
• 4 नई नौकरियों में OBC की 183 पद की लूट।
• बिना संशोधन पदों पर भर्ती की तैयारी।
• बीजेपी सरकार 69 हज़ार शिक्षक भर्ती घोटाले में सुप्रीम कोर्ट में सरकारी अधिवक्ता नहीं भेजती है और केस की डेट जान बूझकर टलवाई जाती है।
• जब समाजवादी पार्टी PDA पंचायत करके गांव-गांव इन मुद्दों को उठाती है तो वहाँ पर स्वजातीय पुलिस भेज के PDA पंचायत को रोका जाता है।
• वहीं सीधे जाति के नाम प विधायकों की बैठक होने दी जाती है।
• OBC समाज ने ठाना है - 2027 में BJP को UP से भगाना है, अपनी पीडीए सरकार का परचम लहराया है।
अगड़ों को सौगात, पिछड़ों को मारी लात
पशुचिकित्सा अधिकारी के 404 पदों में पिछड़ों को 109 पद मिलना था लेकिन एक पद भी नहीं मिला
पिछड़ों तुम घंटा बजाओ....योगी सरकार की जय हो
योगी सरकार की हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी
पिछड़ा समाज जिसकी प्रदेश में 50% से अधिक आबादी है उसे जीरो पद दिया है 😂
पिछड़ों को बस पांच किलो राशन चाहिए नौकरी लेकर क्या करेंगे
लेखपाल भर्ती में आरक्षण घोटाले के बाद UPPSC में OBC आरक्षण घोटाला
OBC को EWS से भी कम पद आवंटित हुए
आज UPPSC ने स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (HEO) के कुल 221 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है। जिसमें OBC वर्ग को मात्र 20 पद दिए गए हैं, जो कुल पदों का मात्र 9% है। जबकि EWS को 10% के हिसाब से 22 पद दिए गए हैं।
कुल 221 पदों का वर्गवार विवरण निम्न है👇
UR - 143
OBC - 20
EWS - 22
SC - 21
ST - 15
HEO के कुल 221 पदों के सापेक्ष 27 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से OBC को लगभग 60 पद मिलने थे, लेकिन मिला मात्र 20।
यानी एक बार फिर से योगी सरकार ने पिछड़ों(OBC) के 40 पदों पर डाका डाल दिया।
यूपी में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए खुशखबरी;
पशुधन विभाग में पशुचिकित्सा अधिकारी की कुल 404 पदों की वेकैंसी आई है,
जनरल: 243 पद
SC: 84 पद
ST: 37 पद
EWS: 40 पद
OBC: शून्य (00)🔥
उप्र मोबाइल वेटनरी ऐम्बोलेन्स 1962 का उद्घाटन समारोह दो महीने पहले हुआ था आज की स्थिति यह की उसमें पेट्रोल और दवाईयां नहीं है न ही पशुओं का ईलाज हो पा रहा है कम्पनियां पूरा रुपए खा रहीं हैं।
@CMOfficeUP
उप्र मोबाइल वेटनरी ऐम्बोलेन्स 1962 का उद्घाटन समारोह दो महीने पहले हुआ था आज की स्थिति यह की उसमें पेट्रोल और दवाईयां नहीं है न ही पशुओं का ईलाज हो पा रहा है कम्पनियां पूरा रुपए खा रहीं हैं।
@CMOfficeUP
"यह बूढ़ी दादी वसूली गैंग चलाती हैं। रंगदारी मांगती हैं।"
ऐसा हम नहीं बाबा की पुलिस कह रही है।
कानपुर पुलिस ने इनपर रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज करके थाने में बुलाया है।
UP पुलिस ने 100 साल की इतनी बड़ी अपराधी को पकड़ लिया है। उसके लिए शाबाशी तो बनती है।
हाँ! अब गलती से भी इसे फ़र्ज़ी मुकदमा न कह दीजिएगा।
रामराज धोखा है, पहले भी रामराज के नाम पर कभी शम्बूक का सिर काटा गया तो कभी एकलव्य का अंगूठा और अब दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों का आरक्षण काटा जा रहा है, यानी संविधान प्रदत्त आरक्षण खत्म किया जा रहा है। जागो सावधान हो जाओ। रामराज हटाओ-आरक्षण बचाओ।