RIP
मौत तो आनी है तो फिर मौत का क्यों डर रखूँ,
जिन्दगी आ, तेरे क़दमों पर मैं अपना सर रखूँ....
कौन जाने कब बुलावा आए और जाना पड़े,
सोचता हूँ हर घड़ी तैयार अब बिस्तर रखूँ....
डॉ. कुंअर बेचैन
1942 - 2021
हसबैंड :- चाय की पत्ती कहाँ है ?
वाइफ :- आप को कोई काम कह दो तो जैसे पहाड़ टूट पड़ता है 😡
सामने पड़ी चीज़ नज़र ही नहीं आती,
वो बर्तनों वाली अलमारी खोलो, उसके मिर्च-मसाले वाले खानों में जो बोर्नविटा का डिब्बा पड़ा है,
जिस पर नमक लिखा है,
"उसमें चाय की पत्ती है"😏
🤦😂 😝 🤣
पति : आज रोटी...
कुछ मोटी नहीं बनी है..??
.
भड़की हुई पत्नी : बाहर बर्गर खाने के लिए
इतना बड़ा मुँह खोल लेते हो...
.
लेकिन घर मे रोटी
और पत्नी पतली ही चाहिए..😠😠
😂😁🤣😄😅😉😆🤣😁
कबाड़ भरी ज़िन्दगी में जब ये ड्रम हँस सकता है तो फिर आप क्यों नहीं..??😊😊
जब कि इस बेचारे की तो एक आँख भी नहीं है, और दाँत भी एक ही है..😂🤣
😆😂 हँसते रहिए मुस्कुराते रहिए 😂😆