ट्रम्प के भारत दौरे के समय शाहीन बाग और दिल्ली दंगे तो याद हैं आपको ?
सिर्फ भारत को बदनाम करने की साजिश थी
अब 5 सितंबर को फिर से धरना प्रदर्शन पर किस लिए ? Brics सम्मेलन होने जा रहा है और विश्व पटल पर फिर से भारत को बदनाम करने का प्रयास शायद।
अब समय आ गया है इन्हें अरेस्ट किया जाए
एक-दो को गाड़ी में घुमाया जाए।
क्योंकि ये ज्यादा हो रहा है।
मर गई है कॉन्ग्रेस!
मुद्दा फुसफुसा कर रह जाती है!!
🎯 पैलेट गन का क्या हुआ?
🎯 छात्रों की गूंज का क्या हुआ?
🎯 मनुस्मृति का क्या हुआ?
🎯 हल्द्वानी का क्या हुआ?
🎯 कागज के कप क्या हुआ?
एक सप्ताह तक भी मुद्दा नहीं चला पाते 😂😜🤦
पीएम मोदी के उच्चारण का मज़ाक उड़ाने निकला था, लेकिन खुद की अंग्रेज़ी ने ही उसकी पोल खोल दी।
दूसरों की अंग्रेज़ी पर तंज कसते-कसते अपनी भाषा और ज्ञान की कमज़ोरी सबके सामने उजागर कर बैठा। 😄😂
बेचारे नीले कबूतर मुझपे FIR करवाने थाने गए थे पुलिसवालों ने लात मा*"र*"कर" भगा दिया....।
बस पुलिसवालो ने नीले कबूतरों से पूछ लिया कि किस धारा के अन्तर्गत केस करना है बस फिर क्या था सिट्टी पिट्टी गुम हो गई...😂
Congress burnt Manusmriti today
Tomorrow they will burn Ramayana & Mahabharata
After that they will burn Bhagavad Gita and Vedas
Enough is enough Hindus pls throw the bar dancer family out of our country ✊
13 साल से नरेंद्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री है
और इन 13 सालों में विपक्ष को सरकार के खिलाफ मुद्दा क्या मिल रहा है ??
मनुस्मृति और चाय का कप और लड़कियों को गाली देने की आजादी
अब आप खुद सोचिए कि विपक्ष कितना मुद्दाविहीन है सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं मिल रहा 🤣😂
आज एक शानदार ट्वीट हाथ लगा -
बंदी लिखती है कि - मैंने इंडियन जॉब मार्केट को एनालाइज़ किया और अभी सबसे ज़्यादा सैलरी वाले करियर ये हैं:
1. PG ओनर:
इस आदमी ने एक कमरे में 3 लोगों को रखा है, हर एक को ₹10k–15k मिलते हैं।
वह शायद फ्लैट का ₹40k किराया दे रहा है और उससे ₹1–1.5 लाख कमा रहा है।
2. सुट्टा शॉप ओनर:
हज़ारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर इस आदमी की वजह से ज़िंदा हैं।
कोई पिच डेक नहीं। कोई MBA नहीं। कोई स्टार्टअप फंडिंग नहीं।
एक ₹5 की सिगरेट ₹15 में बिकती है।
कुछ दुकानें टेक पार्क के बाहर सिर्फ़ चाय, सिगरेट और स्नैक्स बेचकर महीने के ₹30k–50k कमाती हैं।
3. बैंगलोर लैंडलॉर्ड:
एक 2BHK ₹90 लाख में खरीदता है, उसे ₹50k/महीने किराए पर देता है और गायब हो जाता है।
कोई गीज़र ठीक नहीं। कोई पेंट नहीं। कोई मेंटेनेंस नहीं।
बस हर साल 10% किराया बढ़ाओ और WhatsApp पर "लास्ट प्राइस" भेज दो।
4. वॉटर टैंकर मालिक:
यह आदमी सच में बैंगलोर का अपना पानी बैंगलोर के लोगों को वापस बेचता है। ₹1200–1500 प्रति टैंकर। रोज़ कई चक्कर। ( हमारे यहाँ वाला 2,000 लेता है)
पानी की कमी के दौरान, टैंकर मालिकों ने हड़ताल भी की।
सोचो किसी शहर में इतनी पावर हो।
5. ब्रोकर:
तुम्हें 3 बहुत खराब फ्लैट दिखाता है।
एक में लीकेज है। एक में चूहे हैं।
तीसरा "मेट्रो से पैदल दूरी पर" है जो किसी तरह 5 km दूर है।
तुम फिर भी उसे ले लो।
फिर तुम और मकान मालिक दोनों उसे एक महीने का किराया देते हो।
इस बीच, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सैलरी बढ़ने की उम्मीद में रात 2 बजे DSA के सवाल हल कर रहे हैं।
सौरव दास और CJP आखिर 5 सितंबर को क्या करने वाले हैं? 🤯
प्रश्न: “दिल्ली में BRICS Summit हो रहा है, इंडिया गेट से सिर्फ 5 किमी दूर। फिर भी आप उसी समय प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?”
सौरव दास: “प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है। अगर Gen Z सरकार से खुश नहीं है तो वह PM या CM बदलने की मांग कर सकती है। BRICS Summit का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” 😟
प्रश्न: “फिर BRICS Summit की तारीखों के आसपास ही प्रदर्शन क्यों?”
सौरव दास: “भारत किसी भी Summit से बड़ा है। अगर सरकार अच्छी नहीं है तो हमें अच्छी सरकार ढूंढनी होगी, और इसके लिए 5 सितंबर को हम कुछ खास करने वाले हैं।” 🤐
अब सवाल यह है कि आखिर वह ‘कुछ खास’ क्या है, जिसकी बात बार-बार की जा रही है? 🤔
मूवी के इस दृश्य में एक अद्भुत तथ्य छुपा हुआ है,,ये "बंदर" जो इस क्लिप में दिखाई दे रहा है वो वास्तव में मूवी का हिस्सा था ही नही। फिल्म के डायरेक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया की जब हम मूर्ति की स्थापना कर रहे थे तब अचानक कहीं से एक बंदर आकर ठीक उसी स्थान आकर पेड़ पर बैठ गया। साक्षात हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद जान कर नारियल चढ़ाकर अपने हाथो से उन्हें प्रसाद खिलाई और मौका देखकर कैमरा में इस शॉट को शूट किया, बंदर भी तब तक वहां बैठा ही रहा जब तक की शूटिंग पूरी नही हो गई।